महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका के नांदगांव स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शिक्षिका एक छोटी बच्ची को कथित तौर पर लात मारती हुई दिखाई दे रही है, जिसके बाद बच्ची सीढ़ियों पर गिर जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना आंगनवाड़ी परिसर में उस समय हुई, जब शिक्षिका किसी बात पर बच्ची को डांट रही थी और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। वीडियो में बच्ची के गिरने का दृश्य लोगों को स्तब्ध कर रहा है और इस घटना ने भारी आक्रोश पैदा किया है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोग संबंधित शिक्षिका को तत्काल निलंबित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले के स्थानीय प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग तक पहुंचने की भी चर्चा है। अधिकारियों द्वारा वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक जांच रिपोर्ट और प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। यह खबर वायरल वीडियो और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है; आधिकारिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका के नांदगांव स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शिक्षिका एक छोटी बच्ची को कथित तौर पर लात मारती हुई दिखाई दे रही है, जिसके बाद बच्ची सीढ़ियों पर गिर जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना आंगनवाड़ी परिसर में उस समय हुई, जब शिक्षिका किसी बात पर बच्ची को डांट रही थी और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। वीडियो में बच्ची के गिरने का दृश्य लोगों को स्तब्ध कर रहा है और इस घटना ने भारी आक्रोश पैदा किया है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोग संबंधित शिक्षिका को तत्काल निलंबित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले के स्थानीय प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग तक पहुंचने की भी चर्चा है। अधिकारियों द्वारा वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक जांच रिपोर्ट और प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। यह खबर वायरल वीडियो और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है; आधिकारिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।
- Amrika Thakurउत्तर प्रदेश, इंडियाrandi ko noukari se nikal digie4 hrs ago
- Gajendra Kumar SagarMeerut, Uttar PradeshShikshaka ke khilaaf turant karyavahi karke suspend karna chahiye. Aisi Shikshika ko aanganwadi mein rakhna khatarnak hai.5 hrs ago
- सोहागपुर के गांधी चौक स्थित एक कपड़े की दुकान पर दो महिलाओं द्वारा चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जिसमें ग्राहक बनकर दुकान पर आईं महिलाओं ने व्यापारी का ध्यान भटकाकर थैली में कपड़े रख लिए। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसका वीडियो शुक्रवार दोपहर 12 बजे से प्रसारित किया जा रहा है। कपड़ा व्यापारी के साथ हुई इस घटना को लेकर नगर के व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। लोग इस पर कयास लगा रहे हैं कि शहर में कपड़े चोरी करने वाला महिला गैंग सक्रिय हो सकता है।1
- रेलवे स्टेशन बोरदेही पर हुए चर्चित सामूहिक हत्याकांड का जीआरपी आमला ने सफल खुलासा करते हुए मामले में शामिल सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का अंतिम और मुख्य आरोपी सागर धुर्वे को भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। यह कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक भोपाल श्री अंकित जायसवाल (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीतू डावर एवं उप पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह कुल्हारा के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, 1 जून 2026 को बोरदेही रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी, जिसकी पहचान अली खान निवासी परतला, जिला छिंदवाड़ा के रूप में हुई। विवेचना में सामने आया कि ट्रेन क्रमांक 19344 में यात्रा के दौरान परासिया स्टेशन पर अली खान का सागर धुर्वे से विवाद हुआ था। इसके बाद बोरदेही स्टेशन पहुंचने पर सागर और उसके साथियों ने अली खान को ट्रेन से उतारकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। जीआरपी आमला ने घटनास्थल निरीक्षण, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर अपराध क्रमांक 87/26 धारा 103(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना के मात्र छह घंटे के भीतर पुलिस ने चार आरोपियों कन्हैया उर्फ काली, अयान खान, अमित उर्फ जीनू उबनारे एवं नवीन पाटिल को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद फरार आरोपियों कमलेश उईके उर्फ बाबा रामदेव, अंकुश कोराईक तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को 12 जून को तमिलनाडु के डिंडीगुल क्षेत्र से साइबर सेल एवं तकनीकी विश्लेषण की सहायता से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए। मुख्य आरोपी सागर पिता राजेंद्र धुर्वे (25 वर्ष), निवासी मेहरा मोहल्ला, थाना बोरदेही, जिला बैतूल की तलाश लगातार जारी थी, जिसे अंततः साइबर सेल और मुखबिर की सूचना पर भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया है कि इस हत्याकांड के सभी आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और वर्तमान में जिला जेल बैतूल में निरुद्ध हैं। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद पाटील, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश दाते, प्रधान आरक्षक रविश यादव, दिलीप रघुवंशी, कुलदीप, आरक्षक अनिल कुमरे, कमलेश कौशल, पवन यादव तथा साइबर सेल के अमित सक्सेना, संतोष पटेल, अरविंद पटेल एवं कंट्रोल रूम भोपाल के देवेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- थाना मुलताई पुलिस ने बस स्टैंड, मुलताई में दिनांक 26.06.2026 को "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के निर्देशन में लगातार आयोजित किए जा रहे साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का हिस्सा है। इस अभियान के दौरान, एएसआई विजय जोठे और थाना मुलताई के स्टाफ ने यात्रियों, वाहन चालकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस/सीबीआई अधिकारी बनकर आने वाले कॉल, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन लोन धोखाधड़ी, क्यूआर कोड फ्रॉड, व्हाट्सएप हैक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप के दुरुपयोग और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। नागरिकों से विशेष रूप से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक संबंधी जानकारी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, उन्हें किसी के कहने पर एनीडेस्क या किसी अन्य स्क्रीन शेयरिंग ऐप को डाउनलोड न करने की सलाह भी दी गई। इस अवसर पर साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पम्पलेट भी वितरित किए गए और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने या निकटतम पुलिस थाने को सूचित करने की सलाह दी गई। थाना मुलताई पुलिस ने नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इन अपराधों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।1
- नरसिंहपुर में युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी और विरोध व्यक्त किया।1
- कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन भूमि घोटाले के मुद्दे पर किया गया और खास बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया।1
- मुलताई थाने में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन नाज़िया इलाही खान द्वारा प्रोफिट मोहम्मद साहब पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में दिया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने आज पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग से संबंधित एक गंभीर मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि हाल ही में वाहन चेकिंग के दौरान सूरज पटेल नामक व्यक्ति ने रविदास समाज के प्रति आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में बताया गया है कि सूरज पटेल ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि रविदास समाज को निशाना बनाकर अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया। भीम आर्मी ने इस घटना को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कृत्य करार दिया है। संगठन ने मांग की है कि इस घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपी सूरज पटेल के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत एफआईआर दर्ज की जाए और उसे अविलंब गिरफ्तार किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने जिला प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद होने वाले धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की संपूर्ण जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की हुंकार भरी।1
- नरसिंहपुर जिले की सालीचौक चौकी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरागढ़ से एक दंपति ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपने पड़ोसियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत की है। पीड़िता के अनुसार, उनके मोहल्ले के पड़ोसियों ने उनके पति-पत्नी के साथ मारपीट की, जिसमें पीड़िता के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। दंपति ने बताया कि उनके पड़ोसी अवैध रूप से दारू बेचते हैं और घर के पास कचरा फेंकते हैं, जिससे गांव के कई लोग परेशान हैं। जब पीड़ित दंपति ने साफ-सफाई की बात कही, तो पड़ोसियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट पर उतारू हो गए। इस घटना के बाद दंपति ने सालीचौका चौकी में सुनवाई की गुहार लगाई, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। अब न्याय की उम्मीद में पीड़ित दंपति ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।1