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मूंग के बीजों को जैविक ट्राइकोडर्मा दवाई से शोधित करके खेत में बोने का कार्य किया जा रहा है। मूंग के बीजों को जैविक ट्राइकोडर्मा दवाई से शोधित करके खेत में बोने का कार्य किया जा रहा है। यह प्रक्रिया बीजों को फफूंद जनित रोगों से बचाती है और अंकुरण को बेहतर बनाती है। ट्राइकोडर्मा एक लाभकारी जीवाणु है, जो मिट्टी में मौजूद हानिकारक रोगों को नियंत्रित करता है। इससे पौधे स्वस्थ, मजबूत और तेजी से विकसित होते हैं। जैविक विधि अपनाने से फसल की गुणवत्ता बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। 🌱
Yogendra Prajapati
मूंग के बीजों को जैविक ट्राइकोडर्मा दवाई से शोधित करके खेत में बोने का कार्य किया जा रहा है। मूंग के बीजों को जैविक ट्राइकोडर्मा दवाई से शोधित करके खेत में बोने का कार्य किया जा रहा है। यह प्रक्रिया बीजों को फफूंद जनित रोगों से बचाती है और अंकुरण को बेहतर बनाती है। ट्राइकोडर्मा एक लाभकारी जीवाणु है, जो मिट्टी में मौजूद हानिकारक रोगों को नियंत्रित करता है। इससे पौधे स्वस्थ, मजबूत और तेजी से विकसित होते हैं। जैविक विधि अपनाने से फसल की गुणवत्ता बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। 🌱
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- JAMUI SBI RSETI के सभी साथी हमारे आश्रम BRC केंद्र में प्रशिक्षण लेने आए हैं। यह प्रशिक्षण प्राकृतिक खेती पर आधारित है। साथियों को जैविक तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान संजीवनी खाद बनाना सिखाया जा रहा है। संजीवनी खाद एक प्राकृतिक खाद है। इसे गोबर से बनाया जाता है। गौमूत्र भी इसमें मिलाया जाता है। गुड़ का उपयोग किया जाता है। स्थानीय मिट्टी भी डाली जाती है। इन सभी को मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इसे कुछ दिनों तक रखा जाता है। फिर यह उपयोग के लिए तैयार हो जाती है। यह खाद पूरी तरह जैविक होती है। इससे मिट्टी की ताकत बढ़ती है। मिट्टी उपजाऊ बनती है। फसलों की वृद्धि तेज होती है। पौधे स्वस्थ रहते हैं। जड़ें मजबूत बनती हैं। रोगों से बचाव होता है। कीटों का असर कम होता है। रासायनिक खाद की जरूरत घटती है। खर्च कम होता है। पर्यावरण सुरक्षित रहता है। मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है। यह खेती को टिकाऊ बनाती है। किसानों के लिए लाभकारी है। साथी इस विधि को सीख रहे हैं। प्रयोग करके समझ रहे हैं। भविष्य में इसका उपयोग करेंगे। अपने खेतों में अपनाएंगे। दूसरे किसानों को भी बताएंगे। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देंगे। यह प्रशिक्षण बहुत उपयोगी है। ज्ञान और अनुभव दोनों मिल रहा है। सभी साथी उत्साहित हैं। नई तकनीक सीख रहे हैं। यह पहल खेती में बदलाव लाएगी।2
- कहा खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूं... कहा क्या जनता की मुद्दे उठाना गलत है..... कहा आम आदमी पार्टी का क्या फायदा हुआ.....1
- जमुई के कांग्रेसी नेता केंद्र सरकार पर आग बबूला होते हुए कहा - दूसरा अंग्रेज मोदी जी हैं !1
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- नवनियुक्त जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गौतम के नेतृत्व में Indian National Congress के कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर कड़ा विरोध जताया। नेताओं का कहना था कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कालाबाजारी हो रही है और लोगों को सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई। उन्होंने केंद्र सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष समेत कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। 👉 बिहार की हर बड़ी राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे चैनल के साथ। वीडियो को लाइक 👍, शेयर 🔁 और सब्सक्राइब 🔔 जरूर करें। 🔖 Tags: Jamui News, Congress Protest, Inflation, Narendra Modi, Bihar News, Political News, Gas Price, Petrol Diesel Price, Hindi News, Breaking News1
- गूलर के पेड़ के नीचे गिरे फल और मिट्टी में प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों की भरपूर मात्रा होती है। इसी मिट्टी से तैयार किया गया जीवामृत खेतों के लिए बहुत लाभकारी होता है। यह पौधों की वृद्धि को तेज करता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। प्राकृतिक खेती में यह एक सस्ता और प्रभावी उपाय है। इससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है और फसल शुद्ध एवं पौष्टिक बनती है।1