#डूंगरपुर:राजकीय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से #डूंगरपुर:राजकीय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से विद्यालयों में प्रवेशोत्सव जारी, घर-घर संपर्क अभियान के जरिए शिक्षा से जोड़ने का संकल्प, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट घटाने पर विशेष फोकस जयपुर, डूंगरपुर, 30 मार्च। राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत इस बार एक नई ऊर्जा और व्यापक जनभागीदारी के साथ होने जा रही है। नवीन सत्र इस वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा जिसके लिए राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में “प्रवेशोत्सव 2026” का आयोजन किया जा रहा है। श्सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभश् के संदेश को मूर्त रूप देने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा राज्य स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस वर्ष प्रवेशोत्सव को केवल एक औपचारिक आयोजन न मानते हुए इसे नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के सशक्त अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। घर-घर पहुंचकर बदल रही तस्वीर प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए इस बार घर-घर जाकर अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के ’’सघन अभियान‘‘ को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है, जो इस पूरे अभियान की सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। राज्यभर में चरणबद्ध रूप से 27 मार्च, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल और 15 अप्रैल को विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक घर तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यालय स्टाफ एवं स्थानीय कार्मिकों की टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जिसमें 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का चिन्हीकरण कर उनके नामांकन को सुनिश्चित किया जा रहा है। यह व्यापक जनसंपर्क प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार तक शिक्षा का संदेश पहुंचे। अभिभावक सहभागिता से बना मजबूत विश्वास हाल ही में आयोजित मेगा पीटीएम ने इस अभियान को मजबूत आधार प्रदान किया है। इस दौरान राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, एसीएस शिक्षा आईएएस राजेश यादव तथा प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट स्वयं विद्यालयों में पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए यह सुनिश्चित किया कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित हो। इस पहल ने न केवल शैक्षणिक पारदर्शिता को बढ़ावा दिया, बल्कि अभिभावकों के बीच सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है। पहले दिन से शिक्षण, पुस्तकों की समयबद्ध उपलब्धता इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि 1 अप्रैल से ही विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूर्ण रूप से प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकांश पाठ्यपुस्तकें 25 मार्च तक जिलों में पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष पुस्तकों की आपूर्ति 1 अप्रैल तक पूर्ण कर दी जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को सत्र के पहले दिन से ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का विभाग का संकल्प पूर्ण रूप से साकार होगा और “पहले दिन से पढ़ाई” का लक्ष्य जमीन पर दिखाई देगा। स्वास्थ्य और सीखने पर समान ध्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल से डिजिटल स्वास्थ्य जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों की नियमित जांच कर चिन्हित समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, मई माह में आधारभूत दक्षताओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाया जा सके। सुदृढ़ होती व्यवस्थाएं, बढ़ता विश्वास राजकीय विद्यालयों में पिछले वर्षों में हुए सुधारों ने शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दी है। प्रशिक्षित शिक्षक, सुव्यवस्थित भवन, स्मार्ट कक्षाएं, आईसीटी लैब, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति, खेल सुविधाएं, व्यावसायिक शिक्षा, डिजिटल लाइब्रेरी और रीडिंग कॉर्नर जैसी व्यवस्थाएं अब इन विद्यालयों की पहचान बन चुकी हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन योजनाएं विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिससे राजकीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मजबूत और विश्वसनीय केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्पः- शिक्षा विभाग द्वारा सभी अधिकारियों और कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों का नामांकन नजदीकी राजकीय विद्यालयों में सुनिश्चित करें। विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि उन्हें प्रारंभ से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। नई सोच के साथ मजबूत शुरुआत “सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभ” की यह पहल राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है। “प्रवेशोत्सव 2026” अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है, जो घर-घर पहुंचकर हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव को और मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
