उत्तराखंड हाईकोर्ट का निर्देश: झंडा मौहल्ला में बंद दुकानें खोलने की मंजूरी, पुलिस सुरक्षा का आश्वासन! उत्तराखंड हाईकोर्ट का निर्देश: झंडा मौहल्ला में बंद दुकानें खोलने की मंजूरी, पुलिस सुरक्षा का आश्वासन उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने झंडा मौहल्ला, कोतवाली क्षेत्र में पिछले एक माह से बंद पड़ी अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों को फिर से खोलने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दुकानें खोलने पर यदि कोई अवांक्षित तत्व रुकावट या अप्रिय घटना उत्पन्न करता है, तो पुलिस और प्रशासन याचिकाकर्ता को पर्याप्त संरक्षण प्रदान करेंगे। हाईकोर्ट का आदेश माननीय न्यायाधीश श्री आलोक महरा की पीठ ने WPCRL/1384/2026 की सुनवाई करते हुए कहा: "यदि याचिकाकर्ता दुकान फिर से खोलते हैं और कोई अप्रिय घटना या कानून के खिलाफ खतरा उत्पन्न होता है, तो संबंधित अधिकारी उन्हें कानून के अनुसार पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देंगे।" न्यायालय ने यह भी कहा कि दुकान बंद होने से जांच एजेंसी साक्ष्य एकत्र करने में असमर्थ है, अतः दुकान खोलना जांच की दृष्टि से भी आवश्यक है। इस आदेश के साथ ही न्यायालय ने रिट याचिका का औपचारिक निपटारा कर दिया। संगठनों ने उठाई थी मांग गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पिछले कई दिनों से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सांगठनिक समूह सक्रिय थे। इन संगठनों ने झंडा मौहल्ला में बंद पड़ी अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानें खोलने और सांप्रदायिक तत्वों पर अंकुश लगाने की मांग की थी। इन संगठनों ने उठाई आवाज: क्र.सं. संगठन/दल 1 कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) - सीपीएम अनन्त आकाश 2 उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी)लताफत हुसैन, प्रमिला रावत 3 राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी (आईयूपी)केन्द्रीय महामंत्री बालेश बबाननिया 4 उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, चिन्तन सकलानी 5 सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू)जिलामहामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल 6 स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई)के अध्यक्ष नितिन मलेठा 7 कांग्रेस पार्टी के नेता अल्ताफ अहमद 8 नेताजी संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रभात डण्डरियाल 9 बहुजन समाज पार्टी (बसपा)दिग्विजय 10 आम आदमी पार्टी (आप)दीप्ति 11 ऑल इंडिया लॉ यूनियन (एआईएलयू) अनुराधा 12 तंजीमें हिन्द 13 पीपुल्स फोरम जयकृत कण्डवाल 14 भीम आर्मी के आजम खान 15 डीवाईएफआई के अभिषेक भण्डारी इन सभी संगठनों ने साम्प्रदायिक तत्वों का जमकर विरोध किया और प्रशासन से मांग की कि झंडा मौहल्ला में अल्पसंख्यक व्यापारियों की दुकानें खोली जाएँ तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रशासन को कई ज्ञापन और मुलाकातें संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए कई अवसरों पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपे: · मुख्य सचिव उत्तराखंड को ज्ञापन · जिलाधिकारी देहरादून से मुलाकात · वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को ज्ञापन · पुलिस अधीक्षक (नगर) से कई बार वार्ता इन सभी मांगों के बाद आज हाईकोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।दरअसल, 18 जून 2026 को झंडा मौहल्ला में कुछ पूर्व-चिन्हित तत्वों ने अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदारों पर हमला किया, तोड़फोड़ की और दुकानें खाली करने की धमकियाँ दीं। इसके बाद से क्षेत्र की कई दुकानें बंद पड़ी हैं, जिससे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। मुख्य घटनाएँ: 18.06.2026 अद्नान सिद्दीकी की दुकान पर हमला, मारपीट और तोड़फोड़ 07.07.2026 एसपी नगर ने प्रतिनिधिमंडल को दुकान खोलने का आश्वासन दिया 09.07.2026 दुकान खोलने पर फिर धमकी, "हिन्दुओं के मौहल्ले में मुसलमानों की दुकान नहीं चलने देंगे" 23.07.2026 हाईकोर्ट ने दुकान खोलने और पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया सीपीएम के सचिव अनन्त आकाश ने जारी बयान में कहा:-"हाईकोर्ट के इस आदेश से झंडा मौहल्ला के व्यापारियों को राहत मिली है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस आदेश का पालन कराते हुए अल्पसंख्यक व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करे। हम साम्प्रदायिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।" अन्य संगठनों ने भी हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत किया और प्रशासन से पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। *प्रशासन पर क्या जिम्मेदारी? अब प्रशासन पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि: दुकानदार बिना किसी भय के अपनी दुकानें खोल सकें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो पीड़ितों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि दुकानें खोलने में कोई बाधा नहीं है और अवांक्षित तत्वों द्वारा रुकावट डालने पर पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस आदेश का कितनी गंभीरता से पालन कराता है और क्या झंडा मौहल्ला में सामान्य व्यावसायिक गतिविधियाँ बहाल हो पाती हैं। जारीकर्ता: अनन्त आकाश, सचिव, सीपीएम (उत्तराखंड)
