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इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद उपजे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही उम्मीदवार का नामांकन सही तरीके से दाखिल नहीं कर पाई और अब अपनी प्रशासनिक व राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग और न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा कर रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी मीनाक्षी नटराजन की याचिका को खारिज कर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर चुका है। पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस नेताओं द्वारा चुनाव आयोग और न्यायिक प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। महापौर ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। वहीं, कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण थी, जिसके विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।

4 days ago
user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
SUNDARAM EXPRESS NEWS
Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
4 days ago

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद उपजे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही उम्मीदवार का नामांकन सही तरीके से दाखिल नहीं कर पाई और अब अपनी प्रशासनिक व राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग और न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा कर रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी मीनाक्षी नटराजन की याचिका को खारिज कर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर चुका है। पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस नेताओं द्वारा चुनाव आयोग और न्यायिक प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। महापौर ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। वहीं, कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण थी, जिसके विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।

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  • इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार की चौड़ाई बढ़ा दी गई है, जिससे अब भक्तों को भगवान श्री गणेश और अन्य विग्रहों के दर्शन करने में अधिक सुविधा होगी। इस विस्तार के बाद, एक साथ कई भक्त सुविधापूर्वक दर्शन कर सकेंगे, जिससे भीड़ के दौरान दर्शनार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। यह कार्य मंदिर के मास्टर प्लान के तहत किया गया है। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर शिवम वर्मा जी और प्रशासक नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल जी की उपस्थिति में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रथम चरण के इन कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब अगले चरण में गर्भगृह के सामने बने सभामंडप को भी नीचे करने का काम शुरू किया जाएगा। इस सभामंडप को लगभग दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा, ताकि पीछे की लाइन में खड़े भक्तों को भी भगवान के दर्शन आसानी से हो सकें, क्योंकि वर्तमान में भीड़ होने पर उन्हें दर्शन करने में कठिनाई होती है। सभामंडप के काम के बाद, दर्शन कॉरिडोर का निर्माण कार्य किया जाएगा। इन सभी कार्यों को आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है।
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    इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार की चौड़ाई बढ़ा दी गई है, जिससे अब भक्तों को भगवान श्री गणेश और अन्य विग्रहों के दर्शन करने में अधिक सुविधा होगी। इस विस्तार के बाद, एक साथ कई भक्त सुविधापूर्वक दर्शन कर सकेंगे, जिससे भीड़ के दौरान दर्शनार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। यह कार्य मंदिर के मास्टर प्लान के तहत किया गया है।

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर शिवम वर्मा जी और प्रशासक नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल जी की उपस्थिति में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रथम चरण के इन कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब अगले चरण में गर्भगृह के सामने बने सभामंडप को भी नीचे करने का काम शुरू किया जाएगा। इस सभामंडप को लगभग दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा, ताकि पीछे की लाइन में खड़े भक्तों को भी भगवान के दर्शन आसानी से हो सकें, क्योंकि वर्तमान में भीड़ होने पर उन्हें दर्शन करने में कठिनाई होती है।

