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बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।

1 hr ago
user_फखरे आलम
फखरे आलम
नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के

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बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।

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  • बाराबंकी
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    बाराबंकी
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, बाराबंकी में अग्निशमन विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिले में फायर सर्विस विभाग ने एक सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिले के फायर अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न होटलों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मैदान में उतरे। इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की गहनता से जांच की। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और आग बुझाने वाले अन्य सुरक्षा साधनों की कार्यप्रणाली को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही स्थिति में हों और उनका उचित रखरखाव किया जा रहा हो। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्हें आग से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भी जागरूक किया गया। विभाग ने निरीक्षण में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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    दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, बाराबंकी में अग्निशमन विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिले में फायर सर्विस विभाग ने एक सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिले के फायर अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न होटलों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मैदान में उतरे।

इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की गहनता से जांच की। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और आग बुझाने वाले अन्य सुरक्षा साधनों की कार्यप्रणाली को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही स्थिति में हों और उनका उचित रखरखाव किया जा रहा हो।

निरीक्षण के बाद, अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्हें आग से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भी जागरूक किया गया। विभाग ने निरीक्षण में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    user_फखरे आलम
    फखरे आलम
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए।

इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Anil Kumar Journalist
    Anil Kumar Journalist
    Media company नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है। इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
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    जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है।

इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
    user_सुनील कुमार
    सुनील कुमार
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में अच्छेचा त्रिलोकपुर मार्ग पर घटिया गुणवत्ता वाला डामरीकरण किए जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मिट्टी और गिट्टी सहित हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस डामरीकरण की विस्तृत जांच कराने और संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का पुनः मानक अनुरूप निर्माण कराए जाने की भी मांग उठाई है।
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    बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में अच्छेचा त्रिलोकपुर मार्ग पर घटिया गुणवत्ता वाला डामरीकरण किए जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मिट्टी और गिट्टी सहित हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस डामरीकरण की विस्तृत जांच कराने और संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का पुनः मानक अनुरूप निर्माण कराए जाने की भी मांग उठाई है।
    user_VIKAS CHAUHAN
    VIKAS CHAUHAN
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल पूरा होने पर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस मौके को भारत के लिए गर्व का विषय बताया। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के रूप में उनका सबसे अधिक समय तक पद पर रहना भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक गौरवमई उपलब्धि है।
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    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल पूरा होने पर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस मौके को भारत के लिए गर्व का विषय बताया। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के रूप में उनका सबसे अधिक समय तक पद पर रहना भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए एक गौरवमई उपलब्धि है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक संदेश में आगामी कल के लिए एक विशेष वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, जिसका संबंध ‘सूरत मोदी’ से बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं से ‘करेन’ नामक किसी व्यक्ति को फॉलो करने की भी अपील की गई है।
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    एक संदेश में आगामी कल के लिए एक विशेष वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, जिसका संबंध ‘सूरत मोदी’ से बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं से ‘करेन’ नामक किसी व्यक्ति को फॉलो करने की भी अपील की गई है।
    user_Arbind Kumar
    Arbind Kumar
    Ramnagar, Barabanki•
    1 hr ago
  • जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील के बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़क को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया। यह जल मिशन कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों में जल मिशन अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य जल मिशन अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। वहीं, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है; ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 से 6 साल बीत जाने के बावजूद टंकी तैयार नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद भी आज तक मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क व अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
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    जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील के बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़क को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया। यह जल मिशन कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।

इस स्थिति के कारण ग्रामीणों में जल मिशन अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य जल मिशन अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। वहीं, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है; ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 से 6 साल बीत जाने के बावजूद टंकी तैयार नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद भी आज तक मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क व अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    44 min ago
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