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दतिया पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए, पीड़ित को उसकी ठगी गई ₹90,000 की रकम वापस दिला दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यह जानकारी ACN भारत न्यूज़ के संवाददाता पवन दांतरे की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है।
पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
दतिया पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का भंडाफोड़ करते हुए, पीड़ित को उसकी ठगी गई ₹90,000 की रकम वापस दिला दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया। यह जानकारी ACN भारत न्यूज़ के संवाददाता पवन दांतरे की एक विशेष रिपोर्ट में सामने आई है।
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- दतिया शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खण्डेलवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला के निर्देशन में तथा थाना प्रभारी यातायात निरीक्षक सपना शर्मा के नेतृत्व में शहर के प्रमुख मार्गों पर सघनता से संचालित किया गया। अभियान के दौरान, यातायात पुलिस ने मुख्य सड़कों पर वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को मार्ग से हटवाया। इसी के साथ, सड़क और मार्गों पर अतिक्रमण कर यातायात प्रभावित करने वाले व्यापारियों का सामान भी हटाया गया और उन्हें भविष्य में अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई। इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस ने वन-वे मार्गों पर गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के तहत कुल 8 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई, और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। दतिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित रहने और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने का आह्वान किया है।1
- दतिया जिले के पंडोखर थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।1
- दतिया जिले में मंगलवार, 23 जून 2026 को न्यू कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई, जहाँ कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने विभिन्न अंचलों से आए 170 से अधिक आवेदकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, और अनिर्णित आवेदनों के लिए समय-सीमा निर्धारित की। जनसुनवाई में पलोथर निवासी ठाकुरदास पुत्र बदली यादव ने गांव के आम रास्ते पर सिरोवन यादव द्वारा अतिक्रमण करने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दतिया को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम सनाई निवासी जसमंत सिंह पुत्र गुलान सिंह ने अपने नाती की पढ़ाई के लिए जमा एफडी तुड़वाने संबंधी आवेदन दिया। जनसुनवाई के दौरान रास्ता अवरुद्ध करने, नाली के पानी की निकासी, वृद्धावस्था पेंशन, सीमांकन, नामांतरण, बटवारा, बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, सड़क निर्माण, साफ-सफाई व्यवस्था, खाद्यान वितरण, आर्थिक सहायता और छात्रवृत्ति जैसे कई अन्य आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने इनमें से कुछ समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया और शेष के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया श्री अक्षय कुमार तेम्रवाल और अपर कलेक्टर श्री महेन्द्र सिंह कवचे सहित सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे। इसी क्रम में, दतिया जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करते हुए दुरसड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के नव स्थापित डिलीवरी पॉइंट पर 26 साल बाद पहली बार सफल प्रसव कराया गया। इसमें एक स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त हुई हैं। दुरसड़ा पीएचसी में डिलीवरी पॉइंट का शुभारंभ 5 जून 2026 को कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े और एसडीएम श्री लोकेन्द्र सरल द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीक सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस सफल प्रसव के बाद अब क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दुरसड़ा पीएचसी के अंतर्गत 9 सब सेंटर संचालित हैं, जो लगभग 70 गांवों की 40 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। यहां प्रतिवर्ष लगभग 880 गर्भवती महिलाओं और 800 बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य है, और वर्तमान में 144 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन अनमोल पोर्टल पर किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें मॉडरेट एनीमिया से प्रभावित गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने क्षेत्रीय नागरिकों से संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने और दुरसड़ा पीएचसी में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है, क्योंकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु ही स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं।1
- अविमुक्तेश्वरानंद महराज ने अयोध्या में हुई चोरी की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शब्दों में कड़ा प्रहार किया है।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में समाजसेवी संस्था संघर्ष सेवा समिति द्वारा लगातार सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर संदीप सरावगी के नेतृत्व में, यह संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर मदद पहुँचा रही है और इसके प्रयासों को सराहा जा रहा है।1
- बबीना कैंटोनमेंट में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 न्यू पंप हाउस रोड पर पीने का पानी खुलेआम नाली में बहाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब पूरा देश पानी की किल्लत से जूझ रहा है। एक नल से सुबह-शाम आने वाला पीने का पानी सीधे नाली में जा रहा है, और बार-बार शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने कैंटोनमेंट ऐप और सोशल मीडिया पर कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन कैंटोनमेंट विभाग और उसके कर्मचारियों ने नल को बंद करने या उसमें टोंटी लगाने के लिए समय नहीं निकाला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नल का आज तक न तो कोई बिल जमा किया गया है और न ही इसकी रिकवरी के लिए कनेक्शन काटा गया है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि विभाग को इस व्यक्ति विशेष से कौन सा व्यक्तिगत फायदा है, जिसके कारण बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नल बंद किया जा रहा है और न ही पानी को रोका जा रहा है। कैंटोनमेंट विभाग और उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे मामले की तत्काल जाँच करें और इस भारी पानी की बर्बादी को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करें।1
- दतिया सायबर सेल ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित फरियादी को उसके पूरे 90 हजार रुपये वापस दिलाकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस राशि की वापसी के बाद फरियादी ने दतिया पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल का सम्मान कर पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के मार्गदर्शन में की गई। सरसई थाना क्षेत्र के निवासी हरीराम निरंजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हार्वेस्टर चालक की तलाश में उन्होंने ऑनलाइन एक व्यक्ति से संपर्क किया था। आरोपी ने चालक उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे 90 हजार रुपये ठग लिए थे, लेकिन न तो चालक मुहैया कराया और न ही पैसे लौटाए। शिकायत मिलने के तुरंत बाद सायबर सेल दतिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। लगातार तकनीकी जांच और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, फरियादी की पूरी 90 हजार रुपये की ठगी गई राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई गई। राशि वापस मिलने पर फरियादी जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल का सम्मान कर दतिया पुलिस और सायबर सेल की तत्परता, संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यवाही के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्रवाई में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक दिलीप समाधिया, आरक्षक प्रशांत शर्मा, राहुल दांगी, रवि कुशवाह और वीरेंद्र ओझा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दतिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित व्यक्ति और सेवा की सत्यता की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।1
- Post by AD SINGH DHAKAD1
- भांडेर तहसील के ग्राम ततारपुर में कलेक्टर के निर्देशानुसार और शासन की मंशा के तहत चलाए जा रहे "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत सोमवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। तहसीलदार सुनील भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे विभिन्न राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। साथ ही, किसान रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हुए किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 8 नामांतरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया और 7 नई फार्मर रजिस्ट्री तैयार की गईं, जिनमें कुल 150 खसरा नंबर जोड़े गए। इसके अतिरिक्त, 3 सीमांकन प्रकरणों में आदेश जारी किए गए, एक रास्ता विवाद का समाधान किया गया और अतिक्रमण से संबंधित 4 मामलों का भी मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। गांव स्तर पर राजस्व सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीणों ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस अभियान को जनहित में एक प्रभावी पहल बताते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की।1