पाली के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय के प्राचार्य पर पद के दुरुपयोग, नियमों की अवहेलना और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पाली जिला कलेक्टर के माध्यम से जयपुर स्थित कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों में लगातार असंतोष, भय एवं अविश्वास का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि पूर्व में कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा प्राचार्य के विरुद्ध कराई गई विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करने के वीडियो सामने आने और एक ही छात्रा व उसके भाई-बहनों को बार-बार परीक्षा ड्यूटी आवंटित करने जैसे गंभीर विषयों पर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, प्राचार्य के निजी आवास पर काम करने वाले कर्मचारी का वेतन महाविद्यालय के संस्था विकास कोष से दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है, जिसकी वित्तीय जांच की मांग की गई है। छात्रों ने मांग की है कि प्राचार्य के सरकारी आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पिछले एक माह की रिकॉर्डिंग सुरक्षित की जाए। साथ ही, जब तक इन गंभीर मामलों की किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्राचार्य को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और शैक्षणिक माहौल को सुधारा जा सके।
पाली के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय के प्राचार्य पर पद के दुरुपयोग, नियमों की अवहेलना और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पाली जिला कलेक्टर के माध्यम से जयपुर स्थित कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों में लगातार असंतोष, भय एवं अविश्वास का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि पूर्व
में कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा प्राचार्य के विरुद्ध कराई गई विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करने के वीडियो सामने आने और एक ही छात्रा व उसके भाई-बहनों को बार-बार परीक्षा ड्यूटी आवंटित करने जैसे गंभीर विषयों पर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, प्राचार्य के निजी आवास पर काम करने वाले कर्मचारी का वेतन महाविद्यालय के संस्था विकास कोष से दिए जाने का आरोप भी लगाया गया
है, जिसकी वित्तीय जांच की मांग की गई है। छात्रों ने मांग की है कि प्राचार्य के सरकारी आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पिछले एक माह की रिकॉर्डिंग सुरक्षित की जाए। साथ ही, जब तक इन गंभीर मामलों की किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्राचार्य को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और शैक्षणिक माहौल को सुधारा जा सके।
- पाली जिले में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा संचालित 'मनरेगा हर हाथ को रोजगार' अभियान का समापन हो गया है। यह अभियान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सीबी यादव के निर्देश पर 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया गया, जिसके दौरान संगठन के पदाधिकारी लगातार कार्य स्थलों पर पहुंचकर मनरेगा श्रमिकों की आवाज बने। अभियान के दौरान श्रमिकों को केंद्र सरकार की मनरेगा रोजगार गारंटी योजना में होने वाले बदलावों के बारे में सूचित किया गया। श्रमिकों को जानकारी दी गई कि 1 जुलाई से योजना का नाम बदलकर वी बी जी रामजी के बिना गारंटी की योजना लागू की जा रही है। संवाद के माध्यम से उन्हें उनके अधिकारों, समय पर मजदूरी भुगतान और अन्य स्थानीय समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया। संगठन ने कार्य स्थलों पर पीने के पानी, छाया, विश्राम की सुविधा और प्राथमिक उपचार के साथ दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा, आंखों की फोटो खिंचवाने की प्रक्रिया में तकनीकी खामियों के कारण अनुपस्थिति लगने जैसी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। अभियान के समापन पर संगठन ने श्रमिकों को अपने हक के लिए उग्र आंदोलन हेतु तैयार रहने का आह्वान किया।1
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- जोधपुर के सर्किट हाउस में पर्यावरण प्रेमी कुलदीप राव और अन्य शहरवासियों ने राजस्थान सरकार के कानून मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात कर विवेक विहार क्षेत्र की 100 फीट सड़क के सौंदर्यीकरण और हरियाली विकसित करने की मांग की है। इस दौरान मंत्री को अवगत कराया गया कि विवेक विहार में डी सेंटर और ई सेंटर के बीच स्थित सड़क के मध्य भाग में पौधारोपण किया जाए। साथ ही, पौधों के संरक्षण के लिए सुरक्षा जालियां लगाने और उनकी नियमित देखभाल हेतु कार्मिकों की नियुक्ति की मांग भी रखी गई। इस मांग पर कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रस्ताव पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाली बढ़ाने के प्रयासों में जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर कुलदीप राव ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता से ही प्रदेश को अधिक हरा-भरा बनाया जा सकता है और जनसेवा ही उनका संकल्प है।2
