मध्य प्रदेश के पिपरिया रेलवे स्टेशन पर एक भयावह हकीकत सामने आई है, जहाँ 10 से 12 साल के मासूम बच्चे सरेआम 'सुलोचन' नामक नशा सूंघकर अपना बचपन गटर में बहा रहे हैं। ज़मीनी पड़ताल के दौरान इन बच्चों ने रोते हुए कैमरे के पीछे बताया कि कैसे स्टेशन के आसपास मंडराने वाले कुछ 'दरिंदे' और 'हवस के भेड़िये' उनकी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ये लोग बच्चों से 'बहुत गंदी-गंदी बातें' करते हैं और उन्हें 'सुलोचन' खरीदकर देने का लालच देकर अपने साथ चलने को कहते हैं, जिसका सीधा मतलब मासूमों का 'जिस्मानी शिकार' करना है। रिपोर्ट के अनुसार, चमचमाते प्लेटफॉर्म और रोशनी के पीछे छिपी इस 'बदबूदार दलदल' से पूरा पिपरिया शर्मसार हो रहा है, लेकिन यहाँ का प्रशासन इस 'तबाही के खेल' को देखकर भी 'आँखें मूंदे बैठा है'। स्टेशन पर पुलिस की गाड़ियाँ घूमती हैं, आरपीएफ के जवान मौजूद रहते हैं और जीआरपी के दफ्तर भी बने हैं, फिर भी सवाल उठता है कि क्या इन वर्दीधारियों को कोनों में दुबके नशा करते ये बच्चे दिखाई नहीं देते? साथ ही, यह भी एक बड़ा सवाल है कि 'सुलोचन' जैसा जानलेवा नशा इन बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है और कौन सी दुकानें यह 'ज़हर' बेच रही हैं। चाइल्डलाइन की टीमों पर भी निष्क्रियता का आरोप है, जो एसी कमरों में बैठकर कागज़ काले करती हैं, जबकि स्टेशन पर बचपन 'सरेआम नीलाम' हो रहा है। एडिटर राकेश निषाद के हवाले से एआईएमए मीडिया ने चेतावनी दी है कि, अगर आज पिपरिया के लोगों और प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो अपराधी सिर्फ वो 'दरिंदे' ही नहीं, बल्कि यह सब चुपचाप देखने वाले हम सभी गुनहगार होंगे। स्टेशन पर किसी बच्चे की लाश मिलने या किसी का बचपन पूरी तरह उजड़ने से पहले, इन बच्चों को इस 'नरक' से निकालने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
मध्य प्रदेश के पिपरिया रेलवे स्टेशन पर एक भयावह हकीकत सामने आई है, जहाँ 10 से 12 साल के मासूम बच्चे सरेआम 'सुलोचन' नामक नशा सूंघकर अपना बचपन गटर में बहा रहे हैं। ज़मीनी पड़ताल के दौरान इन बच्चों ने रोते हुए कैमरे के पीछे बताया कि कैसे स्टेशन के आसपास मंडराने वाले कुछ 'दरिंदे' और 'हवस के भेड़िये' उनकी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ये लोग बच्चों से 'बहुत गंदी-गंदी बातें' करते हैं
और उन्हें 'सुलोचन' खरीदकर देने का लालच देकर अपने साथ चलने को कहते हैं, जिसका सीधा मतलब मासूमों का 'जिस्मानी शिकार' करना है। रिपोर्ट के अनुसार, चमचमाते प्लेटफॉर्म और रोशनी के पीछे छिपी इस 'बदबूदार दलदल' से पूरा पिपरिया शर्मसार हो रहा है, लेकिन यहाँ का प्रशासन इस 'तबाही के खेल' को देखकर भी 'आँखें मूंदे बैठा है'। स्टेशन पर पुलिस की गाड़ियाँ घूमती हैं, आरपीएफ के जवान मौजूद रहते हैं और जीआरपी के दफ्तर भी बने हैं,
फिर भी सवाल उठता है कि क्या इन वर्दीधारियों को कोनों में दुबके नशा करते ये बच्चे दिखाई नहीं देते? साथ ही, यह भी एक बड़ा सवाल है कि 'सुलोचन' जैसा जानलेवा नशा इन बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है और कौन सी दुकानें यह 'ज़हर' बेच रही हैं। चाइल्डलाइन की टीमों पर भी निष्क्रियता का आरोप है, जो एसी कमरों में बैठकर कागज़ काले करती हैं, जबकि स्टेशन पर बचपन 'सरेआम नीलाम' हो रहा है। एडिटर राकेश
निषाद के हवाले से एआईएमए मीडिया ने चेतावनी दी है कि, अगर आज पिपरिया के लोगों और प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो अपराधी सिर्फ वो 'दरिंदे' ही नहीं, बल्कि यह सब चुपचाप देखने वाले हम सभी गुनहगार होंगे। स्टेशन पर किसी बच्चे की लाश मिलने या किसी का बचपन पूरी तरह उजड़ने से पहले, इन बच्चों को इस 'नरक' से निकालने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संस्कारधानी जबलपुर आगमन पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति के शहर में पहुँचने पर वहाँ उत्साह का माहौल देखा गया। नागरिकों ने राष्ट्रपति के स्वस्थ और सफल प्रवास की शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए उनका सादर अभिनंदन किया।1