उत्तराखंड हाईकोर्ट का निर्देश: झंडा मौहल्ला में बंद दुकानें खोलने की मंजूरी, पुलिस सुरक्षा का आश्वासन! उत्तराखंड हाईकोर्ट का निर्देश: झंडा मौहल्ला में बंद दुकानें खोलने की मंजूरी, पुलिस सुरक्षा का आश्वासन उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने झंडा मौहल्ला, कोतवाली क्षेत्र में पिछले एक माह से बंद पड़ी अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों को फिर से खोलने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दुकानें खोलने पर यदि कोई अवांक्षित तत्व रुकावट या अप्रिय घटना उत्पन्न करता है, तो पुलिस और प्रशासन याचिकाकर्ता को पर्याप्त संरक्षण प्रदान करेंगे। हाईकोर्ट का आदेश माननीय न्यायाधीश श्री आलोक महरा की पीठ ने WPCRL/1384/2026 की सुनवाई करते हुए कहा: "यदि याचिकाकर्ता दुकान फिर से खोलते हैं और कोई अप्रिय घटना या कानून के खिलाफ खतरा उत्पन्न होता है, तो संबंधित अधिकारी उन्हें कानून के अनुसार पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देंगे।" न्यायालय ने यह भी कहा कि दुकान बंद होने से जांच एजेंसी साक्ष्य एकत्र करने में असमर्थ है, अतः दुकान खोलना जांच की दृष्टि से भी आवश्यक है। इस आदेश के साथ ही न्यायालय ने रिट याचिका का औपचारिक निपटारा कर दिया। संगठनों ने उठाई थी मांग गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पिछले कई दिनों से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सांगठनिक समूह सक्रिय थे। इन संगठनों ने झंडा मौहल्ला में बंद पड़ी अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानें खोलने और सांप्रदायिक तत्वों पर अंकुश लगाने की मांग की थी। इन संगठनों ने उठाई आवाज: क्र.सं. संगठन/दल 1 कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) - सीपीएम अनन्त आकाश 2 उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी)लताफत हुसैन, प्रमिला रावत 3 राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी (आईयूपी)केन्द्रीय महामंत्री बालेश बबाननिया 4 उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, चिन्तन सकलानी 5 सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू)जिलामहामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल 6 स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई)के अध्यक्ष नितिन मलेठा 7 कांग्रेस पार्टी के नेता अल्ताफ अहमद 8 नेताजी संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रभात डण्डरियाल 9 बहुजन समाज पार्टी (बसपा)दिग्विजय 10 आम आदमी पार्टी (आप)दीप्ति 11 ऑल इंडिया लॉ यूनियन (एआईएलयू) अनुराधा 12 तंजीमें हिन्द 13 पीपुल्स फोरम जयकृत कण्डवाल 14 भीम आर्मी के आजम खान 15 डीवाईएफआई के अभिषेक भण्डारी इन सभी संगठनों ने साम्प्रदायिक तत्वों का जमकर विरोध किया और प्रशासन से मांग की कि झंडा मौहल्ला में अल्पसंख्यक व्यापारियों की दुकानें खोली जाएँ तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रशासन को कई ज्ञापन और मुलाकातें संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए कई अवसरों पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपे: · मुख्य सचिव उत्तराखंड को ज्ञापन · जिलाधिकारी देहरादून से मुलाकात · वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को ज्ञापन · पुलिस अधीक्षक (नगर) से कई बार वार्ता इन सभी मांगों के बाद आज हाईकोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।दरअसल, 18 जून 2026 को झंडा मौहल्ला में कुछ पूर्व-चिन्हित तत्वों ने अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदारों पर हमला किया, तोड़फोड़ की और दुकानें खाली करने की धमकियाँ दीं। इसके बाद से क्षेत्र की कई दुकानें बंद पड़ी हैं, जिससे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। मुख्य घटनाएँ: 18.06.2026 अद्नान सिद्दीकी की दुकान पर हमला, मारपीट और तोड़फोड़ 07.07.2026 एसपी नगर ने प्रतिनिधिमंडल को दुकान खोलने का आश्वासन दिया 09.07.2026 दुकान खोलने पर फिर धमकी, "हिन्दुओं के मौहल्ले में मुसलमानों की दुकान नहीं चलने देंगे" 23.07.2026 हाईकोर्ट ने दुकान खोलने और पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया सीपीएम के सचिव अनन्त आकाश ने जारी बयान में कहा:-"हाईकोर्ट के इस आदेश से झंडा मौहल्ला के व्यापारियों को राहत मिली है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस आदेश का पालन कराते हुए अल्पसंख्यक व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करे। हम