सालों पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कर जनता को नई बसों का सपना दिखा रही भाजपा सरकार: जीतू पटवारी* *प्रेस विज्ञप्ति* *सालों पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कर जनता को नई बसों का सपना दिखा रही भाजपा सरकार: जीतू पटवारी* *दिनांक 25 सितम्बर 2026* भोपाल। मध्य प्रदेश में परिवहन सेवाओं के नाम पर पुरानी बसों को मैदान में उतारने और बसों के रंग को लेकर की जा रही बहस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार 10-10 साल पुरानी बसों को कबाड़खाने से निकालकर डेंटिंग-पेंटिंग कराकर सड़क पर उतार रही है और फिर इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। श्री जीतू पटवारी ने कहा कि किसी भी नई सेवा की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होना अच्छी बात है, लेकिन कुछ बसें शुरू करके उसे बड़ी उपलब्धि बताना और लगातार बड़े-बड़े आंकड़े गिनाना सिर्फ प्रचार का हिस्सा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 300 बसें शुरू की जा रही हैं और प्रचार किया जा रहा है। श्री पटवारी ने कहा कि सरकार को यह भी स्वीकार करना चाहिए कि मध्य प्रदेश में पिछले करीब 25 वर्षों से भाजपा की ही सरकार रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में कमियां हैं तो उनकी जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने कहा, “25 साल से आपकी ही सरकार है। अगर कोई पाप हुआ है तो आपके ही लोगों ने किया है, इसे भी स्वीकार करना चाहिए।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और भाजपा से जुड़े लोग बसों के रंग को लेकर बहस कर रहे हैं, जबकि असली सवाल बसों की उम्र, फिटनेस, सुरक्षा और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डेंटिंग-पेंटिंग और रंग बदलने से 10 साल पुरानी बस नई बस नहीं बन जाती। सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि सड़क पर उतारी जा रही बसों की वास्तविक स्थिति क्या है, उनकी फिटनेस कैसे सुनिश्चित की गई है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। श्री पटवारी ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया और अब पुरानी बसों को नए रंग-रूप में पेश करके उपलब्धि का प्रचार किया जा रहा है। श्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री की सुगम सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि यह सेवा समाप्त हुई है तो इसकी जिम्मेदारी भी पिछली भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों पर तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नई शुरुआत का श्रेय लेने के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि “सुगम सेवा अगर समाप्त हुई तो उसका दोष भी शिवराज सिंह चौहान की सरकार का था।” उन्होंने कहा कि जनता को लंबे भाषणों और विज्ञापनों की नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की जरूरत है। श्री जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पेट्रोल-डीजल से जुड़े पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता से पेट्रोल-डीजल सस्ता करने को लेकर जो उम्मीदें दिखाई गई थीं, उस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि नितिन गडकरी द्वारा देश के सामने कही गई बातों का भी जवाब मिलना चाहिए। जनता जानना चाहती है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर किए गए दावों का क्या हुआ और आम लोगों को राहत क्यों नहीं मिली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग को माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। श्री पटवारी ने कहा कि उनके अनुसार जनता के बीच भाजपा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं और केवल विज्ञापन, भाषण और प्रचार के जरिए लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “चुनाव जीतने की मशीनरी उन्होंने चुनाव आयोग को माध्यम बनाकर ली है। जनता के दिल और दिमाग से भाजपा उतर चुकी है।” ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जवाब मांगा जीतू पटवारी ने देश में चल रही ‘वोट चोरी’ की बहस का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने राजनीतिक आरोप दोहराते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि कथित चुनावी अनियमितताओं के पीछे कौन जिम्मेदार है और पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए और जनता को जवाब मिलना चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार सुगम सेवाएं शुरू करे, बसें चलाए, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित करे कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था मिले। उन्होंने कहा कि “लंबे-लंबे भाषण देने, विज्ञापन लगाने और प्रचार करने से जनता के वास्तविक सवाल खत्म नहीं होंगे। बस का रंग बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती। जनता को काम चाहिए, जवाबदेही चाहिए और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था चाहिए।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को उपलब्धियों के प्रचार से आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और जनता के सामने परिवहन व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल की कीमतों तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सादर प्रकाशनार्थ मुकेश नायक अध्यक्ष मीडिया विभाग
सालों पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कर जनता को नई बसों का सपना दिखा रही भाजपा सरकार: जीतू पटवारी* *प्रेस विज्ञप्ति* *सालों पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कर जनता को नई बसों का सपना दिखा रही भाजपा सरकार: जीतू पटवारी* *दिनांक 25 सितम्बर 2026* भोपाल। मध्य प्रदेश में परिवहन सेवाओं के नाम पर पुरानी बसों को मैदान में उतारने और बसों के रंग को लेकर की जा रही बहस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार 10-10 साल पुरानी बसों को कबाड़खाने से निकालकर डेंटिंग-पेंटिंग कराकर सड़क पर उतार रही है और फिर इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। श्री जीतू पटवारी ने कहा कि किसी भी नई सेवा की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होना अच्छी बात है, लेकिन कुछ बसें शुरू करके उसे बड़ी उपलब्धि बताना और लगातार बड़े-बड़े आंकड़े गिनाना सिर्फ प्रचार का हिस्सा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 300 बसें शुरू की जा रही हैं और प्रचार किया जा रहा है। श्री पटवारी ने कहा कि सरकार को यह भी स्वीकार करना चाहिए कि मध्य प्रदेश में पिछले करीब 25 वर्षों से भाजपा की ही सरकार रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में कमियां हैं तो उनकी जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने कहा, “25 साल से आपकी ही सरकार है। अगर कोई पाप हुआ है तो आपके ही लोगों ने किया है, इसे भी स्वीकार करना चाहिए।