झारखंड की राजधानी रांची से करीब 60 किलोमीटर दूर रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्राचीन देउड़ी माता मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। तमाड़ प्रखंड के देउड़ी गांव में मौजूद यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत, अनोखी वास्तुकला और धार्मिक मान्यताओं के चलते देशभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित मां दुर्गा की दुर्लभ सोलहभुजी स्वरूप की प्रतिमा है। लगभग तीन फीट ऊंची यह प्रतिमा 16 भुजाओं से सुसज्जित है, जो इसे देश के अन्य शक्ति स्थलों से अलग पहचान देती है; स्थानीय लोग इसे "सोलहभुजी माता मंदिर" के नाम से भी जानते हैं। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर का निर्माण विशाल पत्थरों को बिना सीमेंट या गारे के जोड़कर किया गया है, जिसका मूल ढांचा आज भी अपने प्राचीन स्वरूप में सुरक्षित है। पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियां और देवी-देवताओं की आकृतियां इसकी भव्यता को और बढ़ाती हैं। देउड़ी मंदिर की एक अनोखी परंपरा यह है कि यहां आदिवासी पुजारी 'पहान' और ब्राह्मण पुजारी दोनों मिलकर पूजा-अर्चना कराते हैं, जिसे झारखंड की आदिवासी और सनातन संस्कृति के सुंदर संगम का प्रतीक माना जाता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना के साथ लाल और पीले धागे बांधते हैं, और मान्यता है कि इच्छा पूरी होने पर वे धागा खोलने और माता का आशीर्वाद लेने पुनः यहां आते हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की आस्था के कारण भी यह मंदिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, क्योंकि धोनी कई महत्वपूर्ण क्रिकेट श्रृंखलाओं और उपलब्धियों से पहले माता का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते रहे हैं। मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है, जहां रांची के खूंटी रोड बस स्टैंड और अन्य प्रमुख पड़ावों से तमाड़ की ओर जाने वाली रोडवेज एवं निजी बसें नियमित रूप से उपलब्ध हैं, जिसका किराया लगभग 80 रुपये है। निजी वाहन से राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते करीब डेढ़ घंटे में भी मंदिर पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का अनूठा संगम देउड़ी माता मंदिर को झारखंड के प्रमुख शक्ति स्थलों में शामिल करता है, जो रांची आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बन चुका है।
झारखंड की राजधानी रांची से करीब 60 किलोमीटर दूर रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्राचीन देउड़ी माता मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। तमाड़ प्रखंड के देउड़ी गांव में मौजूद यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत, अनोखी वास्तुकला और धार्मिक मान्यताओं के चलते देशभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित मां दुर्गा की दुर्लभ सोलहभुजी स्वरूप की प्रतिमा है। लगभग तीन फीट ऊंची यह प्रतिमा 16 भुजाओं से सुसज्जित है, जो इसे देश के अन्य शक्ति स्थलों से अलग पहचान देती है; स्थानीय लोग इसे "सोलहभुजी माता मंदिर" के नाम से भी जानते हैं। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर का निर्माण विशाल पत्थरों को बिना सीमेंट या गारे के जोड़कर किया गया है, जिसका मूल ढांचा आज भी अपने प्राचीन स्वरूप में सुरक्षित है। पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियां और देवी-देवताओं की आकृतियां इसकी भव्यता को और बढ़ाती हैं। देउड़ी मंदिर की एक अनोखी परंपरा यह है कि यहां आदिवासी पुजारी 'पहान' और ब्राह्मण पुजारी दोनों मिलकर पूजा-अर्चना कराते हैं, जिसे झारखंड की आदिवासी और सनातन संस्कृति के सुंदर संगम का प्रतीक माना जाता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना के साथ लाल और पीले धागे बांधते हैं, और मान्यता है कि इच्छा पूरी होने पर वे धागा खोलने और माता का आशीर्वाद लेने पुनः यहां आते हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की आस्था के कारण भी यह मंदिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, क्योंकि धोनी कई महत्वपूर्ण क्रिकेट श्रृंखलाओं और उपलब्धियों से पहले माता का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते रहे हैं। मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है, जहां रांची के खूंटी रोड बस स्टैंड और अन्य प्रमुख पड़ावों से तमाड़ की ओर जाने वाली रोडवेज एवं निजी बसें नियमित रूप से उपलब्ध हैं, जिसका किराया लगभग 80 रुपये है। निजी वाहन से राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते करीब डेढ़ घंटे में भी मंदिर पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का अनूठा संगम देउड़ी माता मंदिर को झारखंड के प्रमुख शक्ति स्थलों में शामिल करता है, जो रांची आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बन चुका है।