#डूंगरपुर:राजकीय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से #डूंगरपुर:राजकीय विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से विद्यालयों में प्रवेशोत्सव जारी, घर-घर संपर्क अभियान के जरिए शिक्षा से जोड़ने का संकल्प, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट घटाने पर विशेष फोकस जयपुर, डूंगरपुर, 30 मार्च। राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत इस बार एक नई ऊर्जा और व्यापक जनभागीदारी के साथ होने जा रही है। नवीन सत्र इस वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा जिसके लिए राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में “प्रवेशोत्सव 2026” का आयोजन किया जा रहा है। श्सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभश् के संदेश को मूर्त रूप देने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा राज्य स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस वर्ष प्रवेशोत्सव को केवल एक औपचारिक आयोजन न मानते हुए इसे नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के सशक्त अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। घर-घर पहुंचकर बदल रही तस्वीर प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए इस बार घर-घर जाकर अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के ’’सघन अभियान‘‘ को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है, जो इस पूरे अभियान की सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। राज्यभर में चरणबद्ध रूप से 27 मार्च, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल और 15 अप्रैल को विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक घर तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यालय स्टाफ एवं स्थानीय कार्मिकों की टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जिसमें 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का चिन्हीकरण कर उनके नामांकन को सुनिश्चित किया जा रहा है। यह व्यापक जनसंपर्क प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार तक शिक्षा का संदेश पहुंचे। अभिभावक सहभागिता से बना मजबूत विश्वास हाल ही में आयोजित मेगा पीटीएम ने इस अभियान को मजबूत आधार प्रदान किया है। इस दौरान राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, एसीएस शिक्षा आईएएस राजेश यादव तथा प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट स्वयं विद्यालयों में पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए यह सुनिश्चित किया कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित हो। इस पहल ने न केवल शैक्षणिक पारदर्शिता को बढ़ावा दिया, बल्कि अभिभावकों के बीच सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है। पहले दिन से शिक्षण, पुस्तकों की समयबद्ध उपलब्धता इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि 1 अप्रैल से ही विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूर्ण रूप से प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकांश पाठ्यपुस्तकें 25 मार्च तक जिलों में पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष पुस्तकों की आपूर्ति 1 अप्रैल तक पूर्ण कर दी जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को सत्र के पहले दिन से ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का विभाग का संकल्प पूर्ण रूप से साकार होगा और “पहले दिन से पढ़ाई” का लक्ष्य जमीन पर दिखाई देगा। स्वास्थ्य और सीखने पर समान ध्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल से डिजिटल स्वास्थ्य जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों की नियमित जांच कर चिन्हित समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, मई माह में आधारभूत दक्षताओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाया जा सके। सुदृढ़ होती व्यवस्थाएं, बढ़ता विश्वास राजकीय विद्यालयों में पिछले वर्षों में हुए सुधारों ने शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दी है। प्रशिक्षित शिक्षक, सुव्यवस्थित भवन, स्मार्ट कक्षाएं, आईसीटी लैब, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति, खेल सुविधाएं, व्यावसायिक शिक्षा, डिजिटल लाइब्रेरी और रीडिंग कॉर्नर जैसी व्यवस्थाएं अब इन विद्यालयों की पहचान बन चुकी हैं। इसके साथ ही छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन योजनाएं विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिससे राजकीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मजबूत और विश्वसनीय केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्पः- शिक्षा विभाग द्वारा सभी अधिकारियों और कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों का नामांकन नजदीकी राजकीय विद्यालयों में सुनिश्चित करें। विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि उन्हें प्रारंभ से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। नई सोच के साथ मजबूत शुरुआत “सत्रारंभ के साथ शिक्षारंभ” की यह पहल राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है। “प्रवेशोत्सव 2026” अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है, जो घर-घर पहुंचकर हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव को और मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
