छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई 2026 को नागपुर से लौटते समय देवरी गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत परिचय दिया। हाईवे पर दुर्घटना देखकर उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, लेकिन उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन वापस मोड़ा और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। हादसे वाली जगह पर चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था, घायल लोग चीख-पुकार रहे थे और भारी जाम लगा हुआ था। तरुणा साहू ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु कराया ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सके और फिर घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों से घायलों का जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का विशेष अनुरोध भी किया। जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार राजनांदगांव का ही रहने वाला है, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी केवल अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने पीड़ित परिवार का सारा सामान अपनी ही गाड़ी से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई। वर्तमान में कुछ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। संकट की इस घड़ी में तरुणा साहू ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का भी प्रतीक है। रेलवे में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पंडवानी कला के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश भर में पहचान दिलाने वाली तरुणा साहू का यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई 2026 को नागपुर से लौटते समय देवरी गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत परिचय दिया। हाईवे पर दुर्घटना देखकर उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, लेकिन उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन वापस मोड़ा और तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। हादसे वाली जगह पर चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था, घायल लोग चीख-पुकार रहे थे और भारी जाम लगा हुआ था। तरुणा साहू ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु कराया ताकि एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सके और फिर घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल भिजवाया। इसके बाद उन्होंने खुद अस्पताल जाकर डॉक्टरों से घायलों का जल्द से जल्द इलाज शुरू करने का विशेष अनुरोध भी किया। जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार राजनांदगांव का ही रहने वाला है, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी केवल अस्पताल पहुंचाने तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने पीड़ित परिवार का सारा सामान अपनी ही गाड़ी से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई। वर्तमान में कुछ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। संकट की इस घड़ी में तरुणा साहू ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ही नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा का भी प्रतीक है। रेलवे में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पंडवानी कला के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश भर में पहचान दिलाने वाली तरुणा साहू का यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
- छत्तीसगढ़ में युवा मोर्चा के साथियों के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन भवन का भ्रमण करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे लोकतंत्र के महत्वपूर्ण मंदिर के रूप में बेहद निकट से देखना एक प्रेरणादायक अनुभव रहा। यह विधानसभा भवन केवल एक सामान्य संरचना नहीं है, बल्कि यह राज्य की जनता की आकांक्षाओं, उनके विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों का केंद्र बिंदु है। इस अवसर पर यह बात रेखांकित की गई कि युवा शक्ति की सक्रिय सहभागिता ही हमारे सशक्त लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।1
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी में द्रोणाचार्य दुबे को चिरमिरी खड़गवां पत्रकार संघ का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- नेतृत्व केवल मंच से भाषण देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि असल जिंदगी में उतरने और व्यावहारिक धरातल पर काम करने से ही कोई व्यक्ति सच्चा नेता बनता है। कोरी भाषणबाजी के बजाय वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और संघर्षों के बीच सक्रिय भागीदारी ही वास्तविक नेता की पहचान है।1
- इंदौर जैसे शहरों में छात्रों का प्रोटेस्ट और उनका विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। छात्र अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कल से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद किसान भाइयों को बड़ी राहत मिली है और वे राहत की सांस ले रहे हैं। इलाके में कल से ही बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, जो बीच में कुछ घंटों के लिए रुकी जरूर थी, लेकिन अब इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। इस झमाझम बारिश से पूरा जिला भीग चुका है। किसानों का कहना है कि अगर अभी 1-2 दिन और इसी तरह पानी बरस जाता है, तो उनका काम बेहद आसानी से चल जाएगा।1
- छत्तीसगढ़ में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है और वे रातभर धरना स्थल पर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पूरी रात हाथों में संविधान की किताब लेकर बैठे रहे और बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इस प्रदर्शन ने क्षेत्र के राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत पटना क्षेत्र से आ रही इस खबर को बड़े नेशनल मीडिया चैनल्स द्वारा नहीं दिखाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले में दोनों पक्षों की बात सुने जाने की वकालत की जा रही है। जहां एक तरफ केवल यह प्रचारित किया जा रहा है कि युवाओं ने वहां आतंक मचाया था, वहीं दूसरी तरफ की सच्चाई को पूरी तरह छिपाया जा रहा है। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पूरी कहानी साफ हो रही है। वीडियो के हवाले से बताया गया है कि वहां मौजूद युवाओं के साथ-साथ मीडियाकर्मियों का भी सिर फोड़ दिया गया और उन पर जी-जान लगाकर बेरहमी से लाठियां भांजी गईं। इस एकतरफा रिपोर्टिंग और बर्बरता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।1