शिवपुर स्थित बजरंग बहार मिष्ठान के मालिक रमेश यादव ने पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण कोयले की भट्टी का सहारा लिया है। रमेश यादव ने बताया कि गैस एजेंसी से लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। ट्रॉली मैन द्वारा 2500 से 3000 रुपये प्रति सिलेंडर की मांग की जा रही है, जिससे उनकी दुकान बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वाराणसी शिवपुर स्थित बजरंग बहार मिष्ठान के मालिक रमेश यादव ने पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण कोयले की भट्टी का सहारा लिया है। रमेश यादव ने बताया कि गैस एजेंसी से लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। ट्रॉली मैन द्वारा 2500 से 3000 रुपये प्रति सिलेंडर की मांग की जा रही है, जिससे उनकी दुकान बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।इस समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कोयले की भट्टी तैयार की। अब वह इस भट्टी पर जलेबी, नाश्ता और अन्य मिष्ठान सामग्री तैयार कर रहे हैं। रमेश यादव ने कहा, "गैस सिलेंडर का इंतजार करना संभव नहीं था। इसलिए हमने कारीगरों के साथ मिलकर कोयले की भट्टी का उपयोग करना शुरू किया।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोयले की भट्टी पर सामग्री तैयार करने में अधिक समय लग रहा है और गैस की तुलना में खर्च भी बढ़ गया है। फिर भी, रमेश का मानना है कि यह समय नियमित ग्राहकों को सेवा देने का है। उन्होंने कहा, "लगन का मौसम है और हमें अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करना है।"रमेश यादव की यह पहल न केवल उनकी दुकान को चलाने में मदद कर रही है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर एक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी व्यवसाय को जारी रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोयले की भट्टी पर काम करने से उन्हें अपने पुराने दिनों की याद आ रही है, जब वह इसी तरह से अपने व्यवसाय को चलाते थे।इस प्रकार, रमेश यादव ने न केवल अपनी दुकान को बचाने का प्रयास किया है, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया है कि कठिनाइयों का सामना करने के लिए रचनात्मकता और मेहनत की आवश्यकता होती है। उनकी यह कहानी अन्य व्यवसायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जो वर्तमान में गैस सिलेंडर की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। रमेश यादव ने अपने व्यवसाय को बचाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया है, जो न केवल उनके लिए बल्कि उनके ग्राहकों के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है। उनकी मेहनत और लगन से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए। मगर तमाम कारोबारियों के सामने संकट आ गया है अब वह अचानक
शिवपुर स्थित बजरंग बहार मिष्ठान के मालिक रमेश यादव ने पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण कोयले की भट्टी का सहारा लिया है। रमेश यादव ने बताया कि गैस एजेंसी से लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। ट्रॉली मैन द्वारा 2500 से 3000 रुपये प्रति सिलेंडर की मांग की जा रही है, जिससे उनकी दुकान बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वाराणसी शिवपुर स्थित बजरंग बहार मिष्ठान के मालिक रमेश यादव ने पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण कोयले की भट्टी का सहारा लिया है। रमेश यादव ने बताया कि गैस एजेंसी से लगातार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। ट्रॉली मैन द्वारा 2500 से 3000 रुपये प्रति सिलेंडर की मांग की जा रही है, जिससे उनकी दुकान बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।इस समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कोयले की भट्टी तैयार की। अब वह इस भट्टी पर जलेबी, नाश्ता और अन्य मिष्ठान सामग्री तैयार कर रहे हैं। रमेश यादव ने कहा, "गैस सिलेंडर का इंतजार करना संभव नहीं था। इसलिए हमने कारीगरों के साथ मिलकर कोयले की भट्टी का उपयोग करना शुरू किया।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोयले की भट्टी पर सामग्री तैयार करने में अधिक समय लग रहा है और गैस की तुलना में खर्च भी बढ़ गया है। फिर भी, रमेश का मानना है कि यह समय नियमित ग्राहकों को सेवा देने का है। उन्होंने कहा, "लगन का मौसम है और हमें अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करना है।"