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और भाजपा से जुड़े लोग बसों के रंग को लेकर बहस कर रहे हैं, जबकि असली सवाल बसों की उम्र, फिटनेस, सुरक्षा और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डेंटिंग-पेंटिंग और रंग बदलने से 10 साल पुरानी बस नई बस नहीं बन जाती। सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि सड़क पर उतारी जा रही बसों की वास्तविक स्थिति क्या है, उनकी फिटनेस कैसे सुनिश्चित की गई है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। श्री पटवारी ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया और अब पुरानी बसों को नए रंग-रूप में पेश करके उपलब्धि का प्रचार किया जा रहा है। श्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री की सुगम सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि यह सेवा समाप्त हुई है तो इसकी जिम्मेदारी भी पिछली भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों पर तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नई शुरुआत का श्रेय लेने के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि “सुगम सेवा अगर समाप्त हुई तो उसका दोष भी शिवराज सिंह चौहान की सरकार का था।” उन्होंने कहा कि जनता को लंबे भाषणों और विज्ञापनों की नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की जरूरत है। श्री जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पेट्रोल-डीजल से जुड़े पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता से पेट्रोल-डीजल सस्ता करने को लेकर जो उम्मीदें दिखाई गई थीं, उस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि नितिन गडकरी द्वारा देश के सामने कही गई बातों का भी जवाब मिलना चाहिए। जनता जानना चाहती है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर किए गए दावों का क्या हुआ और आम लोगों को राहत क्यों नहीं मिली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग को माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। श्री पटवारी ने कहा कि उनके अनुसार जनता के बीच भाजपा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं और केवल विज्ञापन, भाषण और प्रचार के जरिए लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “चुनाव जीतने की मशीनरी उन्होंने चुनाव आयोग को माध्यम बनाकर ली है। जनता के दिल और दिमाग से भाजपा उतर चुकी है।” ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जवाब मांगा जीतू पटवारी ने देश में चल रही ‘वोट चोरी’ की बहस का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने राजनीतिक आरोप दोहराते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। श्री पटवारी ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि कथित चुनावी अनियमितताओं के पीछे कौन जिम्मेदार है और पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए और जनता को जवाब मिलना चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार सुगम सेवाएं शुरू करे, बसें चलाए, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित करे कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था मिले। उन्होंने कहा कि “लंबे-लंबे भाषण देने, विज्ञापन लगाने और प्रचार करने से जनता के वास्तविक सवाल खत्म नहीं होंगे। बस का रंग बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती। जनता को काम चाहिए, जवाबदेही चाहिए और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था चाहिए।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को उपलब्धियों के प्रचार से आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और जनता के सामने परिवहन व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल की कीमतों तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सादर प्रकाशनार्थ मुकेश नायक अध्यक्ष मीडिया विभाग
- एंकर:-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि अभी भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह ड्राफ्ट भी सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तैयार किया गया है........ कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकार भोपाल के विकास और शहर के नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो जनता के आंदोलन के समय ही इस दिशा में पहल की जाती। लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया....... कांग्रेस के मुताबिक, अभी मास्टर प्लान लागू होने में काफी प्रक्रिया बाकी है। ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, जिसके बाद इसे वापस लाकर प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मास्टर प्लान सामने आएगा....... कांग्रेस नेता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी करीब चार से छह महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार से भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट समयसीमा और तेजी से प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। बाइट:- आरिफ मसूद कांग्रेस विधायक1
- भोपाल में UGC के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन, प्लेटिनम प्लाजा से लोकभवन तक निकाला पैदल मार्च भोपाल में UGC के नए नियमों के विरोध में UGC संघर्ष समिति के बैनर तले प्लेटिनम प्लाजा से लोकभवन तक निकाला पैदल मार्च निकलकर विरोध प्रदर्शन किया.पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की। आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को पार किया और आगे बढ़ते हुए लोकभवन के पास पहुंच गए। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन लोकभवन के पास पहुंचने के बाद संघर्ष समिति की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आंदोलनकारियों ने UGC के नए नियमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नियमों से समाज में जातिगत संघर्ष बढ़ने की आशंका है और इससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने नए प्रावधानों को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।3