साम्प्रदायिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।" अन्य संगठनों ने भी हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत किया और प्रशासन से पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। *प्रशासन पर क्या जिम्मेदारी? अब प्रशासन पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि: दुकानदार बिना किसी भय के अपनी दुकानें खोल सकें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो पीड़ितों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि दुकानें खोलने में कोई बाधा नहीं है और अवांक्षित तत्वों द्वारा रुकावट डालने पर पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस आदेश का कितनी गंभीरता से पालन कराता है और क्या झंडा मौहल्ला में सामान्य व्यावसायिक गतिविधियाँ बहाल हो पाती हैं। जारीकर्ता: अनन्त आकाश, सचिव, सीपीएम (उत्तराखंड)
- क्या है सच्चाई?? विधानसभा घनसाली uttrakhand Tehri Garhwal1
- हरिद्वार पुलिस के समझाने से टला संभावित हादसा, सुरक्षित रही आस्था की राह समझाने से टला संभावित हादसा, सुरक्षित रही आस्था की राह हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान आज नसीरपुर नहर पुल के पास नहर में जमा पानी में मेरठ और दिल्ली से आए लगभग 50 शिवभक्त स्नान करते हुए मिले। नहर में स्नान के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक संभावित हादसा टाल दिया। सुपर जोनल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार (ADSP STF) स्वयं मौके पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को पूर्व में नहर में डूबने की घटनाओं की जानकारी देते हुए ऐसे स्थानों पर स्नान करने के जोखिम से अवगत कराया। उन्होंने सभी शिवभक्तों से प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्नान घाटों का ही उपयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालु निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, सुरक्षा नियमों का पालन करें और अन्य श्रद्धालुओं को भी जागरूक करें, ताकि यात्रा सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। A BHARAT NEWS10 सबसे पहले आपकी आवाज़1
- मंशादेवी मंदिर प्रबंधन द्वारा पिछले दिनों दावा किया गया था कि मंदिर में चढाए गये फूल, चुनरी, नारियल आदि सामग्री फिर से मंदिर में नहीं चढ़ने के लिए नहीं आएंगे लेकिन यह दावा कोरा दावा ही रहा! मंदिर में चढ़ने वाली यह सामग्री फिर से बिकने के लिए चोर रास्तों से मंदिर मार्ग पर बनी प्रसाद की दुकानों तक पहुंचाई जा रही है। जहां फिर से दुकानदार श्रद्धालुओं को इसे बेच देते हैं और फिर यह सभी सामग्री फिर वहीं पहुंच जाती है जहां पहले चढा़ई गई थी। दरअसल श्रद्धालुओं की आस्था का स्थल मंशादेवी मंदिर कुछ लोगों के लिए मोटी कमाई का स्थान है। चढ़ावे को फिर से चढ़ाने में सौ फीसदी का टर्नओवर है, जिससे इस काम में माफिया टाईप के लोगों का इनवाल्वमेंट है,जिनकी मंदिर प्रबंधन में पैठ है, जिसके कारण मंदिर प्रबंधन के दावे एक तरफ और सच्चाई दूसरी तरफ बनी हुई है। (_कुमार दुष्यंत_)1
- रेत बजरी लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचीं कांग्रेस नेत्री ज्योति रौतेला, भारी बरसात में जमकर हुईं नारेबाजी, देखें वीडियो रिपोर्ट । NIU देहरादून NIU ✍️ धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के खंड कार्यालय, कारगी चौक में आज कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना और प्रदर्शन कर कार्यालय में घुसने की कोशिश की। तेज बरसात के बावजूद भी कार्यकर्ता सैकड़ों की तादाद में इकठ्ठा हुए और स्थानीय सड़कों की खराब हालत और PWD की उपेक्षा के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की, प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी ड्रम में रेत भरकर साथ भी लाए थे... इस दौरान ज्योति रौतेला ने कहा कि धर्मपुर विधानसभा की सड़कों पर पिछले कई महीनों से बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनकी वजह से आम जनता को रोज़ाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़कें और भी अधिक ख़तरनाक हो गई हैं, कई जगह वाहन पलटने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रौतेला ने बताया कि इलाके के लोगों ने बार-बार शिकायतें दर्ज कराईं, मगर PWD की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि आज कार्यकर्ता गुस्से से कार्यालय घेरने आए हैं और मौके पर ही तत्काल मरम्मत व रास्ते घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की जनता से जुड़े कामों में जवाब देही तय होनी चाहिए1
- हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र में सूखी नदी के रपटे पर अचानक आए तेज पानी के बहाव में फंसी कार... उत्तराखंड : हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र में सूखी नदी के रपटे पर अचानक आए तेज पानी के बहाव में फंसी कार को स्थानीय प्रशासन, पुलिस और क्रेन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया....1