- कटनी वन विभाग ने एक ऐसे 'मास्टरस्ट्रोक' का दावा किया है, जिसके तहत जंगल के उस 'दुश्मन' लैंटाना का इस्तेमाल फैक्ट्रियों में किया जाएगा, जिसे जानवर भी नहीं खाते। इस नई पहल को लेकर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या यह कदम फैक्ट्रियों की आग को बुझाने में मददगार होगा, या फिर उसे और बढ़ाने का काम करेगा।1
- कटनी जिले के डोकरिया स्थित राशन दुकान में ग्रामीणों ने समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान पर उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है।1
- Post by Balkishan Namdev1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक 68 वर्षीय दरिंदे मोहम्मद ने मात्र 9 साल की एक बच्ची को अकेला पाकर दबोच लिया, और उसे तब तक रोंदता रहा जब तक वह बेसुध न हो गई। यह पोस्ट जोर देकर कहता है कि सैकड़ों सालों से चली आ रही 'रेप की दास्तान' को 'ये जिहादी' आए दिन दोहराते हैं, और यह घटना उसी क्रम में एक और कृत्य है। इस दरिंदे ने अपने इस कुकर्म का वीडियो भी बनवाया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। पकड़े जाने पर, मोहम्मद ने बताया कि उसने वही किया जो उसने अपने आसपास अपने लोगों से आज तक सीखा था। उसने अपनी हवस को कहीं तो निकालने की बात कहते हुए यह भी कहा कि बच्ची का समय खराब था, इसलिए वह उस वक्त उसके सामने आ गई। यह सोचकर ही रूह काँप जाती है कि एक 68 साल के दानव के टूट पड़ने पर उस 9 साल की मासूम पर क्या गुज़री होगी। फिलहाल, यूपी पुलिस ने इस दरिंदे के घर को जमींदोज कर दिया है। हालाँकि, यह पोस्ट चेतावनी देता है कि 'ये दरिंदे जहाँ भी रहेंगे, वहां दरिंदगी करते रहेंगे,' क्योंकि 'इनकी शुरुआत ही एक वीभत्स दरिंदगी से हुई है'।1
- मध्य प्रदेश में एक पत्रकार को गरीब ब्राह्मण समाज की बेटी के साथ हुए बलात्कार के मामले में न्याय दिलाने वाली खबर प्रकाशित करना महंगा पड़ गया है। खबर छापने के बाद पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी को लगातार धमकियां मिल रही हैं, साथ ही उनके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है। पीड़ित को न्याय दिलाने के प्रयास में लगे पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पुलिस प्रशासन पहले भी अत्याचार करने वाले बेईमानों के खिलाफ गरीब शोषित वर्ग को न्याय दिलाने वाली खबरें छापने वाले पत्रकारों को जेल भेज चुका है। इसी संदर्भ में एक घटना तब सामने आई थी, जब मृतक महेंद्र सिंह लोधी को न्याय दिलाने के लिए पत्रकार दमोह कलेक्टरेट पहुंचे थे। उस दौरान दमोह कलेक्टरेट के भीतर ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग और पत्रकारों पर ब्राह्मणवादी पत्रकारों द्वारा हमला किया गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन दमोह ने उन मनुवादी ब्राह्मणवादी पत्रकारों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने कलेक्टरेट के अंदर ही हमला किया था। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या एक निर्दोष पत्रकार को इस तरह से न्याय से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने का कोई अधिकार नहीं है।1
- अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर बयान दिया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी दोषी बचेगा नहीं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जैसे उन्होंने राम मंदिर के लिए 500 साल इंतजार किया, वैसे ही वे इस मामले में 15 दिन और इंतजार करें। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले का 'दूध का दूध, पानी का पानी' कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई दस्तावेजी सबूत हैं, तो वे एसआईटी को दें, जो उनकी जांच करेगी। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में गर्माया हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं बीजेपी का कहना है कि श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने वालों को इस पर सवाल पूछने का कोई हक नहीं है।1
- जेके सीमेंट प्लांट द्वारा करवाए जा रहे सीसी निर्माण कार्य के दौरान एक सड़क में ट्रैक्टर फंस गया। यह घटना उस समय हुई जब सड़क का एक हिस्सा खुदा पड़ा था, जिससे ट्रैक्टर के आवागमन में बाधा आई और वह वहीं फंस गया।1