सभामंडप के काम के बाद, दर्शन कॉरिडोर का निर्माण कार्य किया जाएगा। इन सभी कार्यों को आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • इंदौर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत द्वारकापुरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आईशर ट्रक में पार्सलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से छुपाई गई 12 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 2 लाख रुपए कीमत की शराब और करीब 27 लाख रुपए कीमत का आईशर ट्रक जब्त किया गया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 29 लाख रुपए का मशरूका पुलिस के कब्जे में आया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों और तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा शहर में अवैध शराब तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए जारी विशेष निर्देशों के पालन में, पुलिस उपायुक्त जोन-4 सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीशेष अग्रवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा शिवेन्दु जोशी के मार्गदर्शन में, थाना द्वारकापुरी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात नंबर का एक आईशर ट्रक फूटी कोठी ब्रिज से चंदन नगर की तरफ आ रहा है, जिसमें सामान्य माल और पार्सलों के बीच बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आस्था हॉस्पिटल के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक को रोका। तलाशी में पार्सलों के पीछे और बीच में मैजिक मोमेंट और बेकपाइपर ब्रांड की कुल 12 पेटी (108 बल्क लीटर) अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने ट्रक चालक इरफान पिता निशार अहमद (33 वर्ष), निवासी मऊ, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि शराब को पकड़े जाने से बचाने के लिए पार्सलों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। अब पुलिस इस शराब की खेप के स्रोत, इंदौर या आसपास के किस क्षेत्र में इसे खपाया जाना था, और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य सप्लायरों, खरीदारों तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसके लिए आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक मुकेश झारिया, प्रधान आरक्षक तनमय तोमर, प्रधान आरक्षक नितेश बघेल, आरक्षक कृष्णचंद शर्मा तथा आरक्षक शिवपाल सोलंकी की अहम भूमिका रही, जिनकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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    इंदौर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत द्वारकापुरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आईशर ट्रक में पार्सलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से छुपाई गई 12 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 2 लाख रुपए कीमत की शराब और करीब 27 लाख रुपए कीमत का आईशर ट्रक जब्त किया गया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 29 लाख रुपए का मशरूका पुलिस के कब्जे में आया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों और तस्करों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा शहर में अवैध शराब तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए जारी विशेष निर्देशों के पालन में, पुलिस उपायुक्त जोन-4 सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीशेष अग्रवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा शिवेन्दु जोशी के मार्गदर्शन में, थाना द्वारकापुरी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात नंबर का एक आईशर ट्रक फूटी कोठी ब्रिज से चंदन नगर की तरफ आ रहा है, जिसमें सामान्य माल और पार्सलों के बीच बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आस्था हॉस्पिटल के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक को रोका। तलाशी में पार्सलों के पीछे और बीच में मैजिक मोमेंट और बेकपाइपर ब्रांड की कुल 12 पेटी (108 बल्क लीटर) अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने ट्रक चालक इरफान पिता निशार अहमद (33 वर्ष), निवासी मऊ, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि शराब को पकड़े जाने से बचाने के लिए पार्सलों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। अब पुलिस इस शराब की खेप के स्रोत, इंदौर या आसपास के किस क्षेत्र में इसे खपाया जाना था, और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य सप्लायरों, खरीदारों तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसके लिए आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक मुकेश झारिया, प्रधान आरक्षक तनमय तोमर, प्रधान आरक्षक नितेश बघेल, आरक्षक कृष्णचंद शर्मा तथा आरक्षक शिवपाल सोलंकी की अहम भूमिका रही, जिनकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
  • इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं उपस्थित लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान आर्थिक सहायता से जुड़े कई विषयों के साथ-साथ राजस्व संबंधी और पुलिस संबंधी प्रकरण भी सामने आए। इसके अतिरिक्त, माता-पिता और पुत्र के बीच विवाद जैसे पारिवारिक मामले भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने जानकारी दी कि सभी प्रकरणों को दर्ज कर लिया गया है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से, तत्कालीन प्रकृति के गंभीर प्रकरणों में मौके पर ही तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जनसुनवाई में बिजली, पानी, पेंशन, नामांतरण और अतिक्रमण जैसी विभिन्न शिकायतें भी प्राप्त हुईं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का प्राथमिक रूप से निराकरण किया जाए। साथ ही, किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति में सहायता की तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रशासन इन्हीं निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है, और अधिकारियों को सभी शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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    इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं उपस्थित लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान आर्थिक सहायता से जुड़े कई विषयों के साथ-साथ राजस्व संबंधी और पुलिस संबंधी प्रकरण भी सामने आए। इसके अतिरिक्त, माता-पिता और पुत्र के बीच विवाद जैसे पारिवारिक मामले भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने जानकारी दी कि सभी प्रकरणों को दर्ज कर लिया गया है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से, तत्कालीन प्रकृति के गंभीर प्रकरणों में मौके पर ही तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जनसुनवाई में बिजली, पानी, पेंशन, नामांतरण और अतिक्रमण जैसी विभिन्न शिकायतें भी प्राप्त हुईं।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का प्राथमिक रूप से निराकरण किया जाए। साथ ही, किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति में सहायता की तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रशासन इन्हीं निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है, और अधिकारियों को सभी शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, आकाश पाठक, की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई है। इस आरोप के अनुसार, इस नियम विरुद्ध नियुक्ति के चलते यूनिवर्सिटी को प्रतिमाह ₹50,000 का नुकसान हो रहा है।
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    देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, आकाश पाठक, की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई है। इस आरोप के अनुसार, इस नियम विरुद्ध नियुक्ति के चलते यूनिवर्सिटी को प्रतिमाह ₹50,000 का नुकसान हो रहा है।
    user_पत्रकार नलिन दीक्षित
    पत्रकार नलिन दीक्षित
    Court reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • धार और इंदौर जिले की सीमा से लगे ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला क्षेत्र में करोड़ों रुपये के कथित मुरम घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों से बाहर खनन, राजस्व चोरी और खनिज माफियाओं को संरक्षण दिए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र कटघरे में खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और आखिर एक आर्मी ऑफिसर के दखल के बाद ही खनिज विभाग क्यों सक्रिय हुआ। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित किसानों और एक आर्मी ऑफिसर द्वारा मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाने के बाद ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में किसानों की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख था। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमित खनन की अनुमति वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर आसपास की निजी कृषि भूमि तक खुदाई कर दी गई, जिसमें बिना अनुमति जेसीबी और भारी मशीनों का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप कई खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं और उपजाऊ भूमि को भारी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि ड्रोन सर्वे और वैज्ञानिक मापन कराया जाए तो उत्खनन की वास्तविक मात्रा और करोड़ों की राजस्व चोरी सामने आ सकती है। मामले की जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों से पत्रकारों ने अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों की सीमा के उल्लंघन, राजस्व चोरी के प्रमाण और किसी अधिकारी की संदिग्ध भूमिका जैसे कई सवाल पूछे, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई को लेकर भी प्रश्न किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जांच दल ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मीडिया से दूरी बनाते हुए मौके से लौट गया। अधिकारियों की इस चुप्पी से अब नए संदेह पैदा हो गए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि जांच निष्पक्ष है तो मीडिया और जनता से जानकारी क्यों छिपाई जा रही है। प्रभावित किसानों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि उनकी भूमि को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अवैध उत्खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज, संभागायुक्त, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और वैज्ञानिक मापन कराने की मांग भी दोहराई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, क्षेत्र की जनता की निगाहें इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या करोड़ों के इस कथित मुरम घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी, किसानों को न्याय मिलेगा, और खनिज माफियाओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह जांच भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
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    धार और इंदौर जिले की सीमा से लगे ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला क्षेत्र में करोड़ों रुपये के कथित मुरम घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों से बाहर खनन, राजस्व चोरी और खनिज माफियाओं को संरक्षण दिए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र कटघरे में खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और आखिर एक आर्मी ऑफिसर के दखल के बाद ही खनिज विभाग क्यों सक्रिय हुआ।

