जनसेवक युवा पवन नेगी ने घोषणा की है कि अगर 2027 के चुनाव में जनता उन्हें एक मौका देती है, तो गैरसैंण में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। यह पहल गैरसैंण के लिए नए अवसर लाने और उसे शिक्षा की राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। पवन नेगी के अनुसार, गैरसैंण में IIMC आने से पहाड़ के युवाओं को पत्रकारिता, मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और जनसंचार के क्षेत्रों में बड़े अवसर मिलेंगे। उनका मानना है कि इससे युवाओं को नौकरी के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि शिक्षा और रोजगार के अवसर सीधे गैरसैंण में ही उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी। यह अभियान सिर्फ वादों तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसी राजनीति का आह्वान करता है जो सीधे युवाओं के भविष्य की बात करे। नेगी ने जनता से अपील की है कि वे 'एक वोट विकास के नाम, एक वोट युवाओं के सम्मान और एक वोट गैरसैंण की नई पहचान' के लिए दें। खुद को 'गैरसैंण की आवाज' और 'युवाओं की उम्मीद' बताते हुए, पवन नेगी ने इस संकल्प को दोहराया है कि 'एम्स भी लाएंगे, IIMC भी लाएंगे, गैरसैंण को शिक्षा की राजधानी बनाएंगे!'
जनसेवक युवा पवन नेगी ने घोषणा की है कि अगर 2027 के चुनाव में जनता उन्हें एक मौका देती है, तो गैरसैंण में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। यह पहल गैरसैंण के लिए नए अवसर लाने और उसे शिक्षा की राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। पवन नेगी के अनुसार, गैरसैंण में IIMC आने से पहाड़ के युवाओं को पत्रकारिता, मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और जनसंचार के क्षेत्रों में बड़े अवसर मिलेंगे। उनका मानना है कि इससे युवाओं को नौकरी के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि शिक्षा और रोजगार के अवसर सीधे गैरसैंण में ही उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी। यह अभियान सिर्फ वादों तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसी राजनीति का आह्वान करता है जो सीधे युवाओं के भविष्य की बात करे। नेगी ने जनता से अपील की है कि वे 'एक वोट विकास के नाम, एक वोट युवाओं के सम्मान और एक वोट गैरसैंण की नई पहचान' के लिए दें। खुद को 'गैरसैंण की आवाज' और 'युवाओं की उम्मीद' बताते हुए, पवन नेगी ने इस संकल्प को दोहराया है कि 'एम्स भी लाएंगे, IIMC भी लाएंगे, गैरसैंण को शिक्षा की राजधानी बनाएंगे!'
- कत्युर घाटी के अधिकांश गाँवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ये सूअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। गागरीगोल के समीप रामपुर से मिली तस्वीर में देखा जा सकता है कि सूअरों का एक पूरा झुंड खेत में किसानों की कड़ी मेहनत को किस तरह बर्बाद कर रहा है।1
- उत्तराखंड के सितारगंज-किच्छा हाईवे पर स्थित कथिन्गारी पुल में 2024 में दरार आ गई थी, जिसके चलते इसे उसी साल बंद कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि 2026 तक भी इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे यह लगातार बंद पड़ा है। इस लंबी अवधि के बंद होने के कारण, हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, जिससे आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि दो साल से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी का ध्यान नहीं गया है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।1
- पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बताया है कि राहुल गांधी 4 और 5 जून को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। राहुल गांधी का यह दौरा दो दिनों का होगा, जो इसी महीने की शुरुआत में होगा।1
- भारतीय डाक (स्पीड पोस्ट) के भरोसे के साथ, हिकमो शुगर अब आपके लिए आयुर्वेदिक समाधान लेकर आया है, जो शुगर (मधुमेह) से परेशान लोगों को एक स्वस्थ और खुशहाल जीवनशैली का वादा करता है। यह दावा किया जाता है कि अनियंत्रित शुगर शरीर के अंगों को अंदर से धीरे-धीरे कमजोर करती है, लेकिन हिकमो शुगर के साथ अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह आयुर्वेद का एक अचूक मिश्रण प्रस्तुत करता है। कंपनी गर्व के साथ कहती है कि उसकी दवा भारत सरकार के डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) के माध्यम से सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय तरीके से सीधे आपके घर तक पहुंचाई जाती है। बेहतर और तेज़ परिणामों के लिए, हिकमो शुगर का सेवन इस प्रकार बताया गया है: सुबह नाश्ते से पहले 1 कैप्सूल और 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है, जबकि रात के खाने के बाद 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है। गुनगुने पानी के साथ सेवन से दवा शरीर में तेजी से अवशोषित होती है और बेहतर परिणाम देती है। हिकमो शुगर को चुनने के कई कारण बताए गए हैं, जिनमें शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को जगाने में मदद, 100% शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार होने के कारण शून्य दुष्प्रभाव, सुबह की कमजोरी और सुस्ती को दूर करके थकान से राहत, और सरकारी डाक सेवा के माध्यम से लाइव ट्रैकिंग सुविधा के साथ स्पीड पोस्ट द्वारा दवा का सुरक्षित प्रेषण शामिल है। ऑर्डर और डिलीवरी के विवरण के अनुसार, अपना ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए 50% अग्रिम भुगतान आवश्यक है। पूरे भारत में मुफ्त होम डिलीवरी उपलब्ध है, और दवा को सुरक्षित आप तक पहुँचाने के लिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से स्पीड पोस्ट का उपयोग किया जाता है। ऑर्डर बुक करने के लिए 98371 43446 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि यह एक आयुर्वेदिक पूरक है जिसे स्वस्थ जीवनशैली का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। संगठन या इसकी दवा कोई चिकित्सीय गारंटी नहीं देती है, न ही किसी विशिष्ट परिणाम की जिम्मेदारी लेती है। उपयोग से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना नगर में मौसम ने एक अनोखा रंग दिखाया है, जहाँ आधे आसमान में काली घटाएं छाई हुई हैं तो वहीं आधे में धूप खिली है। आधे से ज़्यादा आसमान में छाए इन बादलों ने लोगों को चिलचिलाती धूप की गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बीच, इस क्षेत्र में बारिश होने की संभावना भी जताई जा रही है। हवा और हल्की बारिश के कारण नगीना नगर का मौसम खुशनुमा हो गया है, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है।4
- हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित मनसेहरा कंपनी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक चार बच्चों का पिता था। अब इस मामले में उसके लिए न्याय की मांग उठाई जा रही है।1
- लंबे समय से जारी बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है, जिसके चलते चारों ओर का मौसम बेहद सुहावना हो गया है। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर, खासकर कौसानी और बैजनाथ में, पर्यटक इस खुशनुमा मौसम का भरपूर आनंद ले रहे हैं।1
- शनिवार शाम तीर्थनगरी हरिद्वार में अचानक आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण हर की पौड़ी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के दबाव से हर की पौड़ी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों के शीशे अचानक टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे। इस हादसे में वहां से गुजर रहा एक तीर्थयात्री सिर पर शीशा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीशों की भारी मारक क्षमता के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय जब श्रद्धालु हर की पौड़ी पर संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के कारण बाजार तथा घाटों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक व्यावसायिक इमारत के शीशे भरभराकर नीचे गिर गए। घायल तीर्थयात्री को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बाकी बचे ढीले शीशों से किसी और को नुकसान न पहुंचे।1