हिन्दू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर पुंवायां क्षेत्र के कस्बा मिशन स्थित हरदेव राजा स्थल के आसपास निवास कर रहे 61 परिवारों को जबरन उजाड़े जाने से बचाने की मांग की है। संगठन के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष अवनीश मिश्र के नेतृत्व में पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया। ज्ञापन में बताया गया है कि हरदेव राजा का यह स्थल एक प्राचीन धार्मिक केंद्र है, जो क्षेत्र की आस्था का महत्वपूर्ण बिंदु है और यहां प्रतिवर्ष ग्राम देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोग इस धार्मिक स्थल के आसपास की भूमि को टुकड़ों में बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इस कोशिश से न केवल धार्मिक स्थल, बल्कि लोहार बढ़ैया समाज के लगभग 61 परिवार भी संकट में आ गए हैं, जो पिछले चार पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बिजली कनेक्शन भी उसी पते पर दर्ज हैं। हिन्दू युवा संगठन ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि वे इस प्राचीन धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और साथ ही वर्षों से रह रहे इन परिवारों को किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली से संरक्षण प्रदान करें। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनजागरण और आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक राजेश अवस्थी एडवोकेट, कोषाध्यक्ष साहिल गर्ग सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
हिन्दू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर पुंवायां क्षेत्र के कस्बा मिशन स्थित हरदेव राजा स्थल के आसपास निवास कर रहे 61 परिवारों को जबरन उजाड़े जाने से बचाने की मांग की है। संगठन के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष अवनीश मिश्र के नेतृत्व में पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया। ज्ञापन में बताया गया है कि हरदेव राजा का यह स्थल एक प्राचीन धार्मिक केंद्र है, जो क्षेत्र की आस्था का महत्वपूर्ण बिंदु है और यहां प्रतिवर्ष ग्राम देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोग इस धार्मिक स्थल के आसपास की भूमि को टुकड़ों में बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इस कोशिश से न केवल धार्मिक स्थल, बल्कि लोहार बढ़ैया समाज के लगभग 61 परिवार भी संकट में आ गए हैं, जो पिछले चार पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहे हैं। इन परिवारों के पास अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बिजली कनेक्शन भी उसी पते पर दर्ज हैं। हिन्दू युवा संगठन ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि वे इस प्राचीन धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और साथ ही वर्षों से रह रहे इन परिवारों को किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली से संरक्षण प्रदान करें। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनजागरण और आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक राजेश अवस्थी एडवोकेट, कोषाध्यक्ष साहिल गर्ग सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बागेश्वर धाम की तर्ज पर एक बाबा का दरबार आयोजित किया गया। इस दरबार में बाबा ने लोगों की पर्चियाँ खोलकर उनके राज बताने शुरू कर दिए।1
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि बच्चे की मां के पति की बुआ का बेटा विराज पाठक है, जिसने बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का अपने पति से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान, अकेला पाकर आरोपी विराज पाठक ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया। हालांकि, महिला ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। आरोपी ने इस बच्चे को अपनी शैतानी सोच में बाधक मानते हुए यह सोचा कि अगर बच्चे को मार दिया जाए, तो महिला उससे शादी करने के लिए मान जाएगी। इसी शैतानी विचार के तहत आरोपी ने मासूम बच्चे को निर्ममता से आठ बार जमीन पर पटका और फरार हो गया। इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विराज पाठक को पकड़ लिया है, जिसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसका 'हाफ एनकाउंटर' किया गया। हालांकि, इस मामले में लोगों का कहना है कि पुलिस को आरोपी का 'फुल एनकाउंटर' करके उसे उसके किए की पूरी सजा मिल जानी चाहिए थी।3
- राष्ट्रीय पत्रकार सेकुलर सुरक्षा यूनियन परिषद का पंजीकरण हो चुका है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव ठाकुर हैं, जो पत्रकारों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं।1
- एक संगोष्ठी के दौरान, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष और पत्रकार कुलदीप कुमार ‘दीपक’ ने अपनी कविता के माध्यम से पत्रकारिता के दायित्व, समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी, और लोकतंत्र में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी इस काव्य प्रस्तुति को वहाँ उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा, जिससे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया गया।1
- शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चक्रकुंडू निवासी शिवकुमार उर्फ लल्ले की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद पुलिस ने समय पर न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही युवक का मेडिकल परीक्षण कराया। इस गंभीर लापरवाही के कारण युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मृतक शिवकुमार ने 26 और 29 मई को पुलिस को लिखित शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करने, धमकी देने और संभावित हमले की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, 27 मई को शिवकुमार पर हमला हुआ, जिसमें वह घायल हो गए और अंततः उनकी जान चली गई।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता उदयवीर यादव शाहजहांपुर स्थित जरियानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की दयनीय स्थिति को लेकर बेहद नाराज़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में मरीजों को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, जबकि प्रशासन इस गंभीर मामले से पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। उदयवीर यादव ने सीएचसी में मरीजों की देखभाल न होने पर सवाल उठाते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।1
- शाहजहांपुर में हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा प्रेस क्लब में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर "समाज निर्माण में प्रेस, प्रशासन और राजनीति की भूमिका" विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों और समाज में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे, जिनका यूनियन पदाधिकारियों और पत्रकारों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, जो सरकार को आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होंने सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सही दिशा देने की भूमिका पर जोर दिया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप दीपक ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका केवल समाचार प्रसारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसमस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुँचाना भी उनकी अहम जिम्मेदारी है, खासकर जब स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में देरी होती है। यूनियन के महामंत्री शिव कुमार ने पत्रकारों को सूचना संकलन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए प्रशासनिक तंत्र से समय पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी राजीव कुमार रंजन ने स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रशासनिक जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता को आवश्यक बताया, साथ ही कहा कि जनहित के मामलों में पारदर्शिता की कमी होने पर पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने पत्रकारों के सामने बढ़ती चुनौतियों, सूचना तक पहुँच में आने वाली बाधाओं, प्रशासनिक जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर भी चर्चा की। यह मत व्यक्त किया गया कि समाज, प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने से जनसमस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही, यूनियन पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को उत्कृष्ट विधायक सम्मान प्राप्त होने पर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता, प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के संकल्प के साथ हुआ।3
- एक दलित व्यक्ति को सरकारी नल से पानी पीने के कारण बर्बरता का सामना करना पड़ा। इस अमानवीय घटना में, उस व्यक्ति के कपड़े उतारे गए और उन्हें जूते में पानी पिलाया गया। पीड़ित दलित परिवार इस घटना के बाद भी न्याय के लिए आज भी भटक रहा है।1