संत कबीर नगर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, 224 प्रार्थना पत्रों की हुई सुनवाई 34 का मौके पर निस्तारण__________________ राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर संत कबीर नगर 01 अगस्त 2026। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनपद की खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल तीनों तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा जन सामान्य की शिकायतों की सुनवाई करते हुए मौके पर निस्तारण योग्य प्रकरणों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से निस्तारित कराया गया तथा शेष प्रकरणों को नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए राजस्व विभाग सहित अन्य सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित फरियादियों की समस्याओं को सुनते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही सम्पूर्ण समाधान दिवस का मुख्य लक्ष्य है, इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही पाये जाने पर सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। खलीलाबाद तहसील में विभिन्न संदर्भों से संबंधित कुल 107 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये, जिसमें से जिलाधिकारी द्वारा 18 प्रार्थना पत्रों का संबंधित राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभागीय अधिकारियों से प्रकरण की विस्तृत जानकारी लेते हुए तत्काल निस्तारित करवाया गया। 11 प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की टीम भेजी गई। शेष प्रकरणों को जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए तत्काल कार्यवाही कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिये गए। कानून एवं व्यवस्था से संबंधित मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा किया गया। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार यह सुनिश्चित कराया जाय कि पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय मिल सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग से सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम में धनघटा तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्य प्रकाश व अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह द्वारा की गयी। अपर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से सम्बंधित विभिन्न मामलों को सुनते हुए सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी को मामले के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में आवश्यकतानुसार स्थलीय जांच की जाए तथा दोनों पक्षों की पूरी बात को गम्भीरता से सुनते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित की जाए। तहसील धनघटा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 75 प्रार्थना पत्र आये जिसमें से मौके पर 10 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर शेष प्रार्थना पत्रों को अपर जिलाधिकारी द्वारा सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए अबिलम्ब गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, तहसीलदार रामजी व राजस्व निरीक्षक सहित तहसील के राजस्व कर्मचारी, लेखपाल आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम मेंहदावल तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी द्वारा की गई। उन्होंने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से सम्बंधित विभिन्न मामलों को सुनते हुए सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी को मामले के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में आवश्यकतानुसार स्थलीय जांच की जाए तथा दोनों पक्षों की पूरी बात को गम्भीरता से सुनते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित की जाए। तहसील मेंहदावल में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 42 प्रार्थना पत्र आये जिसमें से मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मौके पर 06 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करवाते हुए शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए अबिलम्ब गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया गया। 04 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष प्रकरणों में मौके का स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण करने हेतु टीम भेजी गई। इस अवसर पर तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा सहित तहसील से सम्बंधित अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, लेखपाल आदि उपस्थित रहे। जनपद के तीनों तहसीलों में कुल 224 फरियादियों के विभिन्न मामलों से संबंधित प्रार्थना पत्रों की सुनवाई हुई, जिसमें से 34 प्रकरणों का तत्काल निस्तारण कराया गया।
संत कबीर नगर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, 224 प्रार्थना पत्रों की हुई सुनवाई 34 का मौके पर निस्तारण__________________ राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर संत कबीर नगर 01 अगस्त 2026। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जनपद की खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल तीनों तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा जन सामान्य की शिकायतों की सुनवाई करते हुए मौके पर निस्तारण योग्य प्रकरणों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से निस्तारित कराया गया तथा शेष प्रकरणों को नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए राजस्व विभाग सहित अन्य सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित फरियादियों की समस्याओं को सुनते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही सम्पूर्ण समाधान दिवस का मुख्य लक्ष्य है, इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही पाये जाने पर सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। खलीलाबाद तहसील में विभिन्न संदर्भों से
