बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड स्थित महना गांव के युवा एथलीट सेतु मिश्रा ने चीन में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। सेतु मिश्रा 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में भारतीय टीम के सदस्य के रूप में शामिल थे, जहाँ भारतीय टीम ने मेजबान चीन को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। विजेता भारतीय टीम में सेतु मिश्रा के अलावा आस्तिक प्रधान, सैंड्रा मोल साबू और श्रावणी सचिन सांगले भी शामिल थे। महना गांव निवासी सेतु मिश्रा वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से जुड़े हुए हैं और लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी है। सेतु मिश्रा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे पश्चिम चंपारण में गर्व और खुशी का माहौल है।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड स्थित महना गांव के युवा एथलीट सेतु मिश्रा ने चीन में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। सेतु मिश्रा 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में भारतीय टीम के सदस्य के रूप में शामिल थे, जहाँ भारतीय टीम ने मेजबान चीन को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। विजेता भारतीय टीम में सेतु मिश्रा के अलावा आस्तिक प्रधान, सैंड्रा मोल साबू और श्रावणी सचिन सांगले भी शामिल थे। महना गांव निवासी सेतु मिश्रा वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से जुड़े हुए हैं और लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी है। सेतु मिश्रा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे पश्चिम चंपारण में गर्व और खुशी का माहौल है।
- बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के लोगों को अब मुफ्त में सोलर प्लेट प्रदान की जाएगी और इसके साथ ही उन्हें 125 यूनिट फ्री बिजली भी मिलेगी।1
- पश्चिम चम्पारण के बैरिया क्षेत्र के उत्तररी पटजीरवा और दक्षिणी पटजीरवा के ग्रामीणों ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तटबंध और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भारी अनियमितता बरती जा रही है, जिससे दोनों पंचायतों पर बाढ़ का खतरा और भी अधिक बढ़ सकता है। पटजीरवा पर मंडरा रहे इस संकट को लेकर ग्रामीणों ने 'बाढ़ से पहले चेतावनी' दी है और तीखा सवाल पूछा है कि आखिर उन्हें बाढ़ से बचाएगा कौन? इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस सुरक्षा कार्य में गड़बड़ी करने वाले दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन थाना परिसर में शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने की। इस अवसर पर राजस्व पदाधिकारी अरुण कुमार भी मौजूद रहे। जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद से जुड़े सामने आए, जिसमें अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान जितेंद्र पटेल, सीताराम पटेल, मुकेश पटेल, शिकारी पटेल, राकेश पटेल और वासुदेव राम सहित कई लोगों के नए आवेदन प्राप्त हुए। सुनवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों की दलीलें बेहद ध्यानपूर्वक सुनी गईं, जिसके बाद कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, शेष मामलों में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अगली निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि भूमि विवादों का निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय स्तर पर विवादों का त्वरित निपटारा कर लोगों को राहत देने का प्रयास लगातार जारी है।1
- बिहार के अररिया में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के लिए 1.5 लाख रुपये की घूस मांगने का मामला सामने आया है। यहाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बदलाव करने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की इस रिश्वत की मांग की गई है।1
- भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के रक्सौल में बाल विवाह की आड़ में मानव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। गुप्त सूचना के आधार पर हरैया थाना पुलिस, रक्सौल प्रशासन, मानव तस्करी रोधी इकाई, एसएसबी और प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर सहित कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान से आए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यहाँ एक मात्र 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी जबरन 35 वर्षीय राजस्थान निवासी व्यक्ति से कराई जा रही थी। समय रहते संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया और इस तरह संभावित मानव तस्करी की एक बड़ी घटना को विफल कर दिया। काउंसलिंग के दौरान पीड़ित बच्ची ने बताया कि उसके परिवार के कुछ लोगों ने पैसे, गहने और अन्य सामान के लालच में आकर उसकी जबरन शादी तय की थी। इस मामले में पुलिस ने चारों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 तथा मानव तस्करी से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत हरैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वर्तमान में नाबालिग को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा गया है, जबकि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार किन-किन राज्यों तक जुड़े हैं और क्या पूर्व में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया गया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि कई मामलों में मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध का माध्यम भी बनता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें ताकि मासूम बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।1