जिले में फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से 1806 महिलाओं ने हरिया दारु बेचना छोड, बदली जिंदगी झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर साहिबगंज जिले में इस साल 1468 महिलाएं आजीविका का वैकल्पिक साधन अपना चुकी हैं. महिलाओं को चिन्हित कर आजीविका संवर्द्धन के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है. इससे वे हड़िया और दारू बेचने के धंधे को छोड़कर सम्मानजनक कारोबार से जुड़ रही हैं. साहिबगंज जिले के लिए फूलों झानौ आशीर्वाद योजना महिलाओं के लिए वरदान है . जिले में पांच सालों में 1806 महिलाएं छोड़ दीं हड़िया दारू बेचना सरकारी आंकड़ों के अनुसार पांच सालों में जिले में हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी करीब 1806महिलाओं ने फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आजीविका के वैकल्पिक साधन अपनाया है. 20 सितंबर 2020 को शुरू हुए फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से अब तक 1806महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं. अब ये हड़िया-शराब बेचना छोड़कर सम्मान की जिंदगी जी रही हैं. सबसे खास बात ये कि इससे गांव भी नशामुक्त हो रहे हैं. एक तरफ जहां महिलाएं शराब बेचना छोड़कर स्वरोजगार कर रही हैं और इज्जत की जिंदगी जीकर परिवार को सहयोग कर रही हैं. समाज में सुधरी है इन महिलाओं की स्थिति हड़िया-दारू बेचना छोड़कर दूसरे काम से जुड़ने से न केवल महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारजनों का मान-सम्मान भी समाज में बढ़ा है. इस कारोबार को छोड़ चुकी महिलाएं अब इसे समाज की कुरीतियां भी समझने लगी हैं. पहले जहां सामाजिक आयोजनों में ये लगभग बहिष्कृत रहती थीं. वे अब समाज के लिए आदर्श बन गयी हैं.महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर आजीविका के विभिन्न साधनों को अपनाया है और अच्छी आमदनी कर रही हैं. आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में सरकार से मदद भी मिली है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर आजीविका संवर्द्धन के लिए 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें. इस अभियान से जुड़कर महिलाओं ने रोजगार के विभिन्न साधनों को अपनाया है. फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से किरण देवी को दिलाए नई पहचान फोटो 02 जिले के बरहेट प्रखंड की किरण देवी, जिनकी पहचान कभी शराब निर्माता तो कभी हाट-बाज़ार में हंड़िया बेचने वाली महिला के रूप में थी, वह आज एक सफल राशन दुकानदार के रूप में जानी जाती है. सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से पंचायत के खेरवा गांव की किरण देवी भी साधारण गृहिणी का जीवन व्यतीत कर रही थीं.उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हड़िया बेचने का काम शुरू किया था.पिछले वर्ष 2022 फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जुड़कर सावित्री ने हड़िया बेचना छोड़ राशन की दुकान शुरू की. साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, मुर्गीपालन और राशन दुकान का सुचारू संचालन कर नशीली पदार्थ की बिक्री से खुद को दूर किया.साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, फूलो झानो आशीर्वाद योजना को सफल रूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जेएसएलपीएस द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत करने के सार्थक प्रयास जारी हैं. महिलाओं ने योजना से जुड़कर अपने आत्मसम्मान के लिए नई पहचान की ओर कदम बढ़ाया है. हड़िया-दारु से की गयी कमाई ही किरण देवी का रोजगार था. फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत उन्हें (10000)दस हजार का ब्याज रहित ऋण मिला. इस ऋण के सहयोग व कुछ कर दिखाने की हिम्मत के साथ सावित्री के अपने नए रोजगार के साधन अपनाए.किरण बताती हैं कि जब वे दारू का निर्माण करती थी, तो उनके पति भी दारू पीते थे. घर का माहौल खराब होने के साथ-साथ लड़ाई-झगड़े होना आम बात हो गई थी. जब उन्होंने अपने रोजगार का साधन बदला, तो परिस्थितयां भी अनुकूल हो गई.अब वह अपने परिवार के सा भरा जीवन व्यतीत कर रही हैं.समाज में सम्मान भी बढ़ा है. सुषमा देवी ने बकरी पालन से बदली अपनी किस्मत फोटो03 कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि मन में बदलाव की चाह और मेहनत करने की जज्बा हो तो जिंदगी नई दिशा बदल सकती है. जिले के बरहेट प्रखंड के बरहेट संथाली टोला निवासी सुषमा देवी की कहानी भी इसी का उदाहरण है .