जिले में फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से 1806 महिलाओं ने हरिया दारु बेचना छोड, बदली जिंदगी झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर साहिबगंज जिले में इस साल 1468 महिलाएं आजीविका का वैकल्पिक साधन अपना चुकी हैं. महिलाओं को चिन्हित कर आजीविका संवर्द्धन के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है. इससे वे हड़िया और दारू बेचने के धंधे को छोड़कर सम्मानजनक कारोबार से जुड़ रही हैं. साहिबगंज जिले के लिए फूलों झानौ आशीर्वाद योजना महिलाओं के लिए वरदान है . जिले में पांच सालों में 1806 महिलाएं छोड़ दीं हड़िया दारू बेचना सरकारी आंकड़ों के अनुसार पांच सालों में जिले में हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी करीब 1806महिलाओं ने फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आजीविका के वैकल्पिक साधन अपनाया है. 20 सितंबर 2020 को शुरू हुए फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से अब तक 1806महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं. अब ये हड़िया-शराब बेचना छोड़कर सम्मान की जिंदगी जी रही हैं. सबसे खास बात ये कि इससे गांव भी नशामुक्त हो रहे हैं. एक तरफ जहां महिलाएं शराब बेचना छोड़कर स्वरोजगार कर रही हैं और इज्जत की जिंदगी जीकर परिवार को सहयोग कर रही हैं. समाज में सुधरी है इन महिलाओं की स्थिति हड़िया-दारू बेचना छोड़कर दूसरे काम से जुड़ने से न केवल महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारजनों का मान-सम्मान भी समाज में बढ़ा है. इस कारोबार को छोड़ चुकी महिलाएं अब इसे समाज की कुरीतियां भी समझने लगी हैं. पहले जहां सामाजिक आयोजनों में ये लगभग बहिष्कृत रहती थीं. वे अब समाज के लिए आदर्श बन गयी हैं.महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर आजीविका के विभिन्न साधनों को अपनाया है और अच्छी आमदनी कर रही हैं. आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में सरकार से मदद भी मिली है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर आजीविका संवर्द्धन के लिए 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें. इस अभियान से जुड़कर महिलाओं ने रोजगार के विभिन्न साधनों को अपनाया है. फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से किरण देवी को दिलाए नई पहचान फोटो 02 जिले के बरहेट प्रखंड की किरण देवी, जिनकी पहचान कभी शराब निर्माता तो कभी हाट-बाज़ार में हंड़िया बेचने वाली महिला के रूप में थी, वह आज एक सफल राशन दुकानदार के रूप में जानी जाती है. सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से पंचायत के खेरवा गांव की किरण देवी भी साधारण गृहिणी का जीवन व्यतीत कर रही थीं.उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हड़िया बेचने का काम शुरू किया था.पिछले वर्ष 2022 फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जुड़कर सावित्री ने हड़िया बेचना छोड़ राशन की दुकान शुरू की. साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, मुर्गीपालन और राशन दुकान का सुचारू संचालन कर नशीली पदार्थ की बिक्री से खुद को दूर किया.साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, फूलो झानो आशीर्वाद योजना को सफल रूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जेएसएलपीएस द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत करने के सार्थक प्रयास जारी हैं. महिलाओं ने योजना से जुड़कर अपने आत्मसम्मान के लिए नई पहचान की ओर कदम बढ़ाया है. हड़िया-दारु से की गयी कमाई ही किरण देवी का रोजगार था. फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत उन्हें (10000)दस हजार का ब्याज रहित ऋण मिला. इस ऋण के सहयोग व कुछ कर दिखाने की हिम्मत के साथ सावित्री के अपने नए रोजगार के साधन अपनाए.किरण बताती हैं कि जब वे दारू का निर्माण करती थी, तो उनके पति भी दारू पीते थे. घर का माहौल खराब होने के साथ-साथ लड़ाई-झगड़े होना आम बात हो गई थी. जब उन्होंने अपने रोजगार का साधन बदला, तो परिस्थितयां भी अनुकूल हो गई.अब वह अपने परिवार के सा भरा जीवन व्यतीत कर रही हैं.