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत जोधपुर में लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया है। राज्यव्यापी स्तर पर शुरू किए गए इस एक माह के अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और परिवहन मानकों के उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरतना है। इस क्रम में 10 जुलाई, 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर महानगर के सचिव राकेश रामावत और जोधपुर जिला के सचिव डॉ. मनीष हरजाई ने संयुक्त निरीक्षण दल के साथ क्षेत्र में संचालित बसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और AIS-119 मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली कई बसों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त किया गया और चालान भी बनाए गए। निरीक्षण दल ने बसों में आपातकालीन द्वारों की कमी, बैठक क्षमता में फेरबदल, चेसिस काटकर अवैध लगेज स्पेस बनाने और छत पर लगेज कैरियर लगाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की बारीकी से पड़ताल की। इसके साथ ही स्लीपर की लंबाई और ऊंचाई के मानकों की भी जांच की गई। इस संयुक्त दल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सिंह लखावत, परिवहन निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, मोहम्मद फिरोज और न्यायिक मजिस्ट्रेट (मोबाइल), जोधपुर महानगर की उड़नदस्ता टीम शामिल रही।1
- पाली में पुलिस बेड़े में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एसपी मोनिका सैन ने एक आदेश जारी कर जिले में 6 थानाप्रभारियों, 10 एएसआई (ASI), 4 हेड कांस्टेबल और 306 कांस्टेबलों के तबादले कर दिए हैं। इन तबादलों के जरिए कई पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभाग के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर किया गया है, जबकि कुछ को उनके खुद के प्रार्थना पत्र के आधार पर स्थानांतरित किया गया है। एसपी मोनिका सैन की ओर से जारी सूची के तहत बलभद्रसिंह को पुलिस लाइन से खिंवाड़ा थानाधिकारी बनाया गया है। वहीं, सहदेव चौधरी को पुलिस लाइन से मारवाड़ जंक्शन थानाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, दाउद खां को पुलिस लाइन से हटाकर शिवपुरा थानाधिकारी और पाना चौधरी को पुलिस लाइन से रोहट थानाप्रभारी के पद पर तैनात किया गया है। एक अलग आदेश के माध्यम से एसपी ने जिले में कार्यरत 306 कांस्टेबलों के भी तबादले किए हैं। इसमें भी प्रशासनिक और स्वयं के प्रार्थना पत्र के आधार पर नई पोस्टिंग दी गई है। इसके साथ ही 10 एएसआई और 4 हेड कांस्टेबलों को भी बदला गया है। पुलिस विभाग द्वारा इन आदेशों के जारी होने के बाद सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए स्थानों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशा तस्करों के खिलाफ अभियान के तहत पाली जिले के सदर पाली थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 45.700 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है और मौके से एक कार जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक तथा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस के निर्देशन में प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। यह कार्रवाई तब हुई जब एएनटीएफ की टीम खैरवा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान धामली गांव की ओर से आ रही एक कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक कार को तेज गति से भगाते हुए आईचिया गांव की तरफ ले गया। टीम ने पीछा कर कार को आईचिया गांव में रुकवाया और संदिग्ध गतिविधियों के कारण स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया। सदर थाना पुलिस ने कार की तलाशी लेकर उसमें कट्टों में भरा हुआ अवैध डोडा पोस्त बरामद किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोधपुर जिले के लूणी थाना अंतर्गत ढाणी रोहिच्चा कला निवासी सुभाष सियाक (24) पुत्र ओमाराम सियाक के रूप में हुई है। इसी अभियान के तहत एएनटीएफ ने प्रदेश के अन्य जिलों जैसे श्रीगंगानगर, उदयपुर, डीग, बाड़मेर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में भी कार्रवाई की है। इन जिलों में हेरोइन (चिट्टा), एमडी, गांजा और डोडा पोस्त की बड़ी खेप बरामद की गई है, जिसमें कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 4 वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच करने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।1