- भाजपा के वरिष्ठ नेता और शिव भक्त ओम प्रकाश गुप्ता की पत्नी स्वर्गीय शीला गुप्ता की पाँचवीं पुण्यतिथि बांका में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना कर ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, भगवान शिव की पूजा और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय शीला गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सरल, धार्मिक एवं मिलनसार स्वभाव को याद किया। इस मौके पर यह भाव भी व्यक्त किया गया कि “माँ कभी इस दुनिया से नहीं जातीं, वो हमेशा अपनों की यादों में ज़िंदा रहती हैं।”1
- भारत में काफी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। मूल जानकारी के अनुसार, इस स्थिति को 'ईश्वर इंडिया' में घटित होते हुए बताया गया है।1
- ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने ऊर्जानगर में एक भव्य पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें देशभर से आए पत्रकारों ने शिरकत की। इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान, उपस्थित पत्रकारों ने मीडिया जगत के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों, पत्रकार हितों की सुरक्षा और संगठन की समग्र मजबूती जैसे अहम विषयों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। यह सम्मेलन पत्रकार समुदाय में एकता स्थापित करने, उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त और महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस आयोजन को पत्रकारों की आवाज़ को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।1
- कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार को अल्टीमेटम दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ तौर पर कहा है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में 6 से 7 हजार लोग शामिल हुए थे। दीपके ने दृढ़ता से कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था, और अब इस आंदोलन को पूरे देश में फैलाया जाएगा।1
- Post by P.M Mishra PM mish2
- सहरसा जिला के पतरघट प्रखंड अंतर्गत पंचायत गोलमा पूर्वी टोला घोघन पट्टी स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी के प्रांगण में मौजूद सार्वजनिक तार किशोर सदाशिव महादेव मंदिर का 14वां स्थापना दिवस सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। यह धार्मिक आयोजन मंदिर कमेटी के चेयरमैन, पुजारी लखन यादव और समस्त ग्रामीणों के सहयोग व अगुआई में संपन्न हुआ। इस दौरान, श्री श्री 1008 राधेश्याम महाराज ने मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसमें शामिल श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से झूम उठे। ग्रामीणों ने भी इस कार्यक्रम में अपना-अपना योगदान दिया। महाराज ने भक्तजनों को अपने प्रवचनों से निहाल किया और उन्हें रामचरितमानस पाठ से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में इंसान प्रभु की भक्ति से दूर होता जा रहा है और उसके पास भक्ति के लिए समय नहीं है। महाराज ने जोर दिया कि जब वह कष्टों में घिरता है तभी उसे प्रभु की याद आती है, परंतु ऐसी भक्ति का कोई लाभ नहीं मिलता; सच्ची भक्ति वही है जो सुख और दुख दोनों में की जाए। इस मौके पर संजीव यादव, समाजसेवी संतोष कुमार, मनीषा कुमारी, नंदन देवी, जयमाला देवी, लुटन कुमार, बोउआ कुमार, सविता देवी, बबीता देवी, राधेश्याम यादव और अन्य श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।1
- तीन साल के एक बच्चे का पढ़ाई करने का अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे देखकर लोग उसकी सराहना कर रहे हैं। उसके इस विशेष अध्ययन शैली को हम सभी बच्चों के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया गया है।1
- बिहार में MLC चुनाव के संदर्भ में पवन सिंह का एक वीडियो वायरल हो गया है।1
- देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS लिमिटेड अपनी देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन कर रही है। यह कैंप 08 और 09 जून 2026 को होगा, जिसमें इच्छुक युवा सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार और करियर बनाने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती कैंप निर्धारित तिथियों पर प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक चलेगा। भाग लेने के इच्छुक युवक आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में शामिल होने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।1