समाज में सम्मान भी बढ़ा है. सुषमा देवी ने बकरी पालन से बदली अपनी किस्मत फोटो03 कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि मन में बदलाव की चाह और मेहनत करने की जज्बा हो तो जिंदगी नई दिशा बदल सकती है. जिले के बरहेट प्रखंड के बरहेट संथाली टोला निवासी सुषमा देवी की कहानी भी इसी का उदाहरण है .कभी परिवार के भरण पोषण के लिए मजबूरी में हड़िया शराब बेचने वाली पूनम देवी आज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए सामानजनक जीवन जी रही है. मेहनत संकल्प और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल भी बन गई है. कुछ वर्ष पहले तक सुषमा देवी का जीवन अभाव से भरा हुआ था, परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ी थी. लेकिन आय का कोई स्थाई साधन नहीं था ऐसे में मजबूरी में उन्हें हरिया शराब बेचने का काम करना पड़ता था. पूनम देवी की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत वर्ष 2020में झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलों झानो आशीर्वाद योजना से हुई. इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ना है जो आजीविका के लिए हरिया या शराब की बिक्री पर निर्भर है .सितंबर 2021 में सुषमा देवी इस योजना की पंजीकृत लाभार्थी बनी. उन्हें योजना के तहत 10000 रुपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया. यह राशि भले ही छोटी थी लेकिन सुषमा देवी के लिए यह एक नए अवसर का द्वार बन गई .उन्होंने इसका उपयोग बकरी पालन, मुर्गी पालन, और मौसमी सब्जियों की खेती शुरू करने में किया, धीरे-धीरे इन कार्यों से उन्हें नियमित आमदनी होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधार आने लगा आज महीने लगभग 7000 से ₹8000 तक की आय अर्जित कर रही है. अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने हाल में ही एक सिलाई मशीन भी खरीदी है .अब वह घर के कपड़े सिलने के साथ-साथ आसपास के लोगों को कपड़े सिलने का काम भी करने लगी है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान का दिख रहा है असर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में महिलाओं की जिंदगी बदली है.कोई महिला शृंगार दुकान, चाय-पकौड़ी, समौसा दुकान, अंड़ा-आमलेट दुकान का संचालन कर रही हैं, तो कई महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं बत्तख पालन, तथा कृषि कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका चलाने में जुटी हैं. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के डीपीएम मतिन तारिक ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं समाज में बेहतर कर रही हैं. इसे और गति देने का कार्य किया जा रहा है.पहले से महिलाएं अब आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही है. आगे भी इस योजना से महिलाओं को रोजगार से जोड़कर नई दिशा मिलेगी जिले में प्रखंडवार फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से लाभान्वित महिला बरहेट 273 बरहरवा 162 बोरियो 365 मंडरो 121 पतना 323 राजमहल 29 साहिबगंज 5 तलझारी 136 उधवा 54 नोट .2025का आंकड़ा
जिले में फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से 1806 महिलाओं ने हरिया दारु बेचना छोड, बदली जिंदगी झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर साहिबगंज जिले में इस साल 1468 महिलाएं आजीविका का वैकल्पिक साधन अपना चुकी हैं. महिलाओं को चिन्हित कर आजीविका संवर्द्धन के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है. इससे वे हड़िया और दारू बेचने के धंधे को छोड़कर सम्मानजनक कारोबार से जुड़ रही हैं. साहिबगंज जिले के लिए फूलों झानौ आशीर्वाद योजना महिलाओं के लिए वरदान है . जिले में पांच सालों में 1806 महिलाएं छोड़ दीं हड़िया दारू बेचना सरकारी आंकड़ों के अनुसार पांच सालों में जिले में हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी करीब 1806महिलाओं ने फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आजीविका के वैकल्पिक साधन अपनाया है. 