संबंधित कुल 107 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये, जिसमें से जिलाधिकारी द्वारा 18 प्रार्थना पत्रों का संबंधित राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभागीय अधिकारियों से प्रकरण की विस्तृत जानकारी लेते हुए तत्काल निस्तारित करवाया गया। 11 प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की टीम भेजी गई। शेष प्रकरणों को जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए तत्काल कार्यवाही कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिये गए। कानून एवं व्यवस्था से संबंधित मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा किया गया। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार यह सुनिश्चित कराया जाय कि पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय मिल सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग से सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम में
धनघटा तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्य प्रकाश व अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह द्वारा की गयी। अपर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से सम्बंधित विभिन्न मामलों को सुनते हुए सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी को मामले के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में आवश्यकतानुसार स्थलीय जांच की जाए तथा दोनों पक्षों की पूरी बात को गम्भीरता से सुनते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित की जाए। तहसील धनघटा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 75 प्रार्थना पत्र आये जिसमें से मौके पर 10 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर शेष प्रार्थना पत्रों को अपर जिलाधिकारी द्वारा सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए अबिलम्ब गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, तहसीलदार रामजी व राजस्व निरीक्षक सहित तहसील के राजस्व कर्मचारी, लेखपाल आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम मेंहदावल तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी द्वारा
की गई। उन्होंने राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों से सम्बंधित विभिन्न मामलों को सुनते हुए सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी को मामले के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में आवश्यकतानुसार स्थलीय जांच की जाए तथा दोनों पक्षों की पूरी बात को गम्भीरता से सुनते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित की जाए। तहसील मेंहदावल में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 42 प्रार्थना पत्र आये जिसमें से मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मौके पर 06 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करवाते हुए शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए अबिलम्ब गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया गया। 04 प्रार्थना पत्रों के सापेक्ष प्रकरणों में मौके का स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण करने हेतु टीम भेजी गई। इस अवसर पर तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा सहित तहसील से सम्बंधित अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, लेखपाल आदि उपस्थित रहे। जनपद के तीनों तहसीलों में कुल 224 फरियादियों के विभिन्न मामलों से संबंधित प्रार्थना पत्रों की सुनवाई हुई, जिसमें से 34 प्रकरणों का तत्काल निस्तारण कराया गया।
- कुशीनगर में तीन बहनों की नाले में डूबने से हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम कुशीनगर में हुए दर्दनाक हादसे ने झकझोर कर रख दिया है, यहां नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के पास तेज बहाव वाले नाले के किनारे खेल रही 3 मासूम बहने अचानक संतुलन खोने से उसमें गिर गई। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे गांव के बाहर सिधरिया नाले की पुलिया के पास हुई, वहीं उनका भाई भी खेल रहा था। सपना, शिवानी और कुंजन घर से निकलीं। साथ में भाई प्रियांशु को भी ले गईं। तीनों नाले के पुल पर पहुंचीं। रेलिंग पर पैर लटकाकर बैठ गईं। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों गहरे नाले में गिर गईं। बहनों को डूबता देखकर प्रियांशु बहनों को बचाने भागा। लेकिन, बहाव तेज होने की वजह से कुछ कर नहीं पाया। बहनों के नाले में गिरता देख भाई चिल्लाने लगा। आसपास कोई नहीं दिखा तो भागकर गांव पहुंचा। लोगों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण भागकर पुलिया के पास पहुंचे, पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब 14 घंटे बाद शनिवार सुबह 7 बजे पुलिया से 3 सौ मीटर दूर तीनों के शव बरामद किए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्चियों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- गोरखपुर दीपिका हत्याकांड: CM को सौंपा गया ज्ञापन, पीड़ित परिवार के लिए 7 बड़ी मांगें | Gorakhpur News1
- हिंदी शब्दों को प्रथमिकता दें जो शब्द हिंदी में उपलब्ध हैं उसी का उपयोग करें1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: जंतर-मंतर पर अभद्रता करने वाले बच्चों को सही राह दिखाना हमारा कर्तव्य... #narandermodi #narendramodi_primeminister1
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
- 'गाली-गलौज से कभी समाधान नहीं निकलता' - PM नरेंद्र मोदी का बड़ा संदेश | भारत के लिए मिलकर काम करने की अपील1
- नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।1