डिप्टी SS और RPF जवानों के बीच हुई मारपीट के मामले ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर इस घटना के विरोध में रेलवे कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विवाद को लेकर ऑल इंडिया स्टेशन प्रबंधक संगठन द्वारा देशभर के 69 स्टेशनों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। आगरा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टेशन प्रबंधक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी खुद पहुंचे और उनकी मौजूदगी में कर्मचारियों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों की मांग है कि आरोपी RPF कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। इस संबंध में संगठन ने डीआरएम (DRM) को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। इसके साथ ही उन्होंने शताब्दी ट्रेन रोकने और रेल चक्का जाम करने का भी ऐलान कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों की बर्खास्तगी होने तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
डिप्टी SS और RPF जवानों के बीच हुई मारपीट के मामले ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर इस घटना के विरोध में रेलवे कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विवाद को लेकर ऑल इंडिया स्टेशन प्रबंधक संगठन द्वारा देशभर के 69 स्टेशनों पर प्रदर्शन किया जा
रहा है। आगरा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टेशन प्रबंधक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी खुद पहुंचे और उनकी मौजूदगी में कर्मचारियों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों की मांग है कि आरोपी RPF कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। इस संबंध में संगठन ने डीआरएम (DRM) को अपनी मांगों का ज्ञापन
भी सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। इसके साथ ही उन्होंने शताब्दी ट्रेन रोकने और रेल चक्का जाम करने का भी ऐलान कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दोषियों की बर्खास्तगी होने तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
- फिरोजाबाद जिले के ग्राम मुसहतपुर में गलियों की खराब हालत को लेकर चिंता जताई गई है। गांव की गलियों की स्थिति को दुरुस्त कराने के उद्देश्य से लोगों से ज्यादा से ज्यादा समर्थन देने की अपील की गई है, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और गलियां ठीक हो जाएं।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की खबर से हड़कंप मच गया। आगरा के खंदौली क्षेत्र के बगल घूंसा के पास सादाबाद क्षेत्र के गांव कुरसंडा निवासी और 'बंशीधर स्वर्णकार' दुकान के मालिक रामवीर सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें लात मारकर सड़क पर गिरा दिया। पीड़ित के मुताबिक, बदमाशों ने मारपीट कर तमंचे और पिस्तौल के बल पर उनका 40 लाख रुपयों से भरा बैग छीन लिया और आगरा की ओर फरार हो गए। इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार, स्थानीय पुलिस और एसओजी की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो इस तरह की किसी भी घटना का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस की मुस्तैदी से मात्र दो घंटे के भीतर इस पूरी कहानी का सच सामने आ गया और थानाध्यक्ष ने खुलासा किया कि लूट की यह पूरी वारदात पूरी तरह से झूठी थी। जांच में सामने आया कि स्वर्णकार रामवीर सिंह पर 60 लाख रुपये का कर्ज था, जिससे बचने के लिए उन्होंने खुद ही इस झूठी कहानी की साजिश रची थी। पुलिस ने वह बैग भी बरामद कर लिया है जिसे लूटने का दावा किया जा रहा था। सराफा कारोबारी मंगलवार को आभूषण खरीदने के लिए आगरा की नमक मंडी जा रहे थे और इसी दौरान उन्होंने खुद के साथ वारदात होने का यह पूरा ड्रामा रचा था, जिसका पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया।1
- आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और डिप्टी एसएस के बीच हुए विवाद को लेकर आरपीएफ के सीनियर डिवीजन कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर इस घटना का केवल एक अधूरा वीडियो ही वायरल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मामले की पूरी जांच होने के बाद असली सच्चाई सामने लाने के लिए संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाएगा। इसके अलावा, कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने रेल चक्का जाम की कथित योजना और इस पूरे विवाद की जांच से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण दावों पर भी विस्तृत जानकारी साझा की।1
- आगरा में अधूरी सड़क को लेकर जनता सीधे सवाल खड़े कर रही है कि आखिर इस सड़क का काम कब पूरा होगा। यहां हर बारिश में सड़क का यही हाल हो जाता है। आक्रोशित लोगों का सवाल है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ वादे करेंगे या अब ज़मीन पर भी काम दिखाई देगा। रोज़ाना हज़ारों लोग इस रास्ते से गुज़रते हैं, लेकिन उनकी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है।1
- आगरा के डौकी थाना क्षेत्र के डौकी गांव में इंसानियत और गौसेवा की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। गांव में काफी समय से घूम रही एक आवारा गाय की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने मिलकर उसका इलाज कराने का पूरा प्रयास किया और चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। गाय की मृत्यु से दुखी ग्रामीणों ने पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। गाय की मौत के 12वें दिन उसकी आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से शांति हवन का आयोजन किया गया। हवन के बाद गांव में एक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और आसपास के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला और ग्रामीणों ने बेसहारा गोवंश की सेवा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए गौसेवा का संकल्प लिया। ग्रामीणों का कहना था कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर बर्रा से एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में एक युवक ने आरोप लगाया है कि शराब और मीट की दुकानों से एक टोपी वाले चाचा आते हैं और 'महीना' वसूल कर ले जाते हैं। युवक ने तीखा सवाल उठाया है कि आखिर इन चाचा को पैसे वसूलने के लिए किसने रखा है या फिर वह खुद ही वसूलबाज हैं। इस मामले में सोशल मीडिया पर एडीजी जोन कानपुर, जिलाधिकारी कानपुर, मुख्यमंत्री कार्यालय उत्तर प्रदेश, यूपी पुलिस और कानपुर नगर पुलिस को भी टैग किया गया है।1
- ताजनगरी आगरा के सबसे व्यस्त और मुख्य महात्मा गांधी मार्ग (MG Road) की हालत कई महीनों से अत्यंत जर्जर बनी हुई है। इसी सड़क पर आगरा नगर निगम का मुख्य कार्यालय स्थित है, जहाँ से हर दिन बड़े-बड़े आला अधिकारी और नेता अपनी गाड़ियों में बैठकर गुजरते हैं। इसके बावजूद, आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह टूटा हुआ है और प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यह मुख्य सड़क वैसे तो लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत आती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सफाई और बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर निगम की भी बनती है। दोनों ही विभागों की अनदेखी के कारण बारिश के दिनों में यहाँ की स्थिति और भयावह हो जाती है। सड़क के गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से दोपहिया वाहनों और अन्य गाड़ियों के फिसलने तथा हादसों का शिकार होने का खतरा हर वक्त बना रहता है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही के खिलाफ सोई हुई व्यवस्था को जगाने और सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द कराने की पुरजोर मांग की जा रही है ताकि राहगीरों को इस खतरनाक सफर से निजात मिल सके।1
- *गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे यार्ड में अचानक एक ट्रेन के कोच में भीषण आग लग गई।* देखते ही देखते आग ने पूरे डिब्बे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।1