Shuru
Apke Nagar Ki App…
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी द्वारा लगवाए गए एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर पर 'राम नाम जपना, चढ़ाया दान अपना' जैसी विवादास्पद पंक्तियाँ लिखी गई थीं, जिसके बाद देर रात इलाके में जमकर हंगामा हुआ। पोस्टर की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तुरंत हटवा दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
Nihal
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी द्वारा लगवाए गए एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर पर 'राम नाम जपना, चढ़ाया दान अपना' जैसी विवादास्पद पंक्तियाँ लिखी गई थीं, जिसके बाद देर रात इलाके में जमकर हंगामा हुआ। पोस्टर की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तुरंत हटवा दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- गोरखपुर में बीती रात एक गिरफ्तारी की कवरेज कर रहे पत्रकार को कोतवाली पुलिस ने न केवल कवरेज करने से रोका, बल्कि उसका मोबाइल भी छीन लिया। पत्रकार द्वारा अपनी पहचान उजागर करने और यह स्पष्ट बताने पर भी कि वह पत्रकार है और एक प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन का सदस्य है, पुलिस ने उसका मोबाइल छीन लिया। इस घटना के करीब ढाई घंटे बाद अर्धरात्रि को पत्रकार का मोबाइल वापस किया गया। पुलिस की यह पूरी प्रक्रिया न केवल अत्यंत निंदनीय है, वरन लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ पर सीधा प्रहार है।1
- गोरखपुर में मंच पर मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में रवि किशन ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। मंच से संबोधित करते हुए रवि किशन ने कहा कि वह "कुछ लिखकर लाए हैं" और इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर तीखा निशाना साधा।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अयोध्या में हुई चंदा चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा लगाए गए पोस्टर की खबर बनाने के दौरान पुलिस द्वारा पत्रकार के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। खबर की कवरेज करने के दौरान पुलिस ने पत्रकार के साथ न केवल अमर्यादित व्यवहार किया, बल्कि उसका फोन छीनकर उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी डिलीट कर दिया। पुलिस द्वारा पत्रकार पर वीडियो डिलीट करने के लिए लगातार दबाव भी बनाया गया। व्यवस्था का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले और अपनी जान पर खेलकर खबरें लिखने व दिखाने वाले पत्रकार के साथ पुलिस का यह अमर्यादित व्यवहार बेहद गंभीर है। इस घटना के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब पुलिस पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव कर सकती है, तो आम लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा।1
- राम मंदिर चंदा हेराफेरी विवाद के बीच भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने एक बड़ी अपील की है। वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच एसआईटी (SIT) द्वारा की जा रही है। साध्वी निरंजन ज्योति ने जांच प्रक्रिया के दौरान अपनी बात रखते हुए यह कदम उठाया है।1
- गोरखपुर में पत्रकार अमित भारती ने प्रशासन पर मीडिया कवरेज में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है। भारती के अनुसार, प्रशासन द्वारा न केवल उनके काम को रोका गया, बल्कि कवरेज के दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया और सवाल उठ रहे हैं।1
- गोरखपुर के गोला में दिनदहाड़े हुए मंगलसूत्र लूटकांड का पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। गोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूटा गया लॉकेट बरामद कर लिया है और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अपना सामान वापस मिलने के बाद पीड़िता ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने गोला पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और योगी जी का धन्यवाद किया है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए पीड़िता ने कहा कि वह योगी जी की पुलिस की कार्यप्रणाली से पूरी तरह खुश हैं।1
- गोरखपुर के शाहपुर में एक कार और बाइक की टक्कर के बाद भारी बवाल मच गया। टक्कर के बाद आरोपियों ने एक युवती के बाल खींचकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने कार में जमकर तोड़फोड़ भी की और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा घटना में शामिल बाकी अन्य आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है।1
- लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थित केंद्रीय विहार सेक्टर-6 में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ स्ट्रीट लाइट के पोल में करंट उतरने के कारण एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण पोल के पास खुले बिजली के तार करंट की चपेट में आ गए थे, जिससे यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने नगर निगम और विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र के स्ट्रीट लाइट पोलों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1