मौत से वह डरता है जिसकी जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है-आचार्य पुलकसागर* *जिंदगी में कुछ मिले न मिले पर मृत्यु जरूर मिलेगी, मृत्यु को महोत्सव बना लो* *चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव में पुलक वाणी सुनने उमड़ रहे भीलवाड़ावासी* भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल, 27 अगस्त *मौत से वह डरता है जिसकी जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है-आचार्य पुलकसागर* *जिंदगी में कुछ मिले न मिले पर मृत्यु जरूर मिलेगी, मृत्यु को महोत्सव बना लो* *चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव में पुलक वाणी सुनने उमड़ रहे भीलवाड़ावासी* भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल, 27 अगस्त जिसने इस सृष्टि में जन्म लिया है उसकी मौत अवश्यभांवी है। जिंदगी मौत की अमानत है इसे संभाल कर रखो। हमे पता हो कि हमारे जीन का उद्ेश्य क्या है, बिना लक्ष्य तो पशु भी जीया करते है। जिंदगी से मृत्यु का मूल्य वसूल करो। याद रखे कई भवों तक ये आत्मा तड़फी है जब इसे मानव चोला प्राप्त हुआ है। बुढ़ापे में मृत्यु नहीं सुधरने वाली जवानी में जिंदगी को सुधार लो मृत्यु अपने आप सुधर जाएगी। जैसे हमे जीएंगे वैसी ही हमारी मृत्यु होगी। हम हंसकर जीए तो मृत्यु महोत्सव बन जाएगी ओर रो-रो कर जीए मृत्यु मातम बन जाएगी। ये विचार भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में गुरूवार को प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जीवन जीने की कला सिखाते है पर मैं मृत्यु कैसे लानी है ये सिखाता हूं। मनुष्य जन्म में कुछ पद, प्रतिष्ठा, यश, धन पा सकोंगे या नहीं कोई गारंटी नहीं, जिंदगी में कुछ मिले या नहीं पर मौत जरूर मिलेगी। दुनिया में अमर कोई नहीं है, राजा हो या रंक यहां से सभी को जाना है। किसी की अर्थी देखकर ये नहीं कहे कि ये चला गया बल्कि बोले एक दिन मैं भी इसी तरह चला जाउंगा। आचार्यश्री ने कहा कि दुनिया में कहीं भी चले जाओ मृत्यु से कोई नहीं बच सकता। मृत्यु नहीं आई तो जिंदगी बोझ बन जाएगी। मौत हमे ले जाकर उपकार करती है। मौत मातम नहीं महोत्सव हुआ करती है। मृत्यु नहीं होगी तो आत्मा को नया शरीर कहां से प्राप्त होगा। इसलिए मौत से डरो मत उसे महोत्सव बनाने का प्रयास करो। आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि मृत्यु को महोत्सव बनाना है तो जिदंगी में दुश्मनों की संख्या घटाते ओर दोस्तों की बढ़ाते चलो। दुकान के साथ जिंदगी के बहीखाते भी मिलाते चलो। सोने से पहले जिंदगी का हिसाब किताब सुधार लो। मौत से वहीं डरता है जिसके जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है। परनिंदा छोड़ अपने भीतर झांकना शुरू कर दे। जिंदगी एक किराए का घर है एक दिन बदलना ही पड़ेगा, मौत जब तुझकों आवाज देंगी घर से बाहर निकलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम जीवन भर कितनी भी धन संपदा जोड़ ले पर याद रखे कफन में जेब नहीं होती, सब कुछ यहीं छूट जाएगा, खाली हाथ आए ओर खाली हाथ ही जाना पड़ेगा। मरने के बाद केवल व्यक्ति का व्यवहार ओर चरित्र ही याद रहता है। अपना व्यवहार ऐसा बनाओ कि किसी के दिल में छुपकर जिंदा रह सको। *प्रवचन से पूर्व दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं मंगलाचरण* प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन एवं आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट शास्त्रीनगर के पदाधिकरियों ने एवं आचार्य पुलकसागर के सांसारिक बहन मंजूदेवी एवं बहनाई शिरीष जैन ने प्राप्त किया। दिगम्बर जैन महासभा के अध्यक्ष सुनील जैन ने आचार्यश्री को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सौभाग्यशाली परिवार एवं अतिथियों का स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा आदि पदाधिकारियों ने किया। शास्त्रीनगर बालिका मण्डल की सदस्यों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। भीलवाड़ा शहर एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से सर्व समाज के हजारों लोग ज्ञान की गंगा में डूबकी लगाने के लिए चित्रकूटधाम पहुंचे थे। *आचार्य पुलकसागर के सानिध्य में रक्षाबंधन पर कल होगा विशेष आयोजन* ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन किया कर मुनि रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। ये पर्व उन 700 मुनियों की रक्षा के उपलक्ष्य में मनाया जाएगा जिन पर घोर उपसर्ग आया था। इस आयोजन के माध्यम से उसी एतिहासिक प्रसंग को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सजीव मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर मुनियों के प्रति अगाध श्रद्धा निवेदित करते हुए मंत्रोच्चार के साथ 700 श्रीफल समर्पित किए जाएंगे। इस भव्य आयोजन के लिए श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति ने अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां की गई है। ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में प्रवचन हो रहे है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।
मौत से वह डरता है जिसकी जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है-आचार्य पुलकसागर* *जिंदगी में कुछ मिले न मिले पर मृत्यु जरूर मिलेगी, मृत्यु को महोत्सव बना लो* *चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव में पुलक वाणी सुनने उमड़ रहे भीलवाड़ावासी* भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल, 27 अगस्त *मौत से वह डरता है जिसकी जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है-आचार्य पुलकसागर* *जिंदगी में कुछ मिले न मिले पर मृत्यु जरूर मिलेगी, मृत्यु को महोत्सव बना लो* *चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव में पुलक वाणी सुनने उमड़ रहे भीलवाड़ावासी* भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल, 27 अगस्त जिसने इस सृष्टि में जन्म लिया है उसकी मौत अवश्यभांवी है। जिंदगी मौत की अमानत है इसे संभाल कर रखो। हमे पता हो कि हमारे जीन का उद्ेश्य क्या है, बिना लक्ष्य तो पशु भी जीया करते है। जिंदगी से मृत्यु का मूल्य वसूल करो। याद रखे कई भवों तक ये आत्मा तड़फी है जब इसे मानव चोला प्राप्त हुआ है। बुढ़ापे में मृत्यु नहीं सुधरने वाली जवानी में जिंदगी को सुधार लो मृत्यु अपने आप सुधर जाएगी। जैसे हमे जीएंगे वैसी ही
हमारी मृत्यु होगी। हम हंसकर जीए तो मृत्यु महोत्सव बन जाएगी ओर रो-रो कर जीए मृत्यु मातम बन जाएगी। ये विचार भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में गुरूवार को प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जीवन जीने की कला सिखाते है पर मैं मृत्यु कैसे लानी है ये सिखाता हूं। मनुष्य जन्म में कुछ पद, प्रतिष्ठा, यश, धन पा सकोंगे या नहीं कोई गारंटी नहीं, जिंदगी में कुछ मिले या नहीं पर मौत जरूर मिलेगी। दुनिया में अमर कोई नहीं है, राजा हो या रंक यहां से सभी को जाना है। किसी की अर्थी देखकर ये नहीं कहे कि ये चला गया बल्कि बोले एक दिन मैं भी इसी तरह चला जाउंगा। आचार्यश्री ने कहा कि दुनिया में कहीं भी चले जाओ मृत्यु से कोई नहीं बच सकता। मृत्यु नहीं आई तो जिंदगी बोझ बन जाएगी। मौत हमे ले जाकर उपकार करती है। मौत मातम नहीं महोत्सव हुआ करती है। मृत्यु नहीं होगी तो आत्मा को नया शरीर कहां से प्राप्त होगा। इसलिए मौत से डरो मत उसे महोत्सव बनाने का प्रयास करो। आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि मृत्यु को
महोत्सव बनाना है तो जिदंगी में दुश्मनों की संख्या घटाते ओर दोस्तों की बढ़ाते चलो। दुकान के साथ जिंदगी के बहीखाते भी मिलाते चलो। सोने से पहले जिंदगी का हिसाब किताब सुधार लो। मौत से वहीं डरता है जिसके जिंदगी के बहीखाते गड़बड़ होते है। परनिंदा छोड़ अपने भीतर झांकना शुरू कर दे। जिंदगी एक किराए का घर है एक दिन बदलना ही पड़ेगा, मौत जब तुझकों आवाज देंगी घर से बाहर निकलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम जीवन भर कितनी भी धन संपदा जोड़ ले पर याद रखे कफन में जेब नहीं होती, सब कुछ यहीं छूट जाएगा, खाली हाथ आए ओर खाली हाथ ही जाना पड़ेगा। मरने के बाद केवल व्यक्ति का व्यवहार ओर चरित्र ही याद रहता है। अपना व्यवहार ऐसा बनाओ कि किसी के दिल में छुपकर जिंदा रह सको। *प्रवचन से पूर्व दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं मंगलाचरण* प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन एवं आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट शास्त्रीनगर के पदाधिकरियों ने एवं आचार्य पुलकसागर के सांसारिक बहन मंजूदेवी एवं बहनाई शिरीष जैन ने प्राप्त किया। दिगम्बर जैन महासभा के अध्यक्ष सुनील जैन ने आचार्यश्री को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सौभाग्यशाली परिवार एवं अतिथियों का स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक
लोकेश अजमेरा आदि पदाधिकारियों ने किया। शास्त्रीनगर बालिका मण्डल की सदस्यों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। भीलवाड़ा शहर एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से सर्व समाज के हजारों लोग ज्ञान की गंगा में डूबकी लगाने के लिए चित्रकूटधाम पहुंचे थे। *आचार्य पुलकसागर के सानिध्य में रक्षाबंधन पर कल होगा विशेष आयोजन* ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन किया कर मुनि रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। ये पर्व उन 700 मुनियों की रक्षा के उपलक्ष्य में मनाया जाएगा जिन पर घोर उपसर्ग आया था। इस आयोजन के माध्यम से उसी एतिहासिक प्रसंग को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सजीव मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर मुनियों के प्रति अगाध श्रद्धा निवेदित करते हुए मंत्रोच्चार के साथ 700 श्रीफल समर्पित किए जाएंगे। इस भव्य आयोजन के लिए श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति ने अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां की गई है। ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में प्रवचन हो रहे है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।
- वार्ड नंबर 15 में सड़क और नालियों की बदहाली,सीवरेज काम के एक साल बाद भी सड़क अधूरी ।।वन्दे भारत न्यूज।।1
- ईद मिलादुन्नबी पर रक्तदान शिविर में 201 यूनिट रक्त संग्रहित मुबारक मंसूरी ने 39वीं बार रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश विजयनगर/भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल ईद मिलादुन्नबी पर रक्तदान शिविर में 201 यूनिट रक्त संग्रहित मुबारक मंसूरी ने 39वीं बार रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश विजयनगर/भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर आम मुस्लिम समाज विजयनगर के नवयुवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से बुधवार, 26 अगस्त को चंदा कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन, मस्जिद के पास रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। मंसूरी वेलफेयर सोसाइटी, मोयला समाज विकास समिति एवं अलनूर फाउंडेशन विजयनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। शिविर में कुल 201 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्त संग्रहण के लिए भीलवाड़ा ब्लड सेंटर एवं त्रिवेणी ब्लड सेंटर अजमेर की टीमें मौजूद रहीं। सुबह 8 बजे शुरू हुआ रक्तदान शिविर शाम 6 बजे तक चला। दोपहर 2 बजे तक ही 150 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित हो चुका था, जिसके बाद भी रक्तदाताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। 39वीं बार रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश भीलवाड़ा जिले के मंसूरी समाज के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेड़ा) ने शिविर में पहुंचकर 39वीं बार रक्तदान किया। इससे पूर्व वे भीलवाड़ा में इमाम हुसैन की शहादत के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में 38वीं बार रक्तदान कर चुके हैं। मुबारक मंसूरी ने कहा कि रक्तदान किसी जाति, धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर पीड़ित मानवता की सेवा में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सकता है। हमें ‘जियो और जीने दो’ तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ मानवता की सेवा करनी चाहिए। सामाजिक संगठनों ने निभाई अहम भूमिका शिविर को सफल बनाने में अलनूर फाउंडेशन के एडवोकेट अब्दुल मलिक, इलियास अंसारी, अनीस भाई, अमित भाई, संजय भाई, असलम भाई, अकरम मंसूरी, मुश्ताक भाई, महबूब आलम सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। मोयला समाज की ओर से जिला सदर मेरुद्दीन, मुश्ताक अली, मीर, इकबाल, आजाद सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं मंसूरी वेलफेयर सोसाइटी के सदर बाबुद्दीन, शहजाद भाई, शरीफ भाई, सद्दीक मंसूरी सहित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। समाज के जिम्मेदार लोगों में हाजी उमर साहब, मोहम्मद आरिफ, इंद्रा कॉलोनी सदर चांद जी, अब्दुल अलीम, सलीम मंसूरी, मुबारक रायला वाले, अब्दुल हन्नान, नौशाद, मोइन, जावेद तथा अजमेर से हाजी मोहम्मद सहित कई लोगों ने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। रक्तदान शिविर में युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने रक्तदाताओं एवं सहयोग करने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार मानव सेवा के कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया।4
- बीलिया कला में पहली बार निकली कांवड़ यात्रा, पूरे गांव ने लिया भाग क्राईम न्यूज संपादक एवं राजस्थान धरा न्यूज संपादक कुमार प्रवीण सेन बीलिया कलां भीलवाड़ा। ग्राम सेवक कालू सेन ने बताया कि बीलिया कला गांव में पहली बार कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कांवड़ यात्रा में पूरे गांव के श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। श्रद्धालु बनास नदी से जल भरकर कांवड़ के साथ पूरे गांव में भ्रमण करते हुए बनास नदी स्थित महादेव मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस अवसर पर भगवान महादेव की विशेष पूजा-अर्चना कर पूरे गांव की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना की गई। पूजा के बाद मालपुआ, खुर-पुड़ी सहित विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। जर्जर मंदिर का हुआ कायाकल्प ग्राम सेवक कालू सेन ने बताया कि गांव में स्थित महादेव मंदिर लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। राधेश्याम गुर्जर एवं कमलेश गुर्जर के मन में मंदिर के पुनर्निर्माण का विचार आया, जिसके बाद लाखों रुपये की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य करवाया गया। मंदिर परिसर में स्विमिंग पूल, बाउंड्री निर्माण के साथ पेड़-पौधे भी लगाए गए, जिससे परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। मंदिर के कायाकल्प के बाद पहली बार बनास नदी से जल भरकर कांवड़ यात्रा निकाली गई। पूरे गांव में भ्रमण के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव का जलाभिषेक किया और धार्मिक आयोजन के साथ प्रसाद वितरण किया। कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।3
- चीन: नेपाल - बॉर्डर फेल्ड बाढ़ फल भर मैं क्या का क्या हु गया1
- निकाय चुनाव के लिए कल से नामांकन...नामांकन प्रक्रिया की होगी शुरुआत...राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी होगी लोकसूचना... #LocalBodyElections #ElectionNews #BreakingNews #PoliticalNew1
- आसींद पालिका चुनावों के चलते नामांकन दाखिल करना हुआ शुरू पहले दिन 1 निर्दलीय 2 भाजपा के अभ्यर्थियों ने किए नामांकन दाखिल दूसरे चरण में 11 सितंबर को होगा आसींद नगर पालिका का चुनाव आसींद/आसींद नगर पालिका चुनावों को लेकर आज नामांकन दाखिल करने का दौर शुरू हो चुका है वही आज आसींद निर्वाचन कार्यालय पर निर्वाचन अधिकारी विकास मोहन भाटी के समक्ष वार्ड संख्या 9 से भाजपा से चंचल पिता चुन्नी लाल वार्ड संख्या 15 से भाजपा से संपत लाल पिता जगन्नाथ साहू, वार्ड संख्या 21 से बसंती देवी पति कैलाश बंजारा ने निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया ,देखा जाए तो आसींद पालिका में वार्डो की संख्या 25 है तथा इस बार सामान्य सीट आई है जिसके चलते अबकी बार चुनावों में रोचकता देखी जा सकती है आसींद मंजूर 94138895961
- ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में दिखी इंसानियत की मिसाल 😔😔 ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में दिखी इंसानियत की मिसाल चित्तौड़गढ़ में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को कुछ देर रोका गया, पहले हिंदू महिला की अंतिम यात्रा को दिया रास्ता—जुलूस में शामिल लोगों ने शीश झुकाकर दी श्रद्धांजलि, अंतिम यात्रा निकलने के बाद फिर शुरू हुआ जुलूस; दिखा भाईचारे और सौहार्द का अनोखा नजारा1
- नेपाल : फेल्ड बाढ़ फेल भर मैं जिंदगी का कोई भरोसा नही केसे बह गया 3 मजिला घर1