सिवनी जिले में लगातार मानसून सक्रिय बना हुआ है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक जिले में 355.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, अकेले 20 जुलाई को जिले में 35.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। 20 जुलाई को जिले की बरघाट तहसील में सर्वाधिक 80.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लखनादौन में 59.4 मिमी, कुरई में 53.0 मिमी, सिवनी में 49.4 मिमी, छपारा में 25.3 मिमी, धनौरा में 13.5 मिमी तथा केवलारी में 2.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि घंसौर में इस दिन कोई वर्षा नहीं हुई। संचयी वर्षा के आंकड़ों के मुताबिक, बरघाट 530.1 मिमी बारिश के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद सिवनी में 426.4 मिमी, लखनादौन में 406.4 मिमी, केवलारी में 381.2 मिमी, कुरई में 347.0 मिमी, छपारा में 296.4 मिमी, धनौरा में 254.0 मिमी तथा घंसौर में 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 2847.2 मिमी संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 20 जुलाई 2025 तक जिले में 608.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की अब तक हुई वर्षा से अधिक है।
सिवनी जिले में लगातार मानसून सक्रिय बना हुआ है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक जिले में 355.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, अकेले 20 जुलाई को जिले में 35.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। 20 जुलाई को जिले की बरघाट तहसील में सर्वाधिक 80.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लखनादौन में 59.4 मिमी, कुरई में 53.0 मिमी, सिवनी में 49.4 मिमी, छपारा में 25.3 मिमी, धनौरा में 13.5 मिमी तथा केवलारी में 2.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि घंसौर में इस दिन कोई वर्षा नहीं हुई। संचयी वर्षा के आंकड़ों के मुताबिक, बरघाट 530.1 मिमी बारिश के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद सिवनी में 426.4 मिमी, लखनादौन में 406.4 मिमी, केवलारी में 381.2 मिमी, कुरई में 347.0 मिमी, छपारा में 296.4 मिमी, धनौरा में 254.0 मिमी तथा घंसौर में 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 2847.2 मिमी संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 20 जुलाई 2025 तक जिले में 608.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की अब तक हुई वर्षा से अधिक है।
- सिवनी में बेरढाना नाला उफनाने के कारण एक घंटे तक आवागमन थम गया। इस घटना के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों ने यहाँ पुल निर्माण कराने की मांग उठाई है।1
- सिवनी के बंडोल (कलारबाकी) में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान क्षेत्र के थाना प्रभारी ने लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम को लेकर नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी द्वारा जानकारी साझा की गई है।1
- छिंदवाड़ा के बिछुआ अंतर्गत खमारपानी सांदीपनि महाविद्यालय में 'नशे से दूरी हे जरूरी 2.0' नशा मुक्ति अभियान चलाया गया है। इस नशा मुक्ति अभियान का आयोजन पुलिस चौकी खमारपानी और थाना बिछुआ के सहयोग से सांदीपनि महाविद्यालय में किया गया। इस संबंध में चाँद से सुजीत श्रीवास ने जानकारी दी है।1
- छिंदवाड़ा जिले के थाना जुन्नारदेव द्वारा 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के विभिन्न दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस अभियान के तहत लोगों से आह्वान किया गया है कि वे एक नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करें।1
- आज के डिजिटल युग और डिजिटल इंडिया की तर्ज पर काम, जनसंपर्क कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीक का विशेष योगदान देखने को मिल रहा है। सतर्कता अभियानों और जन जागरूकता कार्यक्रमों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतरीन तरीके से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के लिए आजकल आधुनिक एआई तकनीकी प्रणाली की मदद से शिक्षा प्रदान की जा रही है और उन्हें जागरूकता कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है। छिंदवाड़ा के कई शासकीय स्कूलों में इस आधुनिक तकनीक का उपयोग करके विद्यार्थियों का बौद्धिक और मानसिक विकास किया जा रहा है, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इस दिशा में अभी और काम करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। एआई तकनीक की मदद से पढ़ाई के तरीकों में बदलाव आया है, जिससे विद्यार्थियों को बेहद सरल विधि से समझाना आसान हो गया है। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शासन, संबंधित एजेंसियां और विभिन्न संगठन मिलकर जन-जागरण, सतर्कता और जागरूकता फैलाने में लगातार सहयोग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया, जहां साइकिल से जा रहा एक मासूम बच्चा अचानक संतुलन बिगड़ने की वजह से सड़क पर गिर पड़ा। ठीक उसी वक्त सामने से एक ट्रैक्टर आ रहा था और बच्चा उसके पहिए के नीचे आने से बाल-बाल बच गया। महज एक सेकंड की देरी और किस्मत के साथ ने मासूम की जान बचा ली। यह पूरी घटना पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके तुरंत बाद वहां मौजूद राहगीरों ने बच्चे को सुरक्षित उठा लिया।1