इंदौर के नंदा नगर में विकास की एक अनोखी गाथा लिखी गई है, जहां स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, अत्याधुनिक अस्पताल, बेहतरीन लोक परिवहन, चमचमाती सड़कें, पानी की टंकियां और पोस्ट ऑफिस जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा के नाम पर बसे इस नगर में कभी मिल मजदूरों के लिए मकान बने थे, जिनकी जगह आज बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं खड़ी हैं। वैसे तो कांग्रेस, भाजपा और कॉमरेड, सभी ने इसके विकास में अपना योगदान दिया है, लेकिन जब से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला सक्रिय हुए हैं, तब से नंदा नगर का पूरी तरह कायाकल्प हो चुका है। यहां कभी 34-35 सौ रुपये में मिले मकानों की कीमत आज करोड़ों में पहुंच चुकी है, और नंदा नगर में ही जन्मे ये दोनों जनप्रतिनिधि दुनिया को विकास का असली मॉडल दिखा रहे हैं। नंदा नगर में सराफा, कपड़ा और किराना बाजार सहित सब कुछ बहुत ही किफायती दामों पर उपलब्ध है। यहां के साईं मंदिर में चलने वाला 'अन्न क्षेत्र' साल के 365 दिन हजारों लोगों का पेट भरता है। हाल ही में शुरू हुए प्रसूति गृह, जिसे अब सिविल अस्पताल के रूप में जाना जाता है, में मात्र दस रुपये में सभी बीमारियों का इलाज किया जाता है और दवाइयां भी पूरी तरह मुफ्त मिलती हैं। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पहले से मौजूद स्कूल-कॉलेजों के साथ ही, हाल ही में 12 जुलाई को कक्षा पांचवीं तक के बच्चों के लिए एक नए स्कूल का भी शुभारंभ किया गया है, जिसके सामने एक बड़ा खेल मैदान भी विकसित किया गया है। विधायक रमेश मेंदोला विकास के सभी कार्यों को अपनी आंखों के सामने ही पूरा कराते हैं। वे जनता के लिए इतने सहज और सुलभ हैं कि बच्चे भी अपनी मांगें सीधे उनके सामने रख देते हैं और वे तुरंत उनका समाधान करते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें बेहद प्यार से "दादा दयालु" कहकर पुकारते हैं। हर किसी के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले रमेशजी आज विधायक के रूप में इतना शानदार काम कर रहे हैं, तो क्षेत्र की जनता को पूरा विश्वास है कि जब वे भविष्य में "मंत्री" बनेंगे, तो पूरे प्रदेश का भला और चौतरफा विकास होगा।
इंदौर के नंदा नगर में विकास की एक अनोखी गाथा लिखी गई है, जहां स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, अत्याधुनिक अस्पताल, बेहतरीन लोक परिवहन, चमचमाती सड़कें, पानी की टंकियां और पोस्ट ऑफिस जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा के नाम पर बसे इस नगर में कभी मिल मजदूरों के लिए मकान बने थे, जिनकी जगह आज बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं खड़ी हैं। वैसे तो कांग्रेस, भाजपा और कॉमरेड, सभी ने इसके विकास में अपना योगदान दिया है, लेकिन जब से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला सक्रिय हुए हैं, तब से नंदा नगर का पूरी तरह कायाकल्प हो चुका है। यहां कभी 34-35 सौ रुपये में मिले मकानों की कीमत आज करोड़ों में पहुंच चुकी है, और नंदा नगर में ही जन्मे ये दोनों जनप्रतिनिधि दुनिया को विकास का असली मॉडल दिखा रहे हैं। नंदा नगर में सराफा, कपड़ा और किराना बाजार सहित सब कुछ बहुत ही किफायती दामों पर उपलब्ध है। यहां के साईं मंदिर में चलने वाला 'अन्न क्षेत्र' साल के 365 दिन हजारों लोगों का पेट भरता है। हाल ही में शुरू हुए प्रसूति गृह, जिसे अब सिविल अस्पताल के रूप में जाना जाता है, में मात्र दस रुपये में सभी बीमारियों का इलाज किया जाता है और दवाइयां भी पूरी तरह मुफ्त मिलती हैं। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पहले से मौजूद स्कूल-कॉलेजों के साथ ही, हाल ही में 12 जुलाई को कक्षा पांचवीं तक के बच्चों के लिए एक नए स्कूल का भी शुभारंभ किया गया है, जिसके सामने एक बड़ा खेल मैदान भी विकसित किया गया है। विधायक रमेश मेंदोला विकास के सभी कार्यों को अपनी आंखों के सामने ही पूरा कराते हैं। वे जनता के लिए इतने सहज और सुलभ हैं कि बच्चे भी अपनी मांगें सीधे उनके सामने रख देते हैं और वे तुरंत उनका समाधान करते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें बेहद प्यार से "दादा दयालु" कहकर पुकारते हैं। हर किसी के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले रमेशजी आज विधायक के रूप में इतना शानदार काम कर रहे हैं, तो क्षेत्र की जनता को पूरा विश्वास है कि जब वे भविष्य में "मंत्री" बनेंगे, तो पूरे प्रदेश का भला और चौतरफा विकास होगा।
- इंदौर में देश भर में मासूम बच्चियों की असुरक्षा को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार से तुरंत जागने की अपील की गई है। इस गंभीर चिंता के बीच यह मांग उठाई गई है कि जब तक लव जिहादियों और बलात्कारियों के लिए सख्त "मृत्युदंड" का कानूनी प्रावधान नहीं लाया जाएगा, तब तक ऐसे दुष्कर्मियों के भीतर कोई भय व्याप्त नहीं होगा। देश के लचीले कानून और इसके प्रावधानों के चलते ही ऐसे अपराधी लगातार बच निकलते हैं, जिससे मासूम बच्चियां असुरक्षित बनी हुई हैं।1
- पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और मानव संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए पूछताछ काउंटरों के संचालन को आउटसोर्स करने जा रहा है। ऐसा करने वाला यह पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन जाएगा। आगामी 20 जुलाई, 2026 से इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा और डॉ. अंबेडकर नगर जैसे 9 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थित 10 पूछताछ काउंटरों का संचालन हैदराबाद की मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा चौबीसों घंटे किया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। कार्य शुरू होने से पहले एजेंसी के कर्मचारियों को यात्रियों की सहायता और संचालन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में इन काउंटरों पर टिकट चेकिंग और रिजर्वेशन कैडर के 37 रेल कर्मचारी तैनात हैं, जो यात्रियों को जानकारी देने, कोच गाइडेंस डिस्प्ले चलाने और ट्रेनों की घोषणा करने जैसे गैर-नकद कार्य करते हैं। टिकट चेकिंग कैडर में बड़ी संख्या में खाली पदों के कारण इन कर्मचारियों की आवश्यकता ट्रेनों में टिकट जांच के लिए महसूस की जा रही थी। इसी को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हिना वी. केवलरामानी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री राजेश मथुरिया और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक श्री मिक्की सक्सेना ने इस परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निविदा प्रक्रिया पूरी की। जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एजेंसी द्वारा सभी स्टेशनों पर लगभग 40 प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जिन्हें कम से कम एक वर्ष का अनुभव और स्थानीय भाषा सहित हिंदी व अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होगा। ये आउटसोर्स कर्मचारी प्रत्यक्ष पूछताछ सेवा, यात्री सुविधाओं की जानकारी देने, इंडिकेटर बोर्ड संचालित करने, अनाउंसमेंट करने, दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों की सहायता करने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन के लिए आंकड़ों का संकलन भी करेंगे। इस नई व्यवस्था से रेल कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारियों में लौट सकेंगे, जिससे ट्रेनों में बिना टिकट जांच स्टाफ वाले डिब्बों की संख्या घटेगी और रेलवे का राजस्व बढ़ेगा। फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के लिए लागू की जा रही है, जिसे परिणामों के आधार पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।1
- इंदौर के सियागंज इलाके में इन दिनों भारी गंदगी फैली हुई है, जिसके चलते लोग काफी परेशान हैं। इस अव्यवस्था पर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस ओर थोड़ा सा भी ध्यान दे और साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करे, तो यह क्षेत्र नंबर वन आ जाएगा।1
- इंदौर में नाना पटवारी मामले की जांच लगातार जारी है। इसी सिलसिले में एक युवती जोन-1 के डीसीपी कार्यालय पहुंची, जहां उसने पुलिस अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- इंदौर के बिचोली मर्दाना में समाजसेवी मदन प्रमालिया के निरंतर 60 साल के सेवा भाव के पूर्ण होने पर गीता रामेश्वरम ट्रस्ट की ओर से उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। विद्यासागर ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य समारोह में ऐसा लगा मानो 60 वर्ष के मदन प्रमालिया फिर से 16 वर्ष के युवा हो गए हों। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल और अभिनंदन पत्र भेंट कर उनके सेवा व समर्पण की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में सत्यनारायण पटेल ने मदन प्रमालिया को पुष्प गुच्छ और श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कामना की कि मदन प्रमालिया भविष्य में भी इसी प्रकार समाज सेवा के कार्यों को जारी रखें। इस दौरान भास्कर समाचार सेवा के प्रधान संपादक मोहन यादव ने पुष्प पहनाकर उनका स्वागत किया। शहर की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और स्नेहीजनों ने भी परमालिया का अभिनंदन कर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस गरिमामयी समारोह का शुभारंभ गायत्री परिवार के दीप यज्ञ से हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मध्यप्रदेश का प्रथम सेक्सोफोन स्टार बैंड रहा, जिसमें मनीषा यादव के नेतृत्व में सेक्सोफोन पर मधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह के अंत में कलोता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधे श्याम पटेल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।1
- इंदौर में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 पाव अवैध शराब और एक दोपहिया वाहन जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान तस्कर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया।1
- मक्सी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए डकैती की साजिश रच रहे गुना के 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस बड़ी सफलता के साथ आरोपियों के पास से ₹16.50 लाख का मशरूका भी बरामद किया है।1
- बिहार के खगड़िया रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में मोबाइल छीनने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। यात्री का मोबाइल झपटने पहुंचे इस युवक को यात्रियों ने मौके पर ही पकड़ लिया, जिसके बाद ट्रेन चलती रही और वह खिड़की के बाहर हवा में लटका रहा। ट्रेन के खगड़िया स्टेशन पहुंचने के बाद यात्रियों ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारा और फिर उसे जीआरपी के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1