कोटा में मठ मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की हत्या के विरोध में रामगंजमंडी में सर्व हिंदू समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम चारु शंकर को सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधि अंबेडकर चौराहे पर एकत्रित हुए और फिर बाइक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। वहां, नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि लगभग 1100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मठ मायापुरी अखाड़े के महंत श्री देवानंद महाराज की 5 जून 2026 की रात को अज्ञात बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। यह मठ संत समाज और हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस घटना के बाद से संत समाज और हिंदू समाज में भारी रोष व्याप्त है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की।
कोटा में मठ मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की हत्या के विरोध में रामगंजमंडी में सर्व हिंदू समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम चारु शंकर को सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधि अंबेडकर चौराहे पर एकत्रित हुए और फिर बाइक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। वहां, नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि लगभग 1100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मठ मायापुरी अखाड़े के महंत श्री देवानंद महाराज की 5 जून 2026 की रात को अज्ञात बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। यह मठ संत समाज और हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस घटना के बाद से संत समाज और हिंदू समाज में भारी रोष व्याप्त है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की।
- कोटा शहर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। बोरखेड़ा थाना पुलिस ने ₹10,000 के इनामी और पिछले पाँच महीने से फरार चल रहे आरोपी गोलु उर्फ गोलु खान उर्फ शेरखान को गिरफ्तार कर लिया है। कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि शहरभर में वांछित, फरार और इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी उद्योग नगर थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। दरअसल, 26 जनवरी 2026 को उद्योग नगर थाना पुलिस ने एक कार्रवाई के दौरान आरोपी इमरान उर्फ सेहेल के कब्जे से 12 ग्राम स्मैक बरामद की थी। इस मामले की जांच में पता चला कि यह बरामद स्मैक झालावाड़ जिले के अकलेरा निवासी शेरखान उर्फ गोलु से लाई गई थी, जिसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था।1
- करीब 15 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी एक माँ का अपने बच्चों के साथ भावुक पुनर्मिलन हुआ है। महिला ने अपनी याददाश्त खो जाने के कारण इतने वर्षों तक अपने परिवार से दूर जीवन बिताया, लेकिन गहन उपचार और अथक प्रयासों के बाद उसकी स्मृति आखिरकार वापस लौट आई और वह अपने परिजनों तक पहुँचने में सफल रही। यह जानकारी मिली है कि महिला का उपचार कोटा स्थित 'अपना घर आश्रम' में कराया गया था। इलाज के बाद जब उसकी याददाश्त वापस लौटी, तो उसने अपने परिवार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। इन जानकारियों के आधार पर, आश्रम प्रशासन ने उसके परिजनों की तलाश शुरू की और लंबे प्रयासों के बाद परिवार का पता लगाने में कामयाबी हासिल की। माँ और परिवार के इस मिलन का क्षण अत्यंत भावुक था; वर्षों से अपनी माँ की तलाश कर रहे परिजनों की आँखें नम हो गईं। माँ को सामने देखकर उनका बेटा भाव-विभोर होकर उनके चरणों में गिर पड़ा, और इस मार्मिक दृश्य ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को द्रवित कर दिया। 'अपना घर आश्रम' के अथक प्रयासों से संभव हुए इस पुनर्मिलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आशा और निरंतर प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते। 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद माँ का अपने परिवार से यह मिलन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- सनातन धर्म में कर्णभेदन संस्कार को सोलह प्रमुख संस्कारों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधान माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, ये संस्कार केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन की शुभ दिशा निर्धारित करने के लिए भी किए जाते हैं। बालक और बालिका दोनों के लिए कर्णभेदन को एक आवश्यक संस्कार बताया गया है, जो किसी भी तरह से केवल आभूषण धारण करने तक सीमित नहीं है। इस संस्कार के माध्यम से बालक-बालिका रोगों से सुरक्षित रहते हैं और उनमें शुभ संस्कारों को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है। शास्त्रों में कन्या के लिए पहले बायां कान और फिर दायां कान छेदने का निर्देश दिया गया है। जिस प्रकार खेत में बीज बोने से पहले भूमि को तैयार किया जाता है, उसी प्रकार जीवन में शुभ संस्कारों के बीज बोने के लिए बाल्यावस्था में ही इन संस्कारों का पालन किया जाता है। कन्या के कानों का कर्णभेदन शुभ विचारों, अच्छे संस्कारों और मंगलमय जीवन की कामना का प्रतीक है। कर्णभेदन संस्कार के लिए शुभ समय निर्धारित किया गया है: जन्म के 6वें, 7वें या 8वें महीने में, अथवा 1वें, 3वें, 5वें या 7वें वर्ष में। इसके लिए अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती जैसे नक्षत्र शुभ माने गए हैं। शुभ तिथियों में द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी एवं त्रयोदशी शामिल हैं, जबकि सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को इस संस्कार के लिए शुभ वार बताया गया है। भाग्येश गौतम, कोटा, राजस्थान से इस बात पर जोर देते हैं कि जब जन्म, नामकरण, अन्नप्राशन और विवाह जैसे संस्कार महत्वपूर्ण हैं, तो कर्णभेदन संस्कार को केवल फैशन मानकर उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जिस घर में बेटी के संस्कारों का सम्मान होता है, वहाँ लक्ष्मी और सौभाग्य दोनों का वास होता है, क्योंकि संस्कारों से ही संस्कृति जीवित रहती है और संस्कृति से ही समाज का निर्माण होता है।1
- कोटा शहर के रेलवे स्टेशन के पटरी पार क्षेत्र में सोमवार सुबह सड़क पर एक मगरमच्छ दौड़ता हुआ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और राहगीरों ने जब मगरमच्छ को सड़क पर घूमते देखा, तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में शहर के कई इलाकों में मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचते देखे गए हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर नदी में छोड़ दिया।1
- कोटा शहर में अवैध हथियारों और उनके सप्लायर्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बोरखेड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने एक आरोपी को अवैध 12 बोर के जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहरभर में अवैध हथियार रखने वालों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद मिश्रा और पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रकाश शर्मा के निर्देशन में बोरखेड़ा थाना पुलिस ने मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने कोटा ग्रामीण जिले के चोमा मलियान निवासी मिथुन पुत्र बंसीलाल को पकड़ा, जो वर्तमान में बोरखेड़ा क्षेत्र के कोरल पार्क में चौकीदारी का काम करता है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया गया।1
- कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र में पिछले कई दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसी क्रम में, कल कोटा और आसपास के गांवों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का प्रभाव रहा, जिसके बाद देर रात अचानक मौसम में बदलाव आ गया। तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ, यह बारिश का दौर अलसुबह तक जारी रहा।1
- पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कोटा स्थित प्रथम पीठ मथुराधीश मंदिर में धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिर परिसर में आज विशेष रूप से महाराज एवं अलौकिक झांकियों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रथम पीठ मिलन बाबा गोसाईं के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक एवं दिव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा एवं विद्युत रोशनी से सजाया गया, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पुरुषोत्तम मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतों एवं विद्वानों ने बताया कि यह माह भगवान विष्णु को समर्पित है तथा इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।2
- Post by Mahendar.merotha2