जालौर जिले के जसवंतपुरा के निकट स्थित श्री सुंधा माता धाम में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। ट्रस्ट संस्था ने मंदिर परिसर में 'स्वस्थ अभियान' के तहत यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नए नियम के कारण फिलहाल आने वाले श्रद्धालुओं को पीने के पानी की थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ट्रस्ट के माध्यम से पूरे मंदिर परिसर में पीने के पानी के नल लगाए गए हैं, जिससे जल्द ही इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। ट्रस्ट ने यह निर्णय कई वर्षों से प्लास्टिक की बोतलों के कारण मंदिर परिसर में तेजी से फैल रही गंदगी और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को देखते हुए लिया है। धाम क्षेत्र में इतना अधिक प्लास्टिक जमा हो रहा था, जिससे ट्रस्ट को पूरे सुंदर पर्वत के नीचे से ऊपरी क्षेत्र तक पर्यावरण की देखरेख और स्वच्छता बनाए रखने में बड़ी समस्या आ रही थी। इसी गंभीर स्थिति के मद्देनजर श्री सुंधा माता ट्रस्ट ने यह 'स्वस्थ अभियान' शुरू किया है। अब मंदिर परिसर की किसी भी दुकान में पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतलें नहीं मिलेंगी, और यदि कोई बोतल बेचते हुए पाया जाता है, तो ट्रस्ट ने ₹500 का जुर्माना लगाने का नियम भी बनाया है। इस पहल से पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी और धाम को स्वच्छ बनाए रखने में आसानी होगी, जिसमें सरदार भी अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।
जालौर जिले के जसवंतपुरा के निकट स्थित श्री सुंधा माता धाम में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। ट्रस्ट संस्था ने मंदिर परिसर में 'स्वस्थ अभियान' के तहत यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नए नियम के कारण फिलहाल आने वाले श्रद्धालुओं को पीने के पानी की थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ट्रस्ट के माध्यम से पूरे मंदिर परिसर में पीने के पानी के नल लगाए गए हैं, जिससे जल्द ही इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। ट्रस्ट ने यह निर्णय कई वर्षों से प्लास्टिक की बोतलों के कारण मंदिर परिसर में तेजी से फैल रही गंदगी और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को देखते हुए लिया है। धाम क्षेत्र में इतना अधिक प्लास्टिक जमा हो रहा था, जिससे ट्रस्ट को पूरे सुंदर पर्वत के नीचे से ऊपरी क्षेत्र तक पर्यावरण की देखरेख और स्वच्छता बनाए रखने में बड़ी समस्या आ रही थी। इसी गंभीर स्थिति के मद्देनजर श्री सुंधा माता ट्रस्ट ने यह 'स्वस्थ अभियान' शुरू किया है। अब मंदिर परिसर की किसी भी दुकान में पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतलें नहीं मिलेंगी, और यदि कोई बोतल बेचते हुए पाया जाता है, तो ट्रस्ट ने ₹500 का जुर्माना लगाने का नियम भी बनाया है। इस पहल से पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी और धाम को स्वच्छ बनाए रखने में आसानी होगी, जिसमें सरदार भी अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।
- गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाली जिले के सादड़ी निवासी मेडिकल कारोबारी परेश पारसमल जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 8.32 करोड़ रुपये मूल्य की 2,08,000 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की गई हैं। एटीएस के डीएसपी एस.एल. चौधरी के अनुसार, गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी मेडिकल लाइसेंस की आड़ में प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक दवाओं की तस्करी कर रहा था। इसी क्रम में 25 जून को अंकलेश्वर से राजस्थान भेजी जा रही ट्रामाडोल टैबलेट की एक खेप को अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित एमआर ट्रेवल्स कार्यालय के बाहर जब्त किया गया था, जिसे अन्य मेडिकल सामान के रूप में दर्शाकर भेजा जा रहा था। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी राजस्थान भाग गया, लेकिन गुजरात एटीएस की टीम ने उसे उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने मई 2026 से अब तक 25 खेपों में करीब 62.54 लाख ट्रामाडोल टैबलेट राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई की हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि परेश पारसमल जैन पहले भी उत्तराखंड और महाराष्ट्र में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। अब गुजरात एटीएस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।1
- आमलारी हत्याकांड के मामले में संयम लोढ़ा ने अपनी बात मुखर होकर रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री (सीएम) के समक्ष पीड़ित परिवार को सुरक्षा और सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- आज बालोतरा में भाजपा पदाधिकारी अमराराम सुंदेशा ने फर्जी पट्टा प्रकरण को लेकर मीडिया से बातचीत की और अपना पक्ष रखा। इस दौरान सुंदेशा ने पूर्व विधायक मदन प्रजापत के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वे खुद इस मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि इस जांच से 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाए। यह पूरा प्रकरण नगर परिषद में कथित फर्जी पट्टों से संबंधित है।1
- पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस-2026 के अवसर पर शनिवार को चंडीगढ़ नगर निगम के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए एक कठोर रुख अपनाया। प्रशासक कटारिया ने नशे के विरुद्ध एक भावुक संदेश देते हुए, सत्र में मौजूद सभी राजनीतिक दलों के पार्षदों की 'क्लास' लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पार्षदों से सवाल किया कि यदि उन्हें अपने वार्डों में चल रही गतिविधियां और हलचल अपनी आँखों के सामने दिखाई नहीं देती, तो वे किस प्रकार के जनप्रतिनिधि हैं। गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूक होना चाहिए। गवर्नर ने सरकार और पुलिस को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ड्रग्स का धंधा सरकार और पुलिस के सहारे के बिना दस दिन भी नहीं चल सकता। उन्होंने नशा और अवैध तस्करी के खिलाफ एक एकजुट सामाजिक आंदोलन चलाने का भी आह्वान किया।1
- राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के दातीवाडा गाँव में स्थित दूंधेश्वर महादेव मंदिर भक्तों के लिए एक अत्यंत पसंदीदा और पुण्य स्थल है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई सभी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं।1
- उदयपुर स्थित प्रथम स्किलिंग ट्रेनिंग सेंटर ने एक विशेष 45 दिवसीय हॉस्पिटैलिटी कोर्स की घोषणा की है, जिसमें होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कोर्स में छात्रों को 100% नौकरी में सहायता प्रदान करने का दावा किया गया है। सेंटर की ओर से रहना, खाना और यूनिफॉर्म की सुविधा बिल्कुल मुफ्त दी जाएगी, साथ ही अनुभवी ट्रेनर्स द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी प्रदान की जाएगी। कोर्स पूरा करने पर छात्रों को NSDC द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट मिलेगा। इस कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना और उसकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों की संख्या सीमित बताई गई है। इच्छुक उम्मीदवार +91 9950055413 पर संपर्क कर सकते हैं या श्रीराम धर्मकांटा व HP पेट्रोल पंप के पास, एकलिंगपुरा, झामरकोटड़ा रोड, उदयपुर स्थित सेंटर पर जा सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। NSDC सर्टिफिकेट का अर्थ यह हो सकता है कि कोर्स स्किल इंडिया के तहत मान्यता प्राप्त है, लेकिन इसकी पुष्टि सेंटर पर जाकर स्वयं करनी चाहिए। साथ ही, "100% नौकरी में सहायता" का वादा अक्सर इंटरव्यू असिस्टेंस तक सीमित होता है, न कि नौकरी की गारंटी। सलाह दी गई है कि ऑफर लेटर मिलने तक कोई फीस या कमीशन न दें। इसके अतिरिक्त, सेंटर विजिट करके बैच की स्थिति, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और ट्रेनिंग सुविधाओं की जांच अवश्य करें।4
- सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में मुस्लिम समाज ने 29 जून को जामा मस्जिद के मौलाना उवेश रजा कादरी और उनकी पत्नी साबाना खातून को पवित्र उमराह यात्रा के लिए भावभीनी विदाई दी। समाज के सदस्यों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और एक जुलूस के साथ फालना रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया, जहाँ से वे अहमदाबाद पहुँचेंगे। अहमदाबाद से, यह दंपति रात्रि 12 बजे की उड़ान से सऊदी अरब के लिए प्रस्थान करेगा। मुस्लिम समाज ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित कर मौलाना और उनकी पत्नी के टिकट तथा यात्रा व्यय की व्यवस्था की। इस विदाई समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और उन्होंने उनकी सफल, सुरक्षित तथा मंगलमय उमराह यात्रा के लिए दुआएँ माँगीं। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के सदर दीन मोहम्मद ने बताया कि उमराह इस्लाम का एक अत्यंत पवित्र धार्मिक सफर है, जहाँ पहुँचकर मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं और देश-दुनिया में अमन, शांति, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उमराह के दौरान श्रद्धालु पवित्र शहर मक्का में स्थित काबा शरीफ की तवाफ, सई और अन्य धार्मिक रस्में अदा करते हैं। इसके पश्चात् वे मदीना पहुँचते हैं और पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की मस्जिद-ए-नबवी में हाजिरी देकर इबादत करते हैं। मक्का और मदीना को इस्लाम के सबसे पवित्र शहर माना जाता है, जहाँ हर साल दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु उमराह और हज के लिए आते हैं। बरकत खां और सत्तार मोहम्मद सहित अनेक समाजबंधु भी इस विदाई समारोह में उपस्थित थे। समाज के लोगों ने मौलाना उवेश रजा कादरी और साबाना खातून का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाओं के साथ उमराह यात्रा के लिए विदा किया।4
- सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया गया है, जिसमें सभी से सड़क पर अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की गई है। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'दुर्घटना से देर भली', यानी सुरक्षा के लिए थोड़ी देरी स्वीकार्य है, लेकिन दुर्घटना का जोखिम उठाना नहीं। यह भी स्मरण कराया गया है कि जीवन अत्यंत अनमोल है, जिसकी सुरक्षा सड़कों पर बरती गई सतर्कता और जागरूकता पर ही निर्भर करती है।1
- पिंडवाड़ा, सिरोही में 24 साल पुराने भूमि विवाद के समाधान की मांग को लेकर नगर पालिका के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रामाराम पुत्र तोलाराम घांची की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। पिछले छह दिनों से धरने पर बैठे रामाराम की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तहसीलदार सहित कई अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने धरनार्थी रामाराम से बात कर उन्हें उपचार कराने के लिए राजी किया। इसके बाद, 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सिरोही जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पिंडवाड़ा निवासी रामाराम का कहना है कि वे इस भूमि विवाद के समाधान के लिए पिछले 24 वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उनकी मुख्य मांग है कि मामले का शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा का माहौल बना हुआ है।1