सूत्रों के अनुसार, प्रभावित किसानों और एक आर्मी ऑफिसर द्वारा मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाने के बाद ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में किसानों की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख था। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमित खनन की अनुमति वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर आसपास की निजी कृषि भूमि तक खुदाई कर दी गई, जिसमें बिना अनुमति जेसीबी और भारी मशीनों का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप कई खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं और उपजाऊ भूमि को भारी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि ड्रोन सर्वे और वैज्ञानिक मापन कराया जाए तो उत्खनन की वास्तविक मात्रा और करोड़ों की राजस्व चोरी सामने आ सकती है।

मामले की जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों से पत्रकारों ने अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों की सीमा के उल्लंघन, राजस्व चोरी के प्रमाण और किसी अधिकारी की संदिग्ध भूमिका जैसे कई सवाल पूछे, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई को लेकर भी प्रश्न किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जांच दल ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मीडिया से दूरी बनाते हुए मौके से लौट गया। अधिकारियों की इस चुप्पी से अब नए संदेह पैदा हो गए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि जांच निष्पक्ष है तो मीडिया और जनता से जानकारी क्यों छिपाई जा रही है।

प्रभावित किसानों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि उनकी भूमि को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अवैध उत्खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज, संभागायुक्त, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और वैज्ञानिक मापन कराने की मांग भी दोहराई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल, क्षेत्र की जनता की निगाहें इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या करोड़ों के इस कथित मुरम घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी, किसानों को न्याय मिलेगा, और खनिज माफियाओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह जांच भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • इंदौर, मध्यप्रदेश में रेती माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिससे रेत कारोबारियों और वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने दूधिया रेती मंडी में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान ओवरलोड रेती से भरे कई वाहनों की जांच की गई और उनके रॉयल्टी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 6 वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों और वाहन चालकों द्वारा कथित तौर पर एक महिला अधिकारी पर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया गया, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं के भी हस्तक्षेप की बातें सामने आई हैं। खनिज विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और रॉयल्टी से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में उनकी जांच जारी रहेगी तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    इंदौर, मध्यप्रदेश में रेती माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिससे रेत कारोबारियों और वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने दूधिया रेती मंडी में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया।

इस अभियान के दौरान ओवरलोड रेती से भरे कई वाहनों की जांच की गई और उनके रॉयल्टी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 6 वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों और वाहन चालकों द्वारा कथित तौर पर एक महिला अधिकारी पर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया गया, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं के भी हस्तक्षेप की बातें सामने आई हैं।

खनिज विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और रॉयल्टी से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में उनकी जांच जारी रहेगी तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    17 hrs ago
  • इंदौर, मध्य प्रदेश की उत्कर्ष पैराडाइज कॉलोनी में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए रहवासियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में, कॉलोनी के रहवासियों ने उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) से शिकायत दर्ज कराई है। उनकी मुख्य मांग है कि सार्वजनिक भूमि पर की गई अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और इस मामले में संलिप्त भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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    इंदौर, मध्य प्रदेश की उत्कर्ष पैराडाइज कॉलोनी में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए रहवासियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में, कॉलोनी के रहवासियों ने उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) से शिकायत दर्ज कराई है। उनकी मुख्य मांग है कि सार्वजनिक भूमि पर की गई अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और इस मामले में संलिप्त भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • देश के सबसे स्वच्छ और नंबर वन शहर इंदौर के वार्ड क्रमांक 70 स्थित आदर्श इंदिरा नगर के रहवासी पानी की भीषण किल्लत और नलों से आ रहे नाली के गंदे, बदबूदार पानी से त्रस्त हैं। इस क्षेत्र में 'आदर्श' केवल नाम में है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ के लोगों के हलक सूखे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नर्मदा की पाइपलाइन में पानी का प्रेशर लगभग न के बराबर है, जिसके चलते उन्हें पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जो पानी आता भी है, वह पीने लायक नहीं होता, क्योंकि नलों से 'अमृत' के बजाय नाली का बदबूदार और गंदा पानी खौल रहा है। पार्षद भरत रघुवंशी के इस क्षेत्र में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। इस गंभीर समस्या के कारण रहवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
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    देश के सबसे स्वच्छ और नंबर वन शहर इंदौर के वार्ड क्रमांक 70 स्थित आदर्श इंदिरा नगर के रहवासी पानी की भीषण किल्लत और नलों से आ रहे नाली के गंदे, बदबूदार पानी से त्रस्त हैं। इस क्षेत्र में 'आदर्श' केवल नाम में है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ के लोगों के हलक सूखे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नर्मदा की पाइपलाइन में पानी का प्रेशर लगभग न के बराबर है, जिसके चलते उन्हें पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जो पानी आता भी है, वह पीने लायक नहीं होता, क्योंकि नलों से 'अमृत' के बजाय नाली का बदबूदार और गंदा पानी खौल रहा है। पार्षद भरत रघुवंशी के इस क्षेत्र में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है।

इस गंभीर समस्या के कारण रहवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
    user_Ck_news
    Ck_news
    Video Creator इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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