छतरपुर जिले की घुवारा पुलिस चौकी और भगवा थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम चंदौली के पास हुई इस घटना को अंजाम देने वाले इन आरोपियों के पास से लूटी गई सामग्री के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिसकी कुल कीमत करीब 1,50,000 रुपए बताई जा रही है। यह घटना पिछले महीने हुई थी, जब फरियादी घनश्याम अहिरवार को घुवारा बस स्टैंड से मोटरसाइकिल पर लिफ्ट दी गई थी और ग्राम चंदौली के पास उनसे लूटपाट की गई थी। इस संबंध में भगवा थाने में भारतीय न्याय संहिता के तहत लूट का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया, सावधानीपूर्वक साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके बाद छतरपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित करने और मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए थे। जांच के बाद पुलिस टीम ने मोहनगढ़ तिगड्डा, टीकमगढ़ निवासी वजीर खान पिता भूले खान और बीड़ी कॉलोनी, टीकमगढ़ निवासी शहीद उर्फ मुंती खान पिता कपूर खान को गिरफ्तार किया। वजीर खान पर लूट, चोरी, अवैध वसूली और मारपीट जैसे 4 अपराध दर्ज हैं, जबकि मुंती खान लूट और चोरी के 2 मामलों में पहले से ही लिप्त है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से लूटा गया सोने का ताबीज और नगद राशि भी बरामद की गई। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस सफल कार्रवाई में बड़ा मलहरा के एसडीओपी श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भगवा निरीक्षक सुरभि शर्मा, चौकी प्रभारी घुवारा उप निरीक्षक किशोर पटेल, सहायक उप निरीक्षक शिवराम नायक, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र चतुर्वेदी, आरक्षक सुनील प्रजापति, राजेश प्रजापति, प्राण सिंह, रोहित सिंह, महिला आरक्षक आरती यादव और नगर रक्षा समिति के प्रशांत एवं रामसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छतरपुर जिले की घुवारा पुलिस चौकी और भगवा थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम चंदौली के पास हुई इस घटना को अंजाम देने वाले इन आरोपियों के पास से लूटी गई सामग्री के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिसकी कुल कीमत करीब 1,50,000 रुपए बताई जा रही है। यह घटना पिछले महीने हुई थी, जब फरियादी घनश्याम अहिरवार को घुवारा बस स्टैंड से मोटरसाइकिल पर लिफ्ट दी गई थी और ग्राम चंदौली के पास उनसे लूटपाट की गई थी। इस संबंध में भगवा थाने में भारतीय न्याय संहिता के तहत लूट का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया, सावधानीपूर्वक साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके बाद छतरपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित करने और मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए थे। जांच के बाद पुलिस टीम ने मोहनगढ़ तिगड्डा, टीकमगढ़ निवासी वजीर खान पिता भूले खान और बीड़ी कॉलोनी, टीकमगढ़ निवासी शहीद उर्फ मुंती खान पिता कपूर खान को गिरफ्तार किया। वजीर खान पर लूट, चोरी, अवैध वसूली और मारपीट जैसे 4 अपराध दर्ज हैं, जबकि मुंती खान लूट और चोरी के 2 मामलों में पहले से ही लिप्त है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से लूटा गया सोने का ताबीज और नगद राशि भी बरामद की गई। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस सफल कार्रवाई में बड़ा मलहरा के एसडीओपी श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भगवा निरीक्षक सुरभि शर्मा, चौकी प्रभारी घुवारा उप निरीक्षक किशोर पटेल, सहायक उप निरीक्षक शिवराम नायक, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र चतुर्वेदी, आरक्षक सुनील प्रजापति, राजेश प्रजापति, प्राण सिंह, रोहित सिंह, महिला आरक्षक आरती यादव और नगर रक्षा समिति के प्रशांत एवं रामसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व शक्ति के सम्मान में देशभर में चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, आदिम जाति कल्याण विभाग के शासकीय अनुसूचित जाति जूनियर/उत्कृष्ट कन्या छात्रावास पलेरा परिसर में एक बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए जिला संयोजक मुकेश पालीवाल ने छात्रावास के विभागीय अधीक्षकों को पहले ही निर्देशित किया था। आज इस आयोजन में अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और पत्रकार बंधुओं ने मिलकर पलेरा छात्रावास परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद, पलेरा ब्लॉक के आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास के सभी अधीक्षकों ने उपस्थित अतिथियों और लोगों को पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने और लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने की शपथ दिलाई। अभियान के तहत, छात्रावास परिसर में नीम, बरगद, आम, जामुन और आंवले जैसे छायादार व फलदार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि सरोज राजपूत जिला अध्यक्ष, सुनील खटीक सांसद प्रतिनिधि और पवन सिंगया ने सभी को संबोधित करते हुए पेड़ों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर अपनी माता जी के नाम से एक पौधा लगाना न केवल प्रकृति की सेवा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति में मां के प्रति सर्वोच्च सम्मान को भी दर्शाता है। उन्होंने बच्चों और कर्मचारियों से अपील की कि वे केवल पौधे न लगाएं, बल्कि छात्रावास में रहने के दौरान एक मां की तरह ही इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाएं। कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मचारियों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। सभी अधीक्षकों, कर्मचारियों, समाजसेवियों और पत्रकार बंधुओं ने अपनी मां की स्मृति और सम्मान में अपने हाथों से पौधे लगाए और उनमें पानी डाला। अनुसूचित जाति जूनियर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास के इस अनूठे प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है, और यह ग्रीन पहल न सिर्फ छात्रावास परिसर को सुंदर व छायादार बनाएगी, बल्कि देश में पर्यावरण जागरूकता का एक सकारात्मक संदेश भी देगी। कार्यक्रम के अंत में, विभागीय अधीक्षकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।4