रमेश यादव की यह पहल न केवल उनकी दुकान को चलाने में मदद कर रही है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर एक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी व्यवसाय को जारी रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोयले की भट्टी पर काम करने से उन्हें अपने पुराने दिनों की याद आ रही है, जब वह इसी तरह से अपने व्यवसाय को चलाते थे।इस प्रकार, रमेश यादव ने न केवल अपनी दुकान को बचाने का प्रयास किया है, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया है कि कठिनाइयों का सामना करने के लिए रचनात्मकता और मेहनत की आवश्यकता होती है। उनकी यह कहानी अन्य व्यवसायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जो वर्तमान में गैस सिलेंडर की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। रमेश यादव ने अपने व्यवसाय को बचाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया है, जो न केवल उनके लिए बल्कि उनके ग्राहकों के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है। उनकी मेहनत और लगन से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए। मगर तमाम कारोबारियों के सामने संकट आ गया है अब वह अचानक
- मॉ1
- अम्बेडकर पार्क में आमतौर पर इस दिन ये गतिविधियाँ होती हैं: बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण रैली या प्रभात फेरी सामाजिक जागरूकता भाषण सांस्कृतिक कार्यक्रम (गीत, नाटक आदि) समाज सुधार और शिक्षा पर चर्चा समय और आयोजन अधिकतर कार्यक्रम सुबह 7–10 बजे के बीच शुरू होते हैं और दिन भर चलते हैं। गाँव के स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और युवा इसमें सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। अगर आप खास तौर पर कोरोता गाँव के आज के कार्यक्रम का सटीक टाइम या मुख्य अतिथि जानना चाहते हैं, तो मैं उसे ढूंढने में भी मदद कर सकता हूँ।1
- Post by Mangalam steel and aluminium works3
- उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ से लापता हुए तीन नाबालिग बच्चे, जो आपस में चचेरे भाई-बहन हैं, गाजीपुर जिले में सुरक्षित बरामद किए गए हैं। पुलिस की जाँच में पता चला है कि बच्चे घरेलू कलह और माता-पिता की प्रताड़ना से तंग आकर घर छोड़कर भाग गए थे। वे अपने नाना के घर जाने की योजना बनाकर निकले थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सर्विलांस और स्थानीय टीमों की मदद से उन्हें गाजीपुर से ढूँढ निकाला। प्रशासन ने अब बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'बीट पुलिस' को साप्ताहिक निगरानी के निर्देश दिए हैं। बच्चों को जल्द ही CWC (बाल कल्याण समिति) के समक्ष पेश किया जाएगा।1
- वाराणसी वाराणसी के जयरामपुर गांव में महिला का हंगामा, वीडियो वायरल रात 11 बजे घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप महिला को समाजवादी पार्टी की जिला सचिव बताया जा रहा पीड़ित पक्ष ने चौबेपुर थाना में दी तहरीर पुलिस मामले की जांच में जुटी2
- नमस्कार भाई और बहेनों ये मेरे बिजनेस का प्रचार वीडियो है1
- नरेंद्र मोदी ने अपनी छवि बचाने के लिए US डील में देश को बेच दिया। नरेंद्र मोदी संसद में मेरे सामने खड़े नहीं होते। मुझे सदन में बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन मैं इनसे डरता नहीं हूं। नरेंद्र मोदी और BJP के लोग जानते हैं कि जिस दिन कांग्रेस के बब्बर शेर इन्हें हराएंगे, उसी दिन से इनपर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। : नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi 📍 मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल1
- पश्चिम बंगाल को कांग्रेस की 5 गारंटी: 1️⃣ विधान स्वास्थ्य सुरक्षा - ₹10 लाख तक स्वास्थ्य बीमा - ज़िला अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस और कैंसर का इलाज 2️⃣ शिक्षा आलो - छात्रों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा - महिलाओं को PG तक मुफ्त शिक्षा - स्कूल में AI और अंग्रेजी की शिक्षा 3️⃣ कृषक सम्मान - किसानों को ₹15,000 वार्षिक सहायता - 200 यूनिट मुफ्त बिजली 4️⃣ युवा सम्मान - सभी सरकारी रिक्त पद भरे जाएंगे - सुनिश्चित इंटर्नशिप की गारंटी - ज़िला स्तर पर AI स्किल डेवलपमेंट केंद्र 5️⃣ दुर्गा सम्मान - महिलाओं को ₹2000/माह सहायता नारी सम्मान, किसान कल्याण, युवाओं को अवसर, स्वास्थ्य और शिक्षा का पूरा समाधान - यह है पश्चिम बंगाल के लिए हमारा रोडमैप। कांग्रेस को वोट दे कर, न्याय और प्रगति का साथ दीजिए।1