भीलवाड़ा के शाहपुरा स्थित पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 17 मई 2026 से शुरू हुए 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का 30 मई 2026 को ADPC कल्पना शर्मा ने निरीक्षण किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें एक मंच प्रदान करना है। निरीक्षण के दौरान, ADPC कल्पना शर्मा ने शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण, कला एवं रचनात्मकता, तथा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों का गहराई से अवलोकन किया। उन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र में बेसिक डिजिटल साक्षरता और आत्मविश्वास संबंधी गतिविधियों, रोलप्ले व पहेलियों को देखा। कला वर्ग में संगीत, नृत्य, पोस्टर निर्माण और मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य कर रही छात्राओं से संवाद किया, जबकि खेल गतिविधियों में योग, प्राणायाम, कबड्डी एवं खो-खो का अभ्यास कर रही छात्राओं से भी बातचीत की। ADPC मैडम ने प्रशिक्षकों वैदेही राठौड़, सोनाली ठठेरा एवं पायल कोली, साथ ही प्रभारी शिक्षिका शकुंतला छीपी के मार्गदर्शन में छात्राओं द्वारा किए जा रहे कार्य की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने शाहपुरा बालिका विद्यालय के निरीक्षण में डिजिटल साक्षरता से लेकर स्थानीय कला और खेल तक, तीनों क्षेत्रों में छात्राओं के उत्साह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानाचार्य रीता धोबी ने बताया कि यह शिविर प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक चल रहा है, जिसमें विद्यालय की नामांकित छात्राएं भाग ले रही हैं। उन्होंने ADPC मैडम के निरीक्षण एवं मार्गदर्शन से शिक्षकों और छात्राओं का मनोबल बढ़ने की बात कही।
भीलवाड़ा के शाहपुरा स्थित पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 17 मई 2026 से शुरू हुए 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का 30 मई 2026 को ADPC कल्पना शर्मा ने निरीक्षण किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें एक मंच प्रदान करना है। निरीक्षण के दौरान, ADPC कल्पना शर्मा ने शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण, कला एवं रचनात्मकता, तथा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों का गहराई से अवलोकन किया। उन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र में बेसिक डिजिटल साक्षरता और आत्मविश्वास संबंधी गतिविधियों, रोलप्ले व पहेलियों को देखा। कला वर्ग में संगीत, नृत्य, पोस्टर निर्माण और मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य कर रही छात्राओं से संवाद किया, जबकि
खेल गतिविधियों में योग, प्राणायाम, कबड्डी एवं खो-खो का अभ्यास कर रही छात्राओं से भी बातचीत की। ADPC मैडम ने प्रशिक्षकों वैदेही राठौड़, सोनाली ठठेरा एवं पायल कोली, साथ ही प्रभारी शिक्षिका शकुंतला छीपी के मार्गदर्शन में छात्राओं द्वारा किए जा रहे कार्य की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने शाहपुरा बालिका विद्यालय के निरीक्षण में डिजिटल साक्षरता से लेकर स्थानीय कला और खेल तक, तीनों क्षेत्रों में छात्राओं के उत्साह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानाचार्य रीता धोबी ने बताया कि यह शिविर प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक चल रहा है, जिसमें विद्यालय की नामांकित छात्राएं भाग ले रही हैं। उन्होंने ADPC मैडम के निरीक्षण एवं मार्गदर्शन से शिक्षकों और छात्राओं का मनोबल बढ़ने की बात कही।
- भीलवाड़ा में व्याप्त जल संकट को लेकर विधायक कोठारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।1
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 30 मई को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और चंबल परियोजना के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करना था। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रचंड गर्मी में आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल उसका समाधान करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'वंदे गंगा जल जन अभियान' के तहत प्राचीन जलाशयों, बावड़ियों और कुओं के जल को जनता के लिए उपयोगी बनाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर नागरिकों को राहत प्रदान करने को भी कहा। बैठक में अधीक्षण अभियंता चंबल विनोद गर्ग, अधिशाषी अभियंता चंबल महेश नरानिया, अधीक्षण अभियंता किशन खोईवाल, सहायक अभियंता दिलराज मीणा, कनिष्ठ अभियंता श्रीराम मीणा, सहायक अभियंता प्रेम जीनगर, कनिष्ठ अभियंता हरीश मीणा, सौभाग्य राज सिंह, सुरेश सालवी, संदीप मीणा, विजय सिंह खटाना और नरेश गुर्जर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, सुंदरलाल बंबोरा, संजय राठी, चेतन मानसिहका, कमल कोठारी, केदार जागेटिया, प्रिंस जैन, अजय पाराशर और पृथ्वीराज सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।2
- यह दृढ़ता से कहा गया है कि केकड़ी वर्ष 2028 तक एक जिला बन जाएगा। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कोई भी शक्ति इस प्रक्रिया को रोक नहीं पाएगी और यह सुनिश्चित है कि केकड़ी 2028 में जिला बनकर ही रहेगा।2
- सरवाड़ के डोडिया परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत आज तुलसी विवाह समारोह भव्यता से संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान लक्ष्मीनारायण की एक शानदार शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ निकाली गई, जो आदिनाथ बाजार, सदर बाजार और बस स्टैंड होते हुए चमन चौराहे स्थित आवास पर पहुँची। बारात के पहुँचने पर परिजनों द्वारा उसका भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर तुलसी विवाह की रस्म पूरी कराई। इस आयोजन में राधेश्याम डोडिया, रमेश डोडिया, अमित डोडिया, पंडित ओमप्रकाश पारीक, महावीर पारीक, संजय शर्मा, रौनक शर्मा, पंकज वैष्णव, राधेगोविन्द मिश्र, परमेश्वर शास्त्री सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों की उपस्थिति रही। भक्ति भाव से परिपूर्ण तुलसी विवाह की यह बारात 'शाही अंदाज़' में निकाली गई, जिसे देखने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह इस बारात का जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उत्सव का माहौल छा गया।1
- राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है, जहां सीकर से लेकर जयपुर तक आंधी-तूफान पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह आंधी-तूफान अब तेजी से भीलवाड़ा की ओर बढ़ रहे हैं और बहुत जल्द ही जिले के आसपास के इलाकों में भी इनका असर दिखने की संभावना है।1