logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जिले में 466.5 मि.मी. वर्षा दर्ज दमोह -जिले में इस वर्ष 1 जून से अभी तक 466.5 मि.मी. अर्थात 18.3 इंच औसत वर्षा जिले में 466.5 मि.मी. वर्षा दर्ज दमोह -जिले में इस वर्ष 1 जून से अभी तक 466.5 मि.मी. अर्थात 18.3 इंच औसत वर्षा दर्ज हुई है, जो अभी तक गत वर्ष से 270.7 मि.मी. अर्थात 10.7 इंच कम है। इसी अवधि में गत वर्ष 737.2 मि.मी. अर्थात 29 इंच औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस वर्ष अभी तक जिले में सबसे ज्यादा वर्षा पटेरा में 713.4 मि.मी. दर्ज की गई है। भू-अभिलेख अधीक्षक ने बताया अभी तक जिले के दमोह वर्षामापी केन्द्र पर 411 मि.मी., हटा 548.8 मि.मी., जबेरा में 390 मि.मी. पथरिया 521 मि.मी., तेन्दूखेड़ा 418.6 मि.मी, बटियागढ़ 263 मि.मी. तथा पटेरा में 713.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। दैनिक वर्षा के तहत जिले में 3.0 मि.मी. अर्थात 0.1 इंच वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान वर्षामापी केन्द्र दमोह में 1.0 मि.मी., हटा में 4.2 मि.मी., जबेरा में 1.0 मि.मी. पथरिया 1.0 मि.मी., बटियागढ़ 10 मि.मी. तथा पटेरा में 4.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।

2 hrs ago
user_Reeport 100
Reeport 100
Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

जिले में 466.5 मि.मी. वर्षा दर्ज दमोह -जिले में इस वर्ष 1 जून से अभी तक 466.5 मि.मी. अर्थात 18.3 इंच औसत वर्षा जिले में 466.5 मि.मी. वर्षा दर्ज दमोह -जिले में इस वर्ष 1 जून से अभी तक 466.5 मि.मी. अर्थात 18.3 इंच औसत वर्षा दर्ज हुई है, जो अभी तक गत वर्ष से 270.7 मि.मी. अर्थात 10.7 इंच कम है। इसी अवधि में गत वर्ष 737.2 मि.मी. अर्थात 29 इंच औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस वर्ष अभी तक जिले में सबसे ज्यादा वर्षा पटेरा में 713.4 मि.मी. दर्ज की गई है। भू-अभिलेख अधीक्षक ने बताया अभी तक जिले के दमोह वर्षामापी केन्द्र पर 411 मि.मी., हटा 548.8 मि.मी., जबेरा में 390 मि.मी. पथरिया 521 मि.मी., तेन्दूखेड़ा 418.6 मि.मी, बटियागढ़ 263 मि.मी. तथा पटेरा में 713.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। दैनिक वर्षा के तहत जिले में 3.0 मि.मी. अर्थात 0.1 इंच वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान वर्षामापी केन्द्र दमोह में 1.0 मि.मी., हटा में 4.2 मि.मी., जबेरा में 1.0 मि.मी. पथरिया 1.0 मि.मी., बटियागढ़ 10 मि.मी. तथा पटेरा में 4.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • दमोह लोकायुक्त की गिरफ्त में आए रिश्वतखोर रोजगार सहायक 8 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार की
    1
    दमोह लोकायुक्त की गिरफ्त में आए रिश्वतखोर रोजगार सहायक

8 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार की
    user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    37 min ago
  • पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    1
    पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची 
पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची 
दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं  ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल
    1
    सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल

सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल
    user_Ramjan रिपोर्टर जिला ब्यूरो चीफ Khan
    Ramjan रिपोर्टर जिला ब्यूरो चीफ Khan
    Amusement Centre पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न 11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल
    1
    गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न
11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मूंग-उड़द खरीदी में बड़ा बदलाव, अब किसानों 60% उपज खरीदेगी सरकार, कलेक्टर ने दी जानकारी दमोह। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग-उड़द खरीदी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को राहत दी है। अब प्रति एकड़ निर्धारित 25% की बजाय वास्तविक उपज का 60% समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा। मामले में आज शनिवार दोपहर 2 बजे दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने वीडियो जारी कर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर यह निर्णय किसानों की मांग को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पहले पंजीयन कराकर आंशिक तुलाई करा ली है, वे भी अपनी शेष उपज किसी भी निर्धारित खरीदी केंद्र पर बेच सकेंगे। सभी केंद्रों को नए निर्देशों से अवगत करा दिया गया है तथा अतिरिक्त तौल कांटे और बारदाने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों का कहना है कि पहले अधिक उत्पादन होने के बावजूद अधिकांश फसल कम कीमत पर मंडियों में बेचनी पड़ती थी। लेकिन नए निर्णय से अब अधिक मात्रा में उपज एमएसपी पर बिक सकेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
    1
    मूंग-उड़द खरीदी में बड़ा बदलाव, अब किसानों 60% उपज खरीदेगी सरकार, कलेक्टर ने दी जानकारी 
दमोह। मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग-उड़द खरीदी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को राहत दी है। अब प्रति एकड़ निर्धारित 25% की बजाय वास्तविक उपज का 60% समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा। मामले में आज शनिवार दोपहर 2 बजे दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने वीडियो जारी कर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर यह निर्णय किसानों की मांग को देखते हुए लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पहले पंजीयन कराकर आंशिक तुलाई करा ली है, वे भी अपनी शेष उपज किसी भी निर्धारित खरीदी केंद्र पर बेच सकेंगे। सभी केंद्रों को नए निर्देशों से अवगत करा दिया गया है तथा अतिरिक्त तौल कांटे और बारदाने की व्यवस्था की जा रही है।
किसानों का कहना है कि पहले अधिक उत्पादन होने के बावजूद अधिकांश फसल कम कीमत पर मंडियों में बेचनी पड़ती थी। लेकिन नए निर्णय से अब अधिक मात्रा में उपज एमएसपी पर बिक सकेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
    1
    दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बारिश में जर्जर स्कूल बना खतरा, अमतरा प्राथमिक शाला की छत से टपक रहा पानी, 30 बच्चों की जान जोखिम में जबेरा (दमोह)। तहसील जबेरा अंतर्गत ग्राम अमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की भवन स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण स्कूल की छत से पानी का रिसाव हो रहा है, वहीं छत का प्लास्टर भी टूटकर नीचे गिरने लगा है। ऐसे में स्कूल में अध्ययनरत लगभग 30 छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी डर के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। पालकों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासकीय प्राथमिक शाला अमतरा की तत्काल मरम्मत कराई जाए या सुरक्षित भवन में कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    1
    बारिश में जर्जर स्कूल बना खतरा, अमतरा प्राथमिक शाला की छत से टपक रहा पानी, 30 बच्चों की जान जोखिम में

जबेरा (दमोह)। तहसील जबेरा अंतर्गत ग्राम अमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की भवन स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण स्कूल की छत से पानी का रिसाव हो रहा है, वहीं छत का प्लास्टर भी टूटकर नीचे गिरने लगा है। ऐसे में स्कूल में अध्ययनरत लगभग 30 छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी डर के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।

पालकों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासकीय प्राथमिक शाला अमतरा की तत्काल मरम्मत कराई जाए या सुरक्षित भवन में कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • Post by सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    4
    Post by सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    51 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.