झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, खासकर विलेज रोड इलाके में, जहाँ पीने और आवश्यक जरूरतों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासी पानी की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकारी बाबुओं को आवेदन के माध्यम से लगातार स्थिति से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है। इसी बीच, एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है जहाँ मैथन जलापूर्ति से संबंधित रतनपुर खालसा होटल के पास एक वाल्व से पिछले दो दिनों से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह बहता हुआ पानी जीटी रोड किनारे जमा हो रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि PHED विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से उदासीन हैं और “कुंभकरण की नींद” में सोए हुए हैं। दो दिनों से हो रही पानी की इस बर्बादी पर उनकी नजर नहीं गई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के अधिकारियों का दायित्व केवल गरीब जनता के टैक्स के पैसे को वेतन के रूप में लेना है, या उन्हें जनता की सुविधाओं का संरक्षण भी करना चाहिए।
झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, खासकर विलेज रोड इलाके में, जहाँ पीने और आवश्यक जरूरतों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासी पानी की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकारी बाबुओं को आवेदन के माध्यम से लगातार स्थिति से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी की जा रही है। इसी बीच, एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है जहाँ मैथन जलापूर्ति से संबंधित रतनपुर खालसा होटल के पास एक वाल्व से पिछले दो दिनों से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह बहता हुआ पानी जीटी रोड किनारे जमा हो रहा है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि PHED विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से उदासीन हैं और “कुंभकरण की नींद” में सोए हुए हैं। दो दिनों से हो रही पानी की इस बर्बादी पर उनकी नजर नहीं गई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के अधिकारियों का दायित्व केवल गरीब जनता के टैक्स के पैसे को वेतन के रूप में लेना है, या उन्हें जनता की सुविधाओं का संरक्षण भी करना चाहिए।
- मैथन क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ रांची कॉलोनी निवासी प्रमोद सिंह की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे कुमारडूबी रेलवे क्षेत्र में प्रमोद सिंह ट्रेन की चपेट में आ गए। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना पाकर परिजन तत्काल कुमारडूबी जीआरपी कार्यालय पहुँचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल था। प्रमोद सिंह के आकस्मिक निधन से उनके परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। जीआरपी द्वारा मामले की जांच की जा रही है और शव के पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल रेलवे पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा आगे की जांच के बाद ही दुर्घटना के संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।1
- Post by Sandeep Dutta1
- धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र में हुए जामाडोबा गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद महतो ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि यह घटना बीते 29 मई को जामाडोबा डुमरी नंबर-2 में हुई थी, जहाँ 28 वर्षीय रिक्की सिंह को आपसी विवाद के दौरान गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घायल रिक्की सिंह की पत्नी चंदा कौर के आवेदन पर जोड़ापोखर थाना में कांड संख्या 64/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जाँच शुरू की थी, जिसके बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।1
- सांसद ढुलू महतो ने बेरमो कांड के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।2
- गांडेय प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित आवास में शनिवार रात 8 बजे से एक भावनात्मक और यादगार प्रीति भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बीडीओ निसात अंजुम के विवाह के अवसर पर रखा गया था। समारोह के दौरान, उपस्थित अतिथियों ने बीडीओ निसात अंजुम को पुष्पगुच्छ और उपहार भेंट कर उनके विवाह की हार्दिक बधाई दी। सभी अतिथियों ने उनके सुखद, सफल और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना भी की।1
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों को लेकर हैं। वहीं, झारखंड में चल रहे भाषा विवाद को उन्होंने एक "चूक" बताया, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी बैठक 3 जून को प्रस्तावित है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की मांग की। वित्त मंत्री किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि वे विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। किशोर के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है और महागठबंधन की स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके बीच कथित खींचतान के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि उनका प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और मतभेद केवल पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लेकर हैं, किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं। वहीं, झारखंड में भाषा नियमावली को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि इसे विवाद कहना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें कुछ चूक हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं, और ऐसे में इन भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जनजातीय भाषाओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में जनजातीय भाषा बोलने वाले नहीं हैं, जहां उस भाषा में पढ़ाई नहीं होती और न ही शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमावली में सभी भाषाओं को समुचित स्थान दिया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के इन बयानों, जिनमें भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप, कांग्रेस संगठन को लेकर दी गई सफाई और भाषा नियमावली में बदलाव की मांग शामिल है, ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 3 जून को होने वाली समिति की बैठक और राज्यसभा चुनाव की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।1
- बड़की बोआ अंडरपास के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय जनता को जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। खर्च की गई बड़ी राशि के बाद भी अंडरपास में पानी भर जाने से लोग लगातार परेशान हैं।1
- धनबाद के तोंपचाची क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मांडीहा-नेपोडीह में माइंस संबंधी गतिविधियों को लेकर जोरदार बवाल सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने नियमों की अनदेखी और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।1