20 सितंबर 2020 को शुरू हुए फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से अब तक 1806महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं. अब ये हड़िया-शराब बेचना छोड़कर सम्मान की जिंदगी जी रही हैं. सबसे खास बात ये कि इससे गांव भी नशामुक्त हो रहे हैं. एक तरफ जहां महिलाएं शराब बेचना छोड़कर स्वरोजगार कर रही हैं और इज्जत की जिंदगी जीकर परिवार को सहयोग कर रही हैं. समाज में सुधरी है इन महिलाओं की स्थिति हड़िया-दारू बेचना छोड़कर दूसरे काम से जुड़ने से न केवल महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारजनों का मान-सम्मान भी समाज में बढ़ा है. इस कारोबार को छोड़ चुकी महिलाएं अब इसे समाज की कुरीतियां भी समझने लगी हैं. पहले जहां सामाजिक आयोजनों में ये लगभग बहिष्कृत रहती थीं. वे अब समाज के लिए आदर्श बन गयी हैं.महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर आजीविका के विभिन्न साधनों को अपनाया है और अच्छी आमदनी कर रही हैं. आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में सरकार से मदद भी मिली है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर आजीविका संवर्द्धन के लिए 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें. इस अभियान से जुड़कर महिलाओं ने रोजगार के विभिन्न साधनों को अपनाया है. फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से किरण देवी को दिलाए नई पहचान फोटो 02 जिले के बरहेट प्रखंड की किरण देवी, जिनकी पहचान कभी शराब निर्माता तो कभी हाट-बाज़ार में हंड़िया बेचने वाली महिला के रूप में थी, वह आज एक सफल राशन दुकानदार के रूप में जानी जाती है. सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से पंचायत के खेरवा गांव की किरण देवी भी साधारण गृहिणी का जीवन व्यतीत कर रही थीं.उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हड़िया बेचने का काम शुरू किया था.पिछले वर्ष 2022 फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जुड़कर सावित्री ने हड़िया बेचना छोड़ राशन की दुकान शुरू की. साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, मुर्गीपालन और राशन दुकान का सुचारू संचालन कर नशीली पदार्थ की बिक्री से खुद को दूर किया.साथ ही आजीविका के वैकल्पिक साधनों जैसे सब्जी बिक्री, फूलो झानो आशीर्वाद योजना को सफल रूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन व जेएसएलपीएस द्वारा महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत करने के सार्थक प्रयास जारी हैं. महिलाओं ने योजना से जुड़कर अपने आत्मसम्मान के लिए नई पहचान की ओर कदम बढ़ाया है. हड़िया-दारु से की गयी कमाई ही किरण देवी का रोजगार था. फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत उन्हें (10000)दस हजार का ब्याज रहित ऋण मिला. इस ऋण के सहयोग व कुछ कर दिखाने की हिम्मत के साथ सावित्री के अपने नए रोजगार के साधन अपनाए.किरण बताती हैं कि जब वे दारू का निर्माण करती थी, तो उनके पति भी दारू पीते थे. घर का माहौल खराब होने के साथ-साथ लड़ाई-झगड़े होना आम बात हो गई थी. जब उन्होंने अपने रोजगार का साधन बदला, तो परिस्थितयां भी अनुकूल हो गई.अब वह अपने परिवार के सा भरा जीवन व्यतीत कर रही हैं.समाज में सम्मान भी बढ़ा है. सुषमा देवी ने बकरी पालन से बदली अपनी किस्मत फोटो03 कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि मन में बदलाव की चाह और मेहनत करने की जज्बा हो तो जिंदगी नई दिशा बदल सकती है. जिले के बरहेट प्रखंड के बरहेट संथाली टोला निवासी सुषमा देवी की कहानी भी इसी का उदाहरण है .कभी परिवार के भरण पोषण के लिए मजबूरी में हड़िया शराब बेचने वाली पूनम देवी आज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए सामानजनक जीवन जी रही है. मेहनत संकल्प और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल भी बन गई है. कुछ वर्ष पहले तक सुषमा देवी का जीवन अभाव से भरा हुआ था, परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ी थी. लेकिन आय का कोई स्थाई साधन नहीं था ऐसे में मजबूरी में उन्हें हरिया शराब बेचने का काम करना पड़ता था. पूनम देवी की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत वर्ष 2020में झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फूलों झानो आशीर्वाद योजना से हुई. इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ना है जो आजीविका के लिए हरिया या शराब की बिक्री पर निर्भर है .