विषय: जनहित सर्व समाज सेवा समिति – जनसभा (समान अधिकार, समान अवसर | शिक्षा में समानता – अधिकारों में समानता) वक्ता: संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्षा, लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) मुख्य संदेश: "जनहित के लिए सच बोलना हमारा धर्म है!" साथियों, आज इस जनसभा के माध्यम से हमें यह आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है कि देश और समाज की वास्तविक स्थिति क्या है। आज जिन लोगों के हाथों में जिम्मेदारी है, उनकी कार्यशैली और कमियां हमारे सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं— स्वार्थ की राजनीति करते हैं: वे जनता की भलाई के बारे में नहीं सोचते, बल्कि केवल अपनी कुर्सी की चिंता करते हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हैं: देश का पैसा खाकर भी वे जनता को मूर्ख बनाने का काम करते हैं। जातिवाद फैलाते हैं: समाज को जातियों में बांटकर वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। वादे करते हैं, निभाते नहीं: चुनाव के समय झूठे वादों की बौछार कर दी जाती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं: योग्यता को दरकिनार कर केवल अपने परिवार और करीबियों को आगे बढ़ाया जाता है। जनता को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं: चुनाव के समय जनता याद आती है, और चुनाव खत्म होते ही जनता को पूरी तरह भूल जाते हैं। महिलाओं का सम्मान नहीं करते: मंचों से सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन व्यवहार में महिलाओं का असम्मान किया जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं: वे भली-भांति जानते हैं कि यदि जनता शिक्षित और स्वस्थ हो गई, तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी; इसलिए वे जनता को अंधेरे और बीमारी में ही रखना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार नहीं देते: देश के भविष्य यानी युवाओं को केवल जुमले थमाए जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। मीडिया और कानून का दुरुपयोग करते हैं: सच की आवाज़ को दबाया जाता है और झूठ का प्रचार-प्रसार किया जाता है। साथियों, अब समय आ गया है कि हम इन कमियों और व्यवस्था की इन कमज़ोरियों को समझें। अब और नहीं सहेंगे, बदलाव हम लाएंगे! समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान के इस पथ पर हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। जनहित सर्व समाज सेवा समिति – आपके साथ, आपके लिए। विषय: जनहित सर्व समाज सेवा समिति – जनसभा (समान अधिकार, समान अवसर | शिक्षा में समानता – अधिकारों में समानता) वक्ता: संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्षा, लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) मुख्य संदेश: "जनहित के लिए सच बोलना हमारा धर्म है!" साथियों, आज इस जनसभा के माध्यम से हमें यह आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है कि देश और समाज की वास्तविक स्थिति क्या है। आज जिन लोगों के हाथों में जिम्मेदारी है, उनकी कार्यशैली और कमियां हमारे सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं— स्वार्थ की राजनीति करते हैं: वे जनता की भलाई के बारे में नहीं सोचते, बल्कि केवल अपनी कुर्सी की चिंता करते हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हैं: देश का पैसा खाकर भी वे जनता को मूर्ख बनाने का काम करते हैं। जातिवाद फैलाते हैं: समाज को जातियों में बांटकर वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। वादे करते हैं, निभाते नहीं: चुनाव के समय झूठे वादों की बौछार कर दी जाती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं: योग्यता को दरकिनार कर केवल अपने परिवार और करीबियों को आगे बढ़ाया जाता है। जनता को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं: चुनाव के समय जनता याद आती है, और चुनाव खत्म होते ही जनता को पूरी तरह भूल जाते हैं। महिलाओं का सम्मान नहीं करते: मंचों से सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन व्यवहार में महिलाओं का असम्मान किया जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं: वे भली-भांति जानते हैं कि यदि जनता शिक्षित और स्वस्थ हो गई, तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी; इसलिए वे जनता को अंधेरे और बीमारी में ही रखना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार नहीं देते: देश के भविष्य यानी युवाओं को केवल जुमले थमाए जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। मीडिया और कानून का दुरुपयोग करते हैं: सच की आवाज़ को दबाया जाता है और झूठ का प्रचार-प्रसार किया जाता है। साथियों, अब समय आ गया है कि हम इन कमियों और व्यवस्था की इन कमज़ोरियों को समझें। अब और नहीं सहेंगे, बदलाव हम लाएंगे! समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान के इस पथ पर हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। जनहित सर्व समाज सेवा समिति – आपके साथ, आपके लिए।