- छतरपुर जिले में प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार सक्रियता से कार्रवाई कर रहा है। यह अभियान अनवरत जारी है।1
- चंदला विधानसभा क्षेत्र में विधायक दिलीप अहिरवार ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की है। उन्होंने अपने पूर्व वादे को निभाते हुए अब तक करीब 150 कन्याओं की शादी में राशन सामग्री वितरित की है। उनका यह अभियान लगभग 1000 शादियों तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। चंदला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मध्य प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार की इस पहल से क्षेत्र की जनता में खासा उत्साह देखने को मिला है, जिसने इसे गरीब परिवारों के लिए एक सराहनीय और अनोखा प्रयास बताया है। विधायक दिलीप अहिरवार ने इस पहल को लेकर कहा कि जनप्रतिनिधि बनने से पहले भी उनकी रुचि सामाजिक कार्यों में रही है। उन्होंने पूरी विधानसभा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि उनका फर्ज है कि यदि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी हो, तो वे अपनी क्षमता अनुसार हर संभव सहयोग जरूर करें। इस पहल को सामाजिक सहयोग और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत जनपद शिक्षा केंद्र बड़ा मलहरा द्वारा आयोजित कुक कम हेल्पर कुकिंग प्रतियोगिता ने एक तरफ जहां रसोइयों की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर मध्यान्ह भोजन योजना की जमीनी हकीकत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बड़ा मलहरा में आयोजित इस प्रतियोगिता में रसोइयों ने स्वाद, गुणवत्ता और पौष्टिकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसकी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने सराहना भी की। हालांकि, प्रतियोगिता में परोसे गए आकर्षक और स्वादिष्ट व्यंजनों को देखकर लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि यदि रसोइयां इतना बेहतर और पौष्टिक भोजन बना सकती हैं, तो फिर शासकीय स्कूलों के बच्चों को प्रतिदिन उसी स्तर का भोजन क्यों नहीं मिल पाता। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जहां बच्चों को मिलने वाली सब्जियों में हरी सब्जियों की मात्रा बेहद कम रहती है और मसालों व गुणवत्ता का अभाव दिखाई देता है। उनका आरोप है कि आलू की सब्जी में भी बच्चों को आलू के टुकड़े मुश्किल से मिल पाते हैं। इसके अतिरिक्त, अभिभावकों का कहना है कि भोजन कई बार इतना फीका होता है कि बच्चे उसे पूरा नहीं खा पाते, जिससे पोषण की कमी बनी रहती है। समय-समय पर खराब भोजन, पोषण की कमी और भोजन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। प्रतियोगिता के लिए जारी आदेशों में रसोइयों को बेहतर सामग्री और आकर्षक व्यंजन तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि यदि प्रतियोगिता के लिए ऐसी विशेष तैयारी संभव है, तो नियमित रूप से बच्चों के लिए पौष्टिक, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन क्यों नहीं सुनिश्चित किया जा सकता? जानकारों के अनुसार, मध्यान्ह भोजन योजना का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना है। यदि इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, पर्याप्त संसाधन और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, तो बच्चों की थाली भी उतनी ही पौष्टिक और आकर्षक बन सकती है, जैसी प्रतियोगिता में प्रदर्शित की गई। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस आयोजन को केवल एक औपचारिकता माना जाएगा या बच्चों तक वास्तव में बेहतर भोजन पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।1
- छतरपुर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आगामी नीट (NEET) परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परीक्षा प्रबंधन की अंतिम रिहर्सल की। इस दौरान, जिला कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल और पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, प्रतीक्षालय और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने संबंधित केंद्र प्रभारियों और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करें और परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दें। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और अभ्यर्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले, जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर श्री विनय द्विवेदी सहित अन्य संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।1
- छतरपुर के मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम चौका के पास एक तेज़ रफ़्तार चार पहिया वाहन ने पीछे से एक बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी। इस हादसे में पति-पत्नी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल डायल 112 की सहायता से ज़िला अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना आज 20 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। घायल दंपति की पहचान रिक्सा पुरवा निवासी हरि कुशवाहा (32) और उनकी पत्नी रामसखी कुशवाहा (30) के रूप में हुई है। हरि कुशवाहा ने बताया कि वे अपनी भांजी के शादी समारोह में शामिल होने ग्राम हटवाह गए थे और वहीं से वापस लौटते समय चौका के पास यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलने के बाद, मातगुवां की ओर से डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत छतरपुर ज़िला अस्पताल ले आई। अस्पताल में डॉक्टर रोशन द्विवेदी ने प्राथमिक उपचार के बाद हरि कुशवाहा और रामसखी कुशवाहा को ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया है। उनका इलाज जारी है।1