मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई* *दो प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने लिए, एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई* *डिंडौरी, ** आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन, डिंडौरी द्वारा मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत शहपुरा विकासखंड के बिछिया स्थित दो प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई की गई। साहू बेकरी एवं किराना का खाद्य पंजीयन अवधि समाप्त पाया गया, जिस पर संचालक को तत्काल नया पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। यहां से राइस ब्रान तेल एवं केचप के नमूने जांच के लिए लिए गए। इसके बाद खुशी किराना के निरीक्षण में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ विक्रय के लिए रखे मिले, जिन्हें विक्रेता की उपस्थिति में मौके पर ही नष्ट कराया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर आवश्यक खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला तथा उसका प्रदर्शन भी नहीं किया गया, जिसके संबंध में वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई। यहां से पनीर एवं दही के नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए। अभियान के दौरान क्षेत्र की अन्य दुकानों एवं होटलों का भी निरीक्षण किया गया। संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पैक्ड खाद्य पदार्थों की निर्माण एवं समाप्ति तिथि देखकर ही विक्रय करने तथा त्योहारों के मद्देनजर बिना बिल, वारंटी अथवा गुणवत्ता जांच के कन्फेक्शनरी, दुग्ध उत्पाद एवं मिठाइयों की खरीदी-बिक्री नहीं करने की समझाइश दी गई। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं अथवा मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य व्यवसायियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती प्रभा सिंह टेकाम एवं उनकी टीम द्वारा संपन्न की गई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई* *दो प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने लिए, एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई* *डिंडौरी, ** आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन, डिंडौरी द्वारा मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत शहपुरा विकासखंड के बिछिया स्थित दो प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई की गई। साहू बेकरी एवं किराना का खाद्य पंजीयन अवधि समाप्त पाया गया, जिस पर संचालक को तत्काल नया पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। यहां से राइस ब्रान तेल एवं केचप के नमूने जांच के लिए लिए गए। इसके बाद खुशी किराना के निरीक्षण में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ विक्रय के लिए रखे मिले, जिन्हें विक्रेता की उपस्थिति में मौके पर ही नष्ट कराया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर आवश्यक खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला तथा उसका प्रदर्शन भी नहीं किया गया, जिसके संबंध में वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई। यहां से
पनीर एवं दही के नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए। अभियान के दौरान क्षेत्र की अन्य दुकानों एवं होटलों का भी निरीक्षण किया गया। संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पैक्ड खाद्य पदार्थों की निर्माण एवं समाप्ति तिथि देखकर ही विक्रय करने तथा त्योहारों के मद्देनजर बिना बिल, वारंटी अथवा गुणवत्ता जांच के कन्फेक्शनरी, दुग्ध उत्पाद एवं मिठाइयों की खरीदी-बिक्री नहीं करने की समझाइश दी गई। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं अथवा मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य व्यवसायियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती प्रभा सिंह टेकाम एवं उनकी टीम द्वारा संपन्न की गई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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- मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।4
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
- सूरज उगने से पहले शुरू होती है सोने की तलाश रेत में छिपी दौलत! पीढ़ियों से नदी से सोना खोज रहे हैं ग्रामीण। सूरज उगने से पहले शुरू होती है सोने की तलाश... देखिए कबीरधाम का अनोखा नजारा। रेत में छिपी दौलत! पीढ़ियों से नदी से सोना खोज रहे हैं ग्रामीण।1
- मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल सरकारी बंगले में ही वन संपदा महफूज नहीं! मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल पत्रकार ने उप संचालक को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की (आशुतोष त्रिपाठी/जन चिंगारी—उमरिया) मानपुर/उमरिया। वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर मानपुर में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित रूप से पेड़ों की कटाई किसी सुनसान जंगल में नहीं, बल्कि वन विभाग के अधिकारी के शासकीय आवास परिसर में होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में पत्रकार रवि सेन ने 24 जुलाई 2026 को उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, मानपुर वन परिक्षेत्र स्थित रेंजर के शासकीय आवास परिसर में करीब दो माह पूर्व लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ की कथित कटाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच 17 जुलाई 2026 की रात उसी शासकीय परिसर में वर्षों पुराने चंदन के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आने का दावा शिकायत में किया गया है। एक ही परिसर में लगातार वन संपदा को नुकसान पहुंचने की शिकायत ने विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक घटना पर खामोशी, दूसरी ने खोल दी व्यवस्था की पोल? शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व की घटना के बाद भी यदि परिसर में वन संपदा की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी नहीं की गई, तो यह विभागीय व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब वन विभाग के अधिकारी के सरकारी आवास परिसर में ही पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो जंगलों में वन संपदा की निगरानी किस स्तर पर हो रही होगी? शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जब मामला सामने आया तो सफाई देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। चंदन कटाई में ‘अंदरूनी हाथ’ की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेड़ किसके निर्देश, संरक्षण अथवा मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी आखिर कहां गई। इसी कारण मामले में केवल खानापूर्ति के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि 17 जुलाई को काटे गए चंदन के पेड़ की कटाई और पूर्व में काटे गए सागौन के पेड़ की कटाई की अलग-अलग एवं संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही तत्कालीन स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई की मांग शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, संरक्षण या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—‘रखवाली’ किसकी और जवाबदेही किसकी? पूरे मामले ने वन विभाग के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या सरकारी आवास परिसर में लगे कीमती पेड़ों की नियमित निगरानी होती थी? पहले सागौन कटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? 17 जुलाई की रात चंदन का पेड़ आखिर कैसे काट दिया गया? कटी हुई लकड़ी कहां गई और किसकी अनुमति से पेड़ काटा गया? क्या विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी? अब निगाहें वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर हैं कि शिकायत को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा जाता है या फिर सरकारी परिसर में वन संपदा की कथित कटाई की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाती है।4
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