- डूंगरपुर। जिले में सकल जैन समाज की ओर से भगवान महावीर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है | इसी के तहत डूंगरपुर शहर में सकल जैन समाज की ओर से भगवान महावीर की जयंती मनाई गई | इस दौरान जैन समाज की ओर से प्रभात फेरी निकालने के बाद भगवान महावीर की शोभायात्रा निकाली गई जिसमे भगवान महावीर के जयकारो से शहर गूंज उठा | इधर इस मौके पर अन्य कई कार्यक्रम भी आयोजित किये गए |1
- डूंगरपुर। जिले के बुवेला गांव में जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई ने बड़े भाई पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में बड़े भाई के सिर में गंभीर चोट आई। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार गुमानपुरा के बुवेला गांव निवासी भोगीलाल पुत्र हाजा डामोर का छोटे भाई छोटेलाल डामोर से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार दोपहर भोगीलाल घर से करीब आधा किमी दूर खेत पर गया था। खेत पर ही छोटेलाल ने भोगीलाल के सिर के पीछे धारदार हथियार से वार कर दिया। भोगीलाल के सिर से खून बहने लगा। परिजन घायल भोगीलाल को निजी वाहन से डूंगरपुर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। सूचना पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल से घटना की जानकारी ली।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ पब्लिक एप का यह। अंक आज ओसवाल समाज के भगवान महावीर जी के जन्म उत्सव पर जयंती पर उनके चरणों में समर्पित। आज दादाबाड़ी के आंगन में भगवान महावीर का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा उत्तर के विधायक शांति धारीवाल थे। और अध्यक्ष का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व खादी बोर्ड के बाईस चेयरमैन पंकज मेहता कर रहे थे। आज महान विभूतियों को दादावाड़ी की कार्य समिति के अध्यक्ष नरेंद्र लोडा और उपाध्यक्ष अनिल दक महामंत्री सुरेश कुमार अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह खजांची और उनकी कार्यकारिणी ने बहूमान किया सम्मान किया। और उन्हें साल श्री फल देकर प्रोत्साहित किया गया। देहदान तपस्या शिक्षा अन्य क्षेत्रों में उपलब्धि करने वालों को पुरस्कार से नवाजा गया। सबसे बड़ी सबसे गौरव की उपलब्धि आज उस बहन को सम्मानित किया गया। जो कोटा की माटी की रज है। माटी की बेटी है बहन है। और उसने शादी के बाद कठिन परिश्रम कर आरपीएससी की परीक्षा पास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश गुजरात में अपना मजिस्ट्रेट का सफर शुरू किया है। आज उस बहन टीना को भी समाज ने शाल श्रीफल प्रशंसा पत्र देकर बहुमान किया है। सम्मान किया है। समाज को उसे समय हल्का सा बुरा जरूर लगा। जब शांति धारीवाल ओसवाल समाज की भरी संसद में अपने दो शब्द आशीष वचन के भगवान महावीर स्वामी के बताएं पद माग के धर्मसंसद में माता और बहनों और तरुणाई को नहीं देकर चल दिए। वही अध्यक्ष श्री मंच से उदगार व्यक्त करते हुए पंकज मेहता ने आज सबसे महत्वपूर्ण समाज के लोगों से विनम्र अपील की है। कि जो लोग धनाढय समाज के भामाशाह धन-धन है। और जो लोग गरीबों की मार झेल रहे हैं। गरीबों की रेखा से नीचे हैं। उन पर भी समाज ध्यान दें उनके बच्चों को पढ़ाई बीमार होने पर दवाई आर्थिक तंगी होने पर उन्हें धंधा रोजगार देने के लिए या तो कोई फंड बनाएं जाये या एक-एक भामाशाह एक-एक गरीब परिवार को गोद ले ले। करतल ध्वनि से हजारों ओसवाल समाज के बुजुर्ग माता-पिता भाई बहनों ने कर्ततल ध्वनि से पंकज जी के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।1
- धंबोला। समाजिक संगठन की परंपरा और गौरव को आगे बढ़ाते हुए विप्र फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में श्री ललित उपाध्याय को वर्ष 2026-28 हेतु बाँसवाड़ा जोन-1जी का जोनल संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। यह घोषणा 15 मार्च 2026 को पुष्कर में आयोजित 18वें राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन में हुई। जोन-1जी के प्रदेश अध्यक्ष योगेश जोशी ने बताया कि यह नियुक्ति संस्थापक संयोजक सुशील ओझा की अनुशंसा पर की गई है। उन्होंने कहा कि श्री ललित उपाध्याय का चयन उनके समर्पण, दूरदर्शिता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए किया गया है। वर्ष 2025 में जिलाध्यक्ष रहते हुए श्री उपाध्याय द्वारा समाजहित में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए, जिनमें परशुराम चौराया के विकास तथा परशुराम मंदिर से जुड़े कार्य प्रमुख रहे। समाज के प्रति उनकी सक्रियता और समर्पण को देखते हुए ही उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना गया है। संगठन को पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में विप्र फाउंडेशन अपने उद्देश्यों की दिशा में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगा तथा समाजहित में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। नियुक्ति 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगी। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जोनल अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय महामंत्री से समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही संगठनात्मक कार्यों को गति प्रदान करें। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, सीए ने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस नियुक्ति पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और विभिन्न सामाजिक संगठनों व गणमान्य नागरिकों ने बधाई एवँ शुभकामनाएं दी है।1