विषय: जनहित सर्व समाज सेवा समिति – जनसभा (समान अधिकार, समान अवसर | शिक्षा में समानता – अधिकारों में समानता) वक्ता: संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्षा, लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) मुख्य संदेश: "जनहित के लिए सच बोलना हमारा धर्म है!" साथियों, आज इस जनसभा के माध्यम से हमें यह आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है कि देश और समाज की वास्तविक स्थिति क्या है। आज जिन लोगों के हाथों में जिम्मेदारी है, उनकी कार्यशैली और कमियां हमारे सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं— स्वार्थ की राजनीति करते हैं: वे जनता की भलाई के बारे में नहीं सोचते, बल्कि केवल अपनी कुर्सी की चिंता करते हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हैं: देश का पैसा खाकर भी वे जनता को मूर्ख बनाने का काम करते हैं। जातिवाद फैलाते हैं: समाज को जातियों में बांटकर वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। वादे करते हैं, निभाते नहीं: चुनाव के समय झूठे वादों की बौछार कर दी जाती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं: योग्यता को दरकिनार कर केवल अपने परिवार और करीबियों को आगे बढ़ाया जाता है। जनता को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं: चुनाव के समय जनता याद आती है, और चुनाव खत्म होते ही जनता को पूरी तरह भूल जाते हैं। महिलाओं का सम्मान नहीं करते: मंचों से सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन व्यवहार में महिलाओं का असम्मान किया जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं: वे भली-भांति जानते हैं कि यदि जनता शिक्षित और स्वस्थ हो गई, तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी; इसलिए वे जनता को अंधेरे और बीमारी में ही रखना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार नहीं देते: देश के भविष्य यानी युवाओं को केवल जुमले थमाए जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। मीडिया और कानून का दुरुपयोग करते हैं: सच की आवाज़ को दबाया जाता है और झूठ का प्रचार-प्रसार किया जाता है। साथियों, अब समय आ गया है कि हम इन कमियों और व्यवस्था की इन कमज़ोरियों को समझें। अब और नहीं सहेंगे, बदलाव हम लाएंगे! समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान के इस पथ पर हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। जनहित सर्व समाज सेवा समिति – आपके साथ, आपके लिए। विषय: जनहित सर्व समाज सेवा समिति – जनसभा (समान अधिकार, समान अवसर | शिक्षा में समानता – अधिकारों में समानता) वक्ता: संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्षा, लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) मुख्य संदेश: "जनहित के लिए सच बोलना हमारा धर्म है!" साथियों, आज इस जनसभा के माध्यम से हमें यह आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है कि देश और समाज की वास्तविक स्थिति क्या है। आज जिन लोगों के हाथों में जिम्मेदारी है, उनकी कार्यशैली और कमियां हमारे सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं— स्वार्थ की राजनीति करते हैं: वे जनता की भलाई के बारे में नहीं सोचते, बल्कि केवल अपनी कुर्सी की चिंता करते हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हैं: देश का पैसा खाकर भी वे जनता को मूर्ख बनाने का काम करते हैं। जातिवाद फैलाते हैं: समाज को जातियों में बांटकर वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। वादे करते हैं, निभाते नहीं: चुनाव के समय झूठे वादों की बौछार कर दी जाती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं: योग्यता को दरकिनार कर केवल अपने परिवार और करीबियों को आगे बढ़ाया जाता है। जनता को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं: चुनाव के समय जनता याद आती है, और चुनाव खत्म होते ही जनता को पूरी तरह भूल जाते हैं। महिलाओं का सम्मान नहीं करते: मंचों से सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन व्यवहार में महिलाओं का असम्मान किया जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं: वे भली-भांति जानते हैं कि यदि जनता शिक्षित और स्वस्थ हो गई, तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी; इसलिए वे जनता को अंधेरे और बीमारी में ही रखना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार नहीं देते: देश के भविष्य यानी युवाओं को केवल जुमले थमाए जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। मीडिया और कानून का दुरुपयोग करते हैं: सच की आवाज़ को दबाया जाता है और झूठ का प्रचार-प्रसार किया जाता है। साथियों, अब समय आ गया है कि हम इन कमियों और व्यवस्था की इन कमज़ोरियों को समझें। अब और नहीं सहेंगे, बदलाव हम लाएंगे! समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान के इस पथ पर हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। जनहित सर्व समाज सेवा समिति – आपके साथ, आपके लिए।
- लखनऊ- गाजीपुर पुलिस की साइबर टीम ने ऑनलाइन फ्रॉड के ₹1.90 लाख वापस कराए। इंदिरानगर निवासी अमित मिश्रा के खाते से ठगी कर रकम ट्रांसफर की गई थी। पीड़ित ने 25 फरवरी को गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। तकनीकी जांच में रकम से HDFC क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान होने का खुलासा हुआ। साइबर टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन का विश्लेषण कर रकम को ट्रेस किया। पुलिस ने पूरी ₹1.90 लाख की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने लखनऊ पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया। पुलिस की अपील- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।।2
- *होटल में कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ पकड़ा गया इंजीनियर:* लखनऊ में महिला के पति ने पुलिस बुलाई, बोला- प्रेजेंटेशन में मदद के लिए बुलाया था घटना लखनऊ के गोमतीनगर स्थित कॉन्टिनेंटल होटल की है, जहाँ बिजली विभाग के एक अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) को उनकी पूर्व महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ कमरे में पकड़ा गया.इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:अधिकारियों की पहचान: पकड़े गए इंजीनियर का नाम उदय प्रताप सिंह है, जो वर्तमान में गोंडा में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में तैनात हैं. उनके साथ मौजूद महिला पहले बांदा में उनके साथ कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करती थी.पति को हुआ शक: महिला ने अपने पति से कहा था कि वह साहब के साथ 'साइट इंस्पेक्शन' के लिए जा रही है। शक होने पर पति ने अपनी स्कूटर से उसका पीछा किया और वह लखनऊ के होटल तक पहुँच गया. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ1
- हजरतगंज जैसे वीवीआईपी इलाके में पानी का संकट पानी के लिए तरस रहे वजीर हसन स्थित संत गुरु रविदास नगर के लोग लखनऊ हजरतगंज जैसे वीवीआईपी इलाके में पानी का संकट पानी के लिए तरस रहे वजीर हसन स्थित संत गुरु रविदास नगर के लोग मुख्यमंत्री आवास से महज 2 किमी दूर पानी को लेकर हाहाकार सुबह से करीब 2 हजार घरों में नहीं पहुंचा पानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने जलकल के खिलाफ की नारेबाजी पानी की समस्या से परेशान लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन महिलाओं ने बताया- सुबह से पानी के लिए परेशान हैं लोग जलकल विभाग से जल्द पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग1
- थाना मड़ियांव व थाना जानकीपुरम पुलिस ने किया बड़ा खुलासा मड़ियांव पुलिस ने 3 शातिर लुटेरों को किया अरेस्ट। गिरफ्त में आए बदमाश शातिराना अंदाज़ में राह चलती महिलाओं से करते थे चैन लूट। आरोपियों के पास से 3 लाख रुपए कीमत की लूटी हुई सोने की 2 चैन व घटना में शामिल बाइक बरामद। गिरफ्त में आए दोनों लुटेरों पर पूर्व में भी दर्ज हैं कई आपराधिक मुकदमे। वहीं थाना जानकीपुरम पुलिस व DCP North की सर्विलांस/क्राइम टीम ने 2 शातिर चोरों को दबोच कर सलाखों के पीछे भेजा। गिरफ्त में आए आरोपी बंद मकानों की रेकी कर बड़ी चोरी की घटनाओं को देते थे अंजाम। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से 26 लाख की कीमत की ज्वेलरी व 3 लाख 97 हजार रुपए कैश बरामद। गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी मो० शोएब उर्फ सुहेल के ऊपर पूर्व में भी दर्ज है 1 दर्जन से अधिक अपराधिक मुकदमे।3