सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत गोशैसिंहपुर बाजार में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया। बाजार स्थित प्रसिद्ध प्रतिष्ठान 'पंकज वस्त्रालय' के मालिक बसंतलाल अग्रहरि ने भव्य रूप से एक प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर, प्रतिष्ठान की ओर से स्थानीय राहगीरों, ग्राहकों और श्रद्धालुओं को बड़े ही सेवा भाव के साथ नुक्ति (बूंदी) और छोले का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को इस भंडारे से काफी राहत मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रतिष्ठान के स्टाफ और स्थानीय युवाओं ने सराहनीय सहयोग दिया, जिसकी क्षेत्र के नागरिकों ने बसंतलाल अग्रहरि के इस धार्मिक और सामाजिक कार्य की जमकर प्रशंसा की।
सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत गोशैसिंहपुर बाजार में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया। बाजार स्थित प्रसिद्ध प्रतिष्ठान 'पंकज वस्त्रालय' के मालिक बसंतलाल अग्रहरि ने भव्य रूप से एक प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर, प्रतिष्ठान की ओर से स्थानीय राहगीरों, ग्राहकों और श्रद्धालुओं को बड़े ही सेवा भाव के साथ नुक्ति (बूंदी) और छोले का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को इस भंडारे से काफी राहत मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रतिष्ठान के स्टाफ और स्थानीय युवाओं ने सराहनीय सहयोग दिया, जिसकी क्षेत्र के नागरिकों ने बसंतलाल अग्रहरि के इस धार्मिक और सामाजिक कार्य की जमकर प्रशंसा की।
- सोशल मीडिया पर हाल ही में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न्याय प्रणाली और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। यह मामला एक ऐसे बुजुर्ग से जुड़ा है जिन्हें अदालत के आदेश पर 33 साल पुराने एक मामले में जेल भेजा गया है, जिसके बाद जनता के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी 84 वर्षीय बुजुर्ग को इतने पुराने मामले में जेल भेजना पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका स्पष्ट मत है कि अधिक उम्र होने मात्र से किसी व्यक्ति को सजा या न्यायिक हिरासत से स्वतः छूट नहीं मिलती, क्योंकि कानून की नजर में अपराध की गंभीरता और अदालत का आदेश सर्वोपरि होता है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी ढलती उम्र में बुजुर्ग अकेले जेल में रह पाएंगे। इस प्रश्न का उत्तर बुजुर्ग की स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक क्षमता और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर निर्भर करता है। आमतौर पर, जेल प्रशासन वृद्ध और बीमार कैदियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करता है। यदि किसी बुजुर्ग कैदी की हालत गंभीर हो जाती है, तो उनके पास जमानत, सजा के स्थगन, या मानवीय आधार पर अन्य कानूनी राहत जैसी कानूनी रास्ते खुले रहते हैं। हालांकि, केवल एक सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि बुजुर्ग जेल में रह पाएंगे या नहीं; इसके लिए मामले के ठोस तथ्य, अदालत का मूल आदेश और बुजुर्ग की वास्तविक चिकित्सीय स्थिति जानना बेहद आवश्यक है।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ में समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2 जून को तहसील पर प्रस्तावित एक “विशाल प्रदर्शन” के लिए नया पोस्टर जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब पहले जारी किए गए पोस्टर से जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमात्मा यादव, राममूर्ति चौरसिया, और राजबली यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें गायब होने की खबर सामने आई थी, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। नए पोस्टर में अब परमात्मा यादव के साथ अतेन्द्र जायसवाल, ई. राममूर्ति चौरसिया, राजबली यादव उर्फ काका, सत्यपाल यादव और संतोष पांडेय प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर के निचले हिस्से में कई अन्य कार्यकर्ताओं के नाम और फोटो भी शामिल किए गए हैं, लेकिन जिला महासचिव सलाउद्दीन सिद्दीकी की तस्वीर अभी भी इस नए पोस्टर से नदारद है। सूत्रों के अनुसार, पहले पोस्टर से इन नेताओं के गायब होने को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष था, और इस घटना को पार्टी के भीतर की गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा था। विवाद बढ़ने के बाद, देर रात आनन-फानन में प्रिंटिंग प्रेस पर नया पोस्टर छपवाकर इस असंतोष को दूर करने का प्रयास किया गया है। इस पूरी घटना से लम्भुआ विधानसभा सीट के लिए विभिन्न दावेदारों के बीच चल रही होड़ और उनके आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।4
- महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्यानगर) से आए श्रद्धालु एक विस्तृत तीर्थयात्रा पर हैं, जिसमें उन्होंने चारों धाम के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान, भक्तों ने हरिद्वार, उत्तराखंड से चलकर अयोध्या धाम और वाराणसी में काशी पीठ के दर्शन किए। इसके उपरांत, उन्होंने इलाहाबाद, प्रयाग और चित्रकूट के पवित्र स्थानों का भी भ्रमण किया। गुरु कृपा से आज शाम वे इन सभी दर्शनों के बाद वापस अहिल्यानगर जाएंगे।2
- सुल्तानपुर जिले के लंभुआ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में बिस्तरों की भारी कमी के कारण मरीजों को भर्ती होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई वार्डों में एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीजों को रखकर उनका इलाज किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की लगातार बढ़ती आबादी के अनुरूप स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार नहीं किया गया है। इसी समस्या को देखते हुए मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल में बिस्तरों की संख्या, कर्मचारियों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को तत्काल बढ़ाने की मांग की है।1
- राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एक खुली चेतावनी जारी की है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी गरीब सहाय को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।1
- अम्बेडकरनगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिलावट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आशुतोष ऊर्फ शुभम सिंह को उनके सगे चाचा ने गोली मारकर घायल कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और घायल आशुतोष को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने परिजनों से तहरीर प्राप्त कर ली है और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस मामले पर सीओ भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर से एक नाबालिग हिंदू लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में इस नाबालिग लड़की को एक मुस्लिम युवती के साथ जाते हुए देखा गया है। पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।1
- सुल्तानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र के भीटी पहाड़पुर गांव में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के परिजनों ने अज्ञात लोगों पर युवक की हत्या कर शव फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है और पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान भीटी पहाड़पुर निवासी बाबूराम, पुत्र स्वर्गीय राममिलन के रूप में हुई है। मृतक के भाई रामजियावन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि बाबूराम 30 मई 2026 को शाम लगभग 4 बजे घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। 31 मई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे ग्राम प्रधान द्वारा सूचना दी गई कि एक शव बरामद हुआ है। परिजनों के मौके पर पहुंचने पर शव की पहचान बाबूराम के रूप में हुई। उनका शव घर से करीब तीन किलोमीटर दूर ग्राम बीरी हाजीपुर स्थित सुरेश निषाद के ट्यूबवेल के बरामदे में पड़ा मिला। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि बाबूराम की अज्ञात लोगों द्वारा हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और बताया गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1