कभी परिवार के भरण पोषण के लिए मजबूरी में हड़िया शराब बेचने वाली पूनम देवी आज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए सामानजनक जीवन जी रही है. मेहनत संकल्प और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल भी बन गई है. कुछ वर्ष पहले तक सुषमा देवी का जीवन अभाव से भरा हुआ था, परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ी थी. लेकिन आय का कोई स्थाई साधन नहीं था ऐसे में मजबूरी में उन्हें हरिया शराब बेचने का काम करना पड़ता था. पूनम देवी की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत वर्ष 2020में झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलों झानो आशीर्वाद योजना से हुई. इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ना है जो आजीविका के लिए हरिया या शराब की बिक्री पर निर्भर है .सितंबर 2021 में सुषमा देवी इस योजना की पंजीकृत लाभार्थी बनी. उन्हें योजना के तहत 10000 रुपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया. यह राशि भले ही छोटी थी लेकिन सुषमा देवी के लिए यह एक नए अवसर का द्वार बन गई .उन्होंने इसका उपयोग बकरी पालन, मुर्गी पालन, और मौसमी सब्जियों की खेती शुरू करने में किया, धीरे-धीरे इन कार्यों से उन्हें नियमित आमदनी होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधार आने लगा आज महीने लगभग 7000 से ₹8000 तक की आय अर्जित कर रही है. अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने हाल में ही एक सिलाई मशीन भी खरीदी है .अब वह घर के कपड़े सिलने के साथ-साथ आसपास के लोगों को कपड़े सिलने का काम भी करने लगी है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान का दिख रहा है असर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में महिलाओं की जिंदगी बदली है.कोई महिला शृंगार दुकान, चाय-पकौड़ी, समौसा दुकान, अंड़ा-आमलेट दुकान का संचालन कर रही हैं, तो कई महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं बत्तख पालन, तथा कृषि कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका चलाने में जुटी हैं. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के डीपीएम मतिन तारिक ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं समाज में बेहतर कर रही हैं. इसे और गति देने का कार्य किया जा रहा है.पहले से महिलाएं अब आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही है. आगे भी इस योजना से महिलाओं को रोजगार से जोड़कर नई दिशा मिलेगी जिले में प्रखंडवार फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से लाभान्वित महिला बरहेट 273 बरहरवा 162 बोरियो 365 मंडरो 121 पतना 323 राजमहल 29 साहिबगंज 5 तलझारी 136 उधवा 54 नोट .2025का आंकड़ा
जिले में फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से 1806 महिलाओं ने हरिया दारु बेचना छोड, बदली जिंदगी झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर साहिबगंज जिले में इस साल 1468 महिलाएं आजीविका का वैकल्पिक साधन अपना चुकी हैं. महिलाओं को चिन्हित कर आजीविका संवर्द्धन के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है. इससे वे हड़िया और दारू बेचने के धंधे को छोड़कर सम्मानजनक कारोबार से जुड़ रही हैं. साहिबगंज जिले के लिए फूलों झानौ आशीर्वाद योजना महिलाओं के लिए वरदान है . जिले में पांच सालों में 1806 महिलाएं छोड़ दीं हड़िया दारू बेचना सरकारी आंकड़ों के अनुसार पांच सालों में जिले में हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी करीब 1806महिलाओं ने फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आजीविका के वैकल्पिक साधन अपनाया है. 20 सितंबर 2020 को शुरू हुए फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से अब तक 1806महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं. अब ये हड़िया-शराब बेचना छोड़कर सम्मान की जिंदगी जी रही हैं. सबसे खास बात ये कि इससे गांव भी नशामुक्त हो रहे हैं. एक तरफ जहां महिलाएं शराब बेचना छोड़कर स्वरोजगार कर रही हैं और इज्जत की जिंदगी जीकर परिवार को सहयोग कर रही हैं. समाज में सुधरी है इन महिलाओं की स्थिति हड़िया-दारू बेचना छोड़कर दूसरे काम से जुड़ने से न केवल महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारजनों का मान-सम्मान भी समाज में बढ़ा है. इस कारोबार को छोड़ चुकी महिलाएं अब इसे समाज की कुरीतियां भी समझने लगी हैं. पहले जहां सामाजिक आयोजनों में ये लगभग बहिष्कृत रहती थीं. वे अब समाज के लिए आदर्श बन गयी हैं.महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर आजीविका के विभिन्न साधनों को अपनाया है और अच्छी आमदनी कर रही हैं. आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में सरकार से मदद भी मिली है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर आजीविका संवर्द्धन के लिए 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें. इस अभियान से जुड़कर महिलाओं ने रोजगार के विभिन्न साधनों को अपनाया है. फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से किरण देवी को दिलाए नई पहचान फोटो 02 जिले के बरहेट प्रखंड की किरण देवी, जिनकी पहचान कभी शराब निर्माता तो कभी हाट-बाज़ार में हंड़िया बेचने वाली महिला के रूप में थी, वह आज एक सफल राशन दुकानदार के रूप में जानी जाती है. सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से पंचायत के खेरवा गांव की किरण देवी भी साधारण गृहिणी का जीवन व्यतीत कर रही थीं.उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हड़िया बेचने का काम शुरू किया था.पिछले वर्ष 2022 फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जुड़कर सावित्री ने हड़िया बेचना छोड़ राशन की दुकान शुरू की. साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, मुर्गीपालन और राशन दुकान का सुचारू संचालन कर नशीली पदार्थ की बिक्री से खुद को दूर किया.साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, फूलो झानो आशीर्वाद योजना को सफल रूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जेएसएलपीएस द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत करने के सार्थक प्रयास जारी हैं. महिलाओं ने योजना से जुड़कर अपने आत्मसम्मान के लिए नई पहचान की ओर कदम बढ़ाया है. हड़िया-दारु से की गयी कमाई ही किरण देवी का रोजगार था. फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत उन्हें (10000)दस हजार का ब्याज रहित ऋण मिला. इस ऋण के सहयोग व कुछ कर दिखाने की हिम्मत के साथ सावित्री के अपने नए रोजगार के साधन अपनाए.किरण बताती हैं कि जब वे दारू का निर्माण करती थी, तो उनके पति भी दारू पीते थे. घर का माहौल खराब होने के साथ-साथ लड़ाई-झगड़े होना आम बात हो गई थी. जब उन्होंने अपने रोजगार का साधन बदला, तो परिस्थितयां भी अनुकूल हो गई.अब वह अपने परिवार के सा भरा जीवन व्यतीत कर रही हैं.समाज में सम्मान भी बढ़ा है. सुषमा देवी ने बकरी पालन से बदली अपनी किस्मत फोटो03 कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि मन में बदलाव की चाह और मेहनत करने की जज्बा हो तो जिंदगी नई दिशा बदल सकती है. जिले के बरहेट प्रखंड के बरहेट संथाली टोला निवासी सुषमा देवी की कहानी भी इसी का उदाहरण है .कभी परिवार के भरण पोषण के लिए मजबूरी में हड़िया शराब बेचने वाली पूनम देवी आज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए सामानजनक जीवन जी रही है. मेहनत संकल्प और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल भी बन गई है. कुछ वर्ष पहले तक सुषमा देवी का जीवन अभाव से भरा हुआ था, परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ी थी. लेकिन आय का कोई स्थाई साधन नहीं था ऐसे में मजबूरी में उन्हें हरिया शराब बेचने का काम करना पड़ता था. पूनम देवी की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत वर्ष 2020में झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलों झानो आशीर्वाद योजना से हुई. इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ना है जो आजीविका के लिए हरिया या शराब की बिक्री पर निर्भर है .सितंबर 2021 में सुषमा देवी इस योजना की पंजीकृत लाभार्थी बनी. उन्हें योजना के तहत 10000 रुपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया. यह राशि भले ही छोटी थी लेकिन सुषमा देवी के लिए यह एक नए अवसर का द्वार बन गई .उन्होंने इसका उपयोग बकरी पालन, मुर्गी पालन, और मौसमी सब्जियों की खेती शुरू करने में किया, धीरे-धीरे इन कार्यों से उन्हें नियमित आमदनी होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधार आने लगा आज महीने लगभग 7000 से ₹8000 तक की आय अर्जित कर रही है. अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने हाल में ही एक सिलाई मशीन भी खरीदी है .अब वह घर के कपड़े सिलने के साथ-साथ आसपास के लोगों को कपड़े सिलने का काम भी करने लगी है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान का दिख रहा है असर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में महिलाओं की जिंदगी बदली है.कोई महिला शृंगार दुकान, चाय-पकौड़ी, समौसा दुकान, अंड़ा-आमलेट दुकान का संचालन कर रही हैं, तो कई महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं बत्तख पालन, तथा कृषि कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका चलाने में जुटी हैं. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के डीपीएम मतिन तारिक ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं समाज में बेहतर कर रही हैं. इसे और गति देने का कार्य किया जा रहा है.पहले से महिलाएं अब आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही है. आगे भी इस योजना से महिलाओं को रोजगार से जोड़कर नई दिशा मिलेगी जिले में प्रखंडवार फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से लाभान्वित महिला बरहेट 273 बरहरवा 162 बोरियो 365 मंडरो 121 पतना 323 राजमहल 29 साहिबगंज 5 तलझारी 136 उधवा 54 नोट .2025का आंकड़ा
- पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नाबालिग का अपहरण करने वाला आरोपी मोहन पहाड़िया गिरफ्तार, बच्ची सकुशल बरामद। "पाकुड़ नगर थाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी! नाबालिग बच्ची के अपहरण मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहन पहाड़िया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।" "लिट्टीपाड़ा के घाघ गांव का रहने वाला यह आरोपी, बच्ची को अगवा कर फरार था। नगर थाना कांड संख्या 41/26 के तहत पुलिस ने जाल बिछाया और न केवल आरोपी को दबोचा, बल्कि मासूम बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया है।"1
- पाकुड़ / झारखंड : मंगलवार का दिन नगर क्षेत्र में नगर प्रशासक अमरेंद्र चौधरी को चर्चा रही, दरअसल यह चर्चा उनके एक्शन मोड और बेहतर कार्य को लेकर था। आपको बता दे कि नगर क्षेत्र में चुनाव के पहले कई सड़क, नाला इत्यादियों का टेंडर निकाला गया था जिसकी कार्य कई जगह पूरा हो गया था और कई जगह मंगलवार को हो रहा था। ज्ञात हो कुछ जगहों से नगर प्रशासक को शिकायत आई थी कि कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रही है और क्या मंगलवार को क्षेत्र में विकास कार्यों का निरीक्षण करने खुद अमरेन्द्र कुमार चौधरी पहुंच गए। इस दौरान सहायक अभियंता पियूष शंकर, कनीय अभियंता विमल कुमार, अभिषेक सोरेन एवं शाहिद सिद्दीकी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर जाकर चल रहे निर्माण कार्यों का अस्थलीय निरीक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हुए संबंधित लोगों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। वही बेलतल्ला दुर्गा मंदिर के पास पहले से बने सड़क की गुणवत्ता में कमी के कारण प्रशासक ने फिर से उसी सड़क पर दो इंच का ढलाई करने का आदेश टीकेदार को दे दिया जिसकी कार्य भी मंगलवार को संपन्न हुई। सूत्रों की माने तो सड़क में गुणवत्ता नहीं होने के कारण प्रशासक ने साफ तौर पर कह दिया था कि अगर 2 इंच और सड़क की ढलाई नहीं हुई तो विभाग भुगतान नहीं करेगी। इस बात की तारीफ नगर परिषद क्षेत्र के सभी जगह बड़े जोर- शोर से हो रही है और लोगों का कहना है कि अगर ऐसे पदाधिकारी राज्य के हर जिला में तैनात हो जाए तो सरकार की योजनाएं गुणवत्तापूर्ण एवं अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंच पाएगी।3
- रोड बन रहा है अलकतरा और तेल मिलाकर डाला जा रहा है मेनिया चेक बाईपास रोड और देखते हैं रोड कैसे बनता है और बनकर कैसे तैयार होता है1
- साहिबगंज। साहिबगंज में सोमवार की देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और प्रशासनिक सहायता देने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम होने के कारण NH -33 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलते ही मौके पर मुफस्सिल थाना के थाना प्रभारी अनीश पांडेय दल-बल के साथ पहुंचे, वहीं नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी अनीश पांडेय ने परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाया और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम को समाप्त कर दिया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात फिर से सामान्य हो गया।4
- Post by CAppu NEWS1
- अगर आप बजाज की गाड़ी खरीदने का इरादा बने हैं तो मात्र 9999 की डाउन पेमेंट पर आपके मनपसंद कोई भी गाड़ी घर ले जा सकते हैं परिवार में एक नई खुशियां शामिल कर सकते हैं? #BreakingNews #jharkhand1
- Post by MOHAMMAD SADDAM1
- साहिबगंज। साहिबगंज में सोमवार की देर रात तेज रफ्तार का कहर दो युवकों की जान ले गया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शोभनपुर मठिया (डेरा पीपल पेड़) के पास रात लगभग 12 बजे की बताई जा रही है। जहां तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पीपल के पेड़ से टकरा गई, जिससे बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना के महादेवगंज गश्ती दल मौके पर पहुंचा और दोनों घायलों को तुरंत उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान सनोज कुमार यादव (तालबन्ना) तथा बादल यादव (शोभापुर भट्ठा) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों युवक मोटरसाइकिल से साहिबगंज से महादेवगंज की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मठिया पीपल पेड़ के पास मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद वहां से गुजर रही मुफस्सिल थाना की गश्ती टीम ने तत्काल दोनों युवकों को उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को इसकी सूचना दी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।4