- डूंगरपुर जिले से एक बार फिर बेटियों ने सफलता का परचम लहराया है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी होते ही जहां पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है, वहीं सागवाड़ा उपखंड के छोटे से गांव गोटाद की बेटी लेखि लेवोत ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कला संकाय में 98.40 प्रतिशत अंक हासिल कर लेखि ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे सागवाड़ा क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। खास बात यह है कि लेखि ने सीमित संसाधनों के बावजूद रोजाना मात्र 2 घंटे पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। उनकी इस सफलता पर गांव में जश्न का माहौल है, परिजन और ग्रामीण लगातार बधाई दे रहे हैं। लेखि का कहना है कि उन्होंने नियमितता और सही रणनीति के साथ पढ़ाई की और कभी हार नहीं मानी। अब उनका सपना आगे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने लक्ष्य को हासिल करना है। आइए मिलते हैं इस होनहार छात्रा से और जानते हैं उनकी सफलता का राज।1
- सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पीठ में भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती महोत्सव बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रातःकाल मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक जिसमे श्रद्धालुओं ने बोली लेकर भगवान को जलधारा, इक्षुरस, आमरस, सुगंधित धारा, दूध की धारा, सरवौषधि की धारा, चंदन लेपन एवं चतुर्थ कलश आदि से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उसके पश्चात भगवान् की अखण्ड शांति धारा हुई। उसके पश्चात पूजा-अर्चना के बाद भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान को सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया। इस दौरान भक्तों ने भगवान पर अक्षत एवं पुष्प वर्षा कर जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर शाम भक्तामर स्तोत्र का पाठ कर 48 दीपक प्रज्वलित किए गए तथा 48 दीपकों से भगवान को अर्घ्य समर्पित किया गया। इसके पश्चात भक्तामर स्तोत्र एवं भगवान की आरती की गई। महावीर स्वामी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने भगवान का पालना झुलाकर जयकारे लगाए और अहिंसा एवं जियो और जीने दो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष विमलचंद्र कोठारी, उपाध्यक्ष सतीश कोठारी, पूर्व अध्यक्ष राजमल कोठारी, महामंत्री दिलीप कोठारी, सचिव राजेंद्र शाह, कुरीचंद कोठारी, महेश कोठारी, राजेंद्र कोठारी, सहित महिला मंडल, युवा मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।पीठ. कस्बे स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पीठ में भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती महोत्सव बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रातःकाल मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक जिसमे श्रद्धालुओं ने बोली लेकर भगवान को जलधारा, इक्षुरस, आमरस, सुगंधित धारा, दूध की धारा, सरवौषधि की धारा, चंदन लेपन एवं चतुर्थ कलश आदि से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उसके पश्चात भगवान् की अखण्ड शांति धारा हुई। उसके पश्चात पूजा-अर्चना के बाद भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान को सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया। इस दौरान भक्तों ने भगवान पर अक्षत एवं पुष्प वर्षा कर जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर शाम भक्तामर स्तोत्र का पाठ कर 48 दीपक प्रज्वलित किए गए तथा 48 दीपकों से भगवान को अर्घ्य समर्पित किया गया। इसके पश्चात भक्तामर स्तोत्र एवं भगवान की आरती की गई। महावीर स्वामी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने भगवान का पालना झुलाकर जयकारे लगाए और अहिंसा एवं जियो और जीने दो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष विमलचंद्र कोठारी, उपाध्यक्ष सतीश कोठारी, पूर्व अध्यक्ष राजमल कोठारी, महामंत्री दिलीप कोठारी, सचिव राजेंद्र शाह, कुरीचंद कोठारी, महेश कोठारी, राजेंद्र कोठारी, सहित महिला मंडल, युवा मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- बीच में बोलने वाले सांसद जी कौन हो सकते हैं l🤔1
- डूंगरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र के नवाघरा रोड पर एक तेज रफ़्तार बाइक ने अन्य बाइक को टक्कर मार दी | हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई | पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | वही मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है|1