- 🚨🔥 भोपाल BREAKING NEWS 🔥🚨 📍 मास्टर प्लान पर कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला! भोपाल का मास्टर प्लान अभी लागू नहीं हुआ, सिर्फ ड्राफ्ट तैयार हुआ है—कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का दावा। 🔴 कांग्रेस का आरोप—सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तैयार हुआ मास्टर प्लान का ड्राफ्ट! 🔴 अभी बाकी है लंबी प्रक्रिया—सुप्रीम कोर्ट में पेशी, प्रकाशन और फिर दावे-आपत्तियां। 🔴 आरिफ मसूद के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में 4 से 6 महीने और लग सकते हैं। 👉 कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट समयसीमा तय कर प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। 🎙️ बाइट: आरिफ मसूद, कांग्रेस विधायक 📲 खबरों के लिए संपर्क करें WhatsApp: 89625 44196 #Bhopal #BhopalNews1
- भोपाल से नागपुर की यात्रा के दौरान वंदे भारत में सफर करना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है। ट्रेन की आधुनिक सुविधाएँ, सुरक्षा व्यवस्था और आरामदायक यात्रा नए भारत की तस्वीर दिखाती हैं। खिड़कियों से बाहर दिखते नदी, पहाड़, जंगल और पेड़ों का सौंदर्य मन को आनंद से भर देता है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का यात्रियों की सुविधा और आधुनिक रेल व्यवस्था का विजन तथा माननीय रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी के प्रयासों से भारतीय रेल निरंतर नए रूप में आगे बढ़ रही है। स्वदेश में निर्मित वंदे भारत नए भारत की गति, सुविधा और आत्मविश्वास1
- एंकर:-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि अभी भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह ड्राफ्ट भी सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तैयार किया गया है........ कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकार भोपाल के विकास और शहर के नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो जनता के आंदोलन के समय ही इस दिशा में पहल की जाती। लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया....... कांग्रेस के मुताबिक, अभी मास्टर प्लान लागू होने में काफी प्रक्रिया बाकी है। ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, जिसके बाद इसे वापस लाकर प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मास्टर प्लान सामने आएगा....... कांग्रेस नेता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी करीब चार से छह महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार से भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट समयसीमा और तेजी से प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। बाइट:- आरिफ मसूद कांग्रेस विधायक1
- एंकर:-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि अभी भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह ड्राफ्ट भी सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तैयार किया गया है........ कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकार भोपाल के विकास और शहर के नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो जनता के आंदोलन के समय ही इस दिशा में पहल की जाती। लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया....... कांग्रेस के मुताबिक, अभी मास्टर प्लान लागू होने में काफी प्रक्रिया बाकी है। ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, जिसके बाद इसे वापस लाकर प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मास्टर प्लान सामने आएगा....... कांग्रेस नेता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी करीब चार से छह महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार से भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट समयसीमा और तेजी से प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। बाइट:- आरिफ मसूद कांग्रेस विधायक एंकर:-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि अभी भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह ड्राफ्ट भी सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तैयार किया गया है........ कांग्रेस का आरोप है कि यदि सरकार भोपाल के विकास और शहर के नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो जनता के आंदोलन के समय ही इस दिशा में पहल की जाती। लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया....... कांग्रेस के मुताबिक, अभी मास्टर प्लान लागू होने में काफी प्रक्रिया बाकी है। ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, जिसके बाद इसे वापस लाकर प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मास्टर प्लान सामने आएगा....... कांग्रेस नेता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी करीब चार से छह महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार से भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर स्पष्ट समयसीमा और तेजी से प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। बाइट:- आरिफ मसूद कांग्रेस विधायक1
- महंगाई पर भोपालियों की राय: “महंगाई बहुत हो गई… मोदी को बदलकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है! भोपालियों की राय: “महंगाई बहुत हो गई… मोदी को बदलकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है! देखिए जनता ने कैमरे पर क्या कहा?1
- भाजपा की कथनी और करनी में साफ़ फर्क दिखाई देता है। एक तरफ महिलाओं के सम्मान और संस्कृति की बातें होती हैं, दूसरी तरफ उन्हीं के नेताओं के बयानों पर महिलाओं और समुदायों की गरिमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गरबा जैसे सांस्कृतिक पर्व को राजनीतिक और साम्प्रदायिक बयानबाजी का विषय बनाने के बजाय समाज में सम्मान और भाईचारे की बात होनी चाहिए। मध्य प्रदेश की जनता पूछ रही है—कथनी कब बदलेगी और करनी कब दिखेगी? मोहसिन अली खान प्रदेश अध्यक्ष, AIMIM मध्य प्रदेश |1