सितंबर 2021 में सुषमा देवी इस योजना की पंजीकृत लाभार्थी बनी. उन्हें योजना के तहत 10000 रुपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया. यह राशि भले ही छोटी थी लेकिन सुषमा देवी के लिए यह एक नए अवसर का द्वार बन गई .उन्होंने इसका उपयोग बकरी पालन, मुर्गी पालन, और मौसमी सब्जियों की खेती शुरू करने में किया, धीरे-धीरे इन कार्यों से उन्हें नियमित आमदनी होने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधार आने लगा आज महीने लगभग 7000 से ₹8000 तक की आय अर्जित कर रही है. अपनी मेहनत की कमाई से उन्होंने हाल में ही एक सिलाई मशीन भी खरीदी है .अब वह घर के कपड़े सिलने के साथ-साथ आसपास के लोगों को कपड़े सिलने का काम भी करने लगी है. फूलो झानो आशीर्वाद अभियान का दिख रहा है असर जिले के अलग-अलग प्रखंडों में महिलाओं की जिंदगी बदली है.कोई महिला शृंगार दुकान, चाय-पकौड़ी, समौसा दुकान, अंड़ा-आमलेट दुकान का संचालन कर रही हैं, तो कई महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं बत्तख पालन, तथा कृषि कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका चलाने में जुटी हैं. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के डीपीएम मतिन तारिक ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं समाज में बेहतर कर रही हैं. इसे और गति देने का कार्य किया जा रहा है.पहले से महिलाएं अब आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही है. आगे भी इस योजना से महिलाओं को रोजगार से जोड़कर नई दिशा मिलेगी जिले में प्रखंडवार फूलों झानौ आशीर्वाद योजना से लाभान्वित महिला बरहेट 273 बरहरवा 162 बोरियो 365 मंडरो 121 पतना 323 राजमहल 29 साहिबगंज 5 तलझारी 136 उधवा 54 नोट .2025का आंकड़ा
- Post by Muddin Press1
- uduva kachhari pul ke niche hua Dard nak ghatna Jo bacche ke liye kapda laane a raha tha usi pita ka ho gaya kachhari pul mein maut1
- नगर थाना क्षेत्र में अपराधियों का दुस्साहस थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार (13 अप्रैल 2026) की शाम दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति को निशाना बनाते हुए महिला के गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, बैंक कॉलोनी निवासी 77 वर्षीय सुरेश कुमार बहलानी अपनी पत्नी अंजू देवी बहलानी (72 वर्ष) के साथ स्कूटी से सिंधी पाड़ा स्थित पंचायत भवन पहुंचे थे। शाम करीब 4:30 बजे जैसे ही वे वहां पहुंचे, पहले से घात लगाए बाइक सवार दो अपराधियों ने अचानक झपट्टा मारकर अंजू देवी के गले से करीब ढाई तोले की सोने की चेन छीन ली और तेज रफ्तार से भाग निकले। घटना इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित दंपति कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी फरार हो चुके थे। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक बदमाश आंखों से ओझल हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। सुरेश कुमार बहलानी ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और छीनी गई चेन बरामद की जाए।1
- स्थानीय लोगों और युवाओं का कहना है कि जिस तालाब को पवित्र मानकर लोग स्नान करते हैं, उसकी सफाई पर प्रशासन का ध्यान नहीं है। पानी में कचरा, प्लास्टिक और गंदगी साफ दिखाई दे रही है,1
- Post by Nasim1
- Post by Apki khabar plus1
- झारखंड के ऐतिहासिक विश्व मेला बसंतराय का डाक 903000 में हुआ है मेले में जलपरी भी आई हुई है तरह-तरह के झूला तोड़ा तोड़ा ब्रेक डांस देखने को मिलेगी मेला मालिक से खास बातचीत क्या है व्यवस्था #viral #poat1
- "झारखंड के पाकुड़ जिले के हिरणपुर में एक युवती के लापता होने के मामले ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। अलग-अलग समुदाय से जुड़े इस प्रेम प्रसंग के विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के बाहर टायर जलाकर सड़क जाम करने की कोशिश की।" "हालात बिगड़ते देख पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई और अतिरिक्त बल के साथ प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। पुलिस ने लापता युवक-युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार दास ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही युवती को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है।"1