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सागर जिले के बीना रिफाइनरी हॉस्पिटल में कार्यरत स्टाफ कर्मचारियों ने अपने श्रम अधिकारों के कथित हनन के खिलाफ आवाज बुलंद की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी जॉइनिंग लेटर के काम कराया जा रहा है, उनकी सैलरी में अवैध रूप से कटौती की जा रही है और किए गए ओवरटाइम का भुगतान भी बकाया है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर संबंधित सक्षम अधिकारियों से चर्चा की गई है और कर्मचारियों के मुद्दों के शीघ्र निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
सागर जिले के बीना रिफाइनरी हॉस्पिटल में कार्यरत स्टाफ कर्मचारियों ने अपने श्रम अधिकारों के कथित हनन के खिलाफ आवाज बुलंद की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी जॉइनिंग लेटर के काम कराया जा रहा है, उनकी सैलरी में अवैध रूप से कटौती की जा रही है और किए गए ओवरटाइम का भुगतान भी बकाया है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर संबंधित सक्षम अधिकारियों से चर्चा की गई है और कर्मचारियों के मुद्दों के शीघ्र निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
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- विदिशा जिले के गुलाबगंज तहसील के ग्राम नोलई में खेत की तार फेंसिंग में उतरे करंट की चपेट में आने से एक 14 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मनोरा मेला देखने आया यह मासूम जब सुबह खेत की तरफ जा रहा था, तभी वह इस हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने इस दर्दनाक घटना की जांच शुरू कर दी है। मृतक बालक की पहचान गुलाबगंज के चक्र रघुनाथपुर निवासी आयुष यादव के रूप में हुई है, जो अपने मामा समीर यादव के साथ ग्राम नोलई आया था। वह कुछ दिन पहले ही यहां मनोरा मेले में घूमने आया था। मंगलवार सुबह खेत की मेड़ पर लगी तार फेंसिंग को छूने से वह करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बचाने की कोशिश में उसके मामा समीर यादव को भी करंट का झटका लगा। बाद में ग्रामीणों ने तार काटकर उसे अलग किया और मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने खेतों की फेंसिंग में बिजली प्रवाहित करने को गैरकानूनी और बेहद खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।4
- ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील के वन ग्राम पापड़ा (बनगुवां) में वन कर्मियों द्वारा मुख्य रास्ते को पत्थर लगाकर बंद किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने मड़ावरा के एसडीएम को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर रास्ता जल्द से जल्द खुलवाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य रास्ता बंद होने की वजह से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इस मार्ग के निर्माण कार्य को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क की नपाई का काम भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद वन कर्मियों द्वारा रास्ते में पत्थर डालकर उसे बंद करना बेहद चिंताजनक है।2
- सागर जिले में गौ सेवकों ने गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और खिमलासा थाने में 11 गौ सेवकों पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपना 166वां ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सागर जिला प्रशासन की रहेगी। गौ सेवकों का आरोप है कि प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है। खिमलासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोचर भूमि को मुक्त कराने के संबंध में लिखित सूचना देने के बाद जब उन्होंने प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने 11 गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। यही नहीं, गौ सेवक हरकिशन सेन को रात भर थाने में बिठाकर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। इसके ठीक विपरीत, अगले ही दिन सागर बीएमसी (बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज) के डॉक्टरों और स्टाफ ने अति संवेदनशील सड़क पर चक्काजाम किया, जिससे एम्बुलेंस और मरीज परेशान हुए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौ सेवकों ने तीखा सवाल उठाया है कि आखिर एक ही देश में दो कानून कैसे चल सकते हैं? गौ सेवकों का कहना है कि वे पिछले 3 वर्षों में कलेक्टर से लेकर तहसीलदारों तक को 164 ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की नाकामी की वजह से ही उन्हें चक्काजाम जैसा कदम उठाना पड़ा। उनकी मांग है कि या तो गौ सेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं या फिर मेडिकल स्टाफ पर भी चक्काजाम की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक O D003 के अनुसार बीना विधानसभा के ग्राम देवल में 3614 एकड़ की गो-अभ्यारण्य भूमि समेत सभी गोचर भूमियों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। इस प्रदर्शन में करणी सेना के गौ सेवक, शिवसेना और ग्राम पड़रिया के लोग शामिल रहे।4
- ललितपुर जिले के मड़ावरा में ग्राम पंचायत बुदनी से धुरवारा गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है। सड़क की इस बदहाल स्थिति से ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है और लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, नमामि गंगे योजना के तहत इस सड़क की खुदाई कराई गई थी, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। अब लगातार हो रही बारिश की वजह से मार्ग पर कीचड़ और भारी जलभराव हो गया है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस बदहाली के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल जाते समय कई बार फिसलकर कीचड़ में गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग, महिलाएं और दोपहिया वाहन चालक भी इस मार्ग से गुजरने में बड़ा जोखिम महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस संपर्क मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि आवागमन सुचारु हो सके और बारिश के मौसम में किसी भी बड़े हादसे की आशंका को समय रहते टाला जा सके।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना विधानसभा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सनाई में 12 जुलाई की रात असामाजिक तत्वों और मनुवादी विचारधारा के लोगों ने भारत के संविधान निर्माता और दलित-शोषितों के मसीहा परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा को तीसरी बार खंडित कर दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव और समाज में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही अहिरवार समाज के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। समाज के लोगों ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें नई प्रतिमा स्थापित करने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने, बाउंड्री वॉल बनाने और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अहिरवार समाज के भारी दबाव के बाद पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। प्रशासन ने मौके पर ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की नई प्रतिमा स्थापित करवाई और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए। इस दौरान एसडीओपी और थाना प्रभारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। इस शांतिपूर्ण आंदोलन में अहिरवार समाज महासंघ के एडवोकेट महेंद्र नवैया, वरिष्ठ समाजसेवी दशरथ अहिरवार, जिला युवा अध्यक्ष वीरेंद्र राजोरिया, ब्लॉक युवा अध्यक्ष राकेश अहिरवार, उपाध्यक्ष रमेश अहिरवार महादेवखेड़ी, मंडी बामोरा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार, तहसील अध्यक्ष उदयाजीत बाबू, सूरज अहिरवार, दीपक अहिरवार सहित भीम आर्मी और विभिन्न संगठनों के सैकड़ों अंबेडकरवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिमा स्थल की सुरक्षा को और पुख्ता किया जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।2
- विदिशा के मानव सेवा न्यास में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहां निःशुल्क भोजन कर रहे बेसहारा बुजुर्गों और दिव्यांगों पर एक युवक ने लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। पुराने जिला अस्पताल के सामने संचालित इस सेवा स्थल पर हर दिन सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ भोजन कराया जाता है। इसी दौरान नीली शर्ट पहने एक युवक हाथ में डंडा लेकर वहां पहुंचा और बिना किसी परवाह के भोजन कर रहे लोगों पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया, जिससे वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस अचानक हुए हमले में एक दिव्यांग बुजुर्ग को भी बेरहमी से पीटा गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दहशत का यह पूरा घटनाक्रम वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल हरकत में आ गई है। विदिशा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि वीडियो के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।4
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू नगर में एक महिला की हत्या के बाद मंगलवार शाम को माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। न्याय की मांग को लेकर मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने महिला का शव देवगढ़ रोड पर रखकर सड़क को जाम कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया, जिससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने और शांत कराने का प्रयास करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त विधिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। हालांकि, परिजन हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। क्षेत्र में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों की परिजनों से बातचीत का दौर जारी है।4