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रांची स्थित मनरखन महतो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने सफलतापूर्वक 14 वर्ष पूरे किए, जिसे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संस्थान के चेयरमैन ने इस यात्रा को 'शिक्षा का छोटा पौधा आज एक विशाल वटवृक्ष' बनने जैसा बताया। यह संस्थान शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के दम पर झारखंड के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बना चुका है।
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रांची स्थित मनरखन महतो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने सफलतापूर्वक 14 वर्ष पूरे किए, जिसे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संस्थान के चेयरमैन ने इस यात्रा को 'शिक्षा का छोटा पौधा आज एक विशाल वटवृक्ष' बनने जैसा बताया। यह संस्थान शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के दम पर झारखंड के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बना चुका है।
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- पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ तेज प्रताप यादव के आवास से 20 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन चोरी होने का मामला दर्ज किया गया है। इस घटना को लेकर उनके निजी सहायक (PA) मोती लाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- गोमिया में एक युवती अपने प्रेमी से मिलने की जिद पर अड़कर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना के चलते घटनास्थल पर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।1
- बिहार में कोचिंग माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा एक्शन लिया है।1
- रांची में मुहर्रम का रस्म-ए-पगड़ी आयोजित किया गया। यह आयोजन न्यू मुजाहिद घोल द्वारा हिंदपीढ़ी, रांची में संपन्न हुआ।1
- भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर मंगलवार को रातु ब्लॉक स्थित राजकीय मध्य विद्यालय प्रांगण में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। भारतीय जनता पार्टी के रातु पश्चिमी मंडल अध्यक्ष रितेश कुमार साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के जिला, मंडल एवं बूथ स्तर के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वक्ता अजय तिवारी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, देश की एकता एवं अखंडता के लिए किए गए उनके संघर्ष और उनके अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत है, और उनके बलिदान को देश सदैव स्मरण करता रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा में प्रदीप टोप्पो, शिवपूजन साहू, राजेश सिंह, जीतेश्वर मुंडा, संजीव तिवारी, परमेश्वर सिंह, पंचम महतो, मीरा कुमारी, हिमांशू चौबे और यस सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- चैनपुर टाटा डीएवी स्कूल को मर्ज किए जाने के निर्णय से अभिभावकों में तीव्र नाराजगी देखी गई है। इस फैसले के विरोध में, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर धरना दिया। अभिभावक लगातार इस विलय के निर्णय का विरोध कर रहे हैं।1
- झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन को प्रदान किया। इस अवसर पर गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित थीं। जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को जनआंदोलन का रूप देने वाले गुरुजी का यह योगदान झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। एक अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी अग्रणी भूमिका को सदैव याद रखा जाएगा।1
- राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) केंद्र पर मात्र दो मिनट की देरी के कारण एक छात्रा और उसके पिता को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बावजूद छात्रा को प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रा और उसके पिता को परीक्षा में बैठने की गुहार लगाते और गेट के बाहर रोते हुए देखा जा सकता है। यह घटना शिक्षा प्रणाली में नियमों की कठोरता और उनके एकतरफा अनुप्रयोग पर एक गंभीर सवाल उठाती है। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या कड़े नियम-कानून केवल छात्रों के लिए ही बनाए गए हैं। यदि छात्रों के लिए दो मिनट की देरी अस्वीकार्य है, तो यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से देर से आने वाले शिक्षकों और अधिकारियों पर भी ऐसे ही सख्त नियम लागू होते हैं। यह मामला नियमों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए भी मानवीय संवेदनाओं के लिए जगह की कमी पर प्रकाश डालता है। सोशल मीडिया पर लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं कि क्या नियमों में मानवीय पहलू को भी शामिल किया जाना चाहिए, या उन्हें हमेशा निर्विवाद रूप से लागू किया जाना चाहिए।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निषांत कुमत सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।1