**ब्लैकआउट मॉकड्रिल में परखी गई युद्धकालीन तैयारियां 👉सायरन बजते ही अंधेरे में डूबा कलेक्ट्रेट, प्रशासन और नागरिक सुरक्षा रहे अलर्ट** शाहजहाँपुर/संभावित शत्रु हमले और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को शाहजहाँपुर में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट परिसर में सायं छह बजे से साढ़े छह बजे तक चले इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सतर्कता और अनुशासन ही सबसे बड़ा बचाव है। निर्धारित समय पर जैसे ही खतरे का सायरन (वेलिंग टोन) गूंजा, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। जिलाधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी मॉकड्रिल की निगरानी करते रहे। नागरिक सुरक्षा के वार्डन और स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी तैनाती संभालते हुए यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी रोशनी बाहर न दिखे। मॉकड्रिल के दौरान नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, एनसीसी, आपदा मित्र, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने तथा लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए। यातायात नियंत्रण के तहत सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं, जिससे वास्तविक युद्धकालीन हालात का अभ्यास किया जा सके। प्रशासन की ओर से प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा और अग्निशमन अभ्यास भी किया गया। इस दौरान संचार व्यवस्था, सायरन सिस्टम और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो संतोषजनक पाई गई। अभ्यास के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचानना असंभव बनाना है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार की मॉकड्रिल को गंभीरता से लें और प्रशासन का सहयोग करें। भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में अफरा-तफरी न मचे और प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ सके। सायं साढ़े छह बजे ऑल क्लियर (स्टेडी टोन) सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त), मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत एवं पीडब्ल्यूडी, परिवहन अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संगठन उपस्थित रहे।
**ब्लैकआउट मॉकड्रिल में परखी गई युद्धकालीन तैयारियां 👉सायरन बजते ही अंधेरे में डूबा कलेक्ट्रेट, प्रशासन और नागरिक सुरक्षा रहे अलर्ट** शाहजहाँपुर/संभावित शत्रु हमले और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को शाहजहाँपुर में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट परिसर में सायं छह बजे से साढ़े छह बजे तक चले इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सतर्कता और अनुशासन ही सबसे बड़ा बचाव है। निर्धारित समय पर जैसे ही खतरे का सायरन (वेलिंग टोन) गूंजा, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। विद्युत आपूर्ति
पूरी तरह बंद कर दी गई। जिलाधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी मॉकड्रिल की निगरानी करते रहे। नागरिक सुरक्षा के वार्डन और स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी तैनाती संभालते हुए यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी रोशनी बाहर न दिखे। मॉकड्रिल के दौरान नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, एनसीसी, आपदा मित्र, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने तथा लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए। यातायात नियंत्रण के तहत सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं, जिससे वास्तविक युद्धकालीन हालात का अभ्यास किया जा सके। प्रशासन
की ओर से प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा और अग्निशमन अभ्यास भी किया गया। इस दौरान संचार व्यवस्था, सायरन सिस्टम और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो संतोषजनक पाई गई। अभ्यास के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचानना असंभव बनाना है। जिलाधिकारी ने
जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार की मॉकड्रिल को गंभीरता से लें और प्रशासन का सहयोग करें। भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में अफरा-तफरी न मचे और प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ सके। सायं साढ़े छह बजे ऑल क्लियर (स्टेडी टोन) सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त), मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत एवं पीडब्ल्यूडी, परिवहन अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संगठन उपस्थित रहे।
- ग्राम रेवाड़ी1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट बसंत पंचमी के शुभ अवसर गंगा स्नान कर साधु संतों ने शोभा यात्रा निकाली1
- जनपद फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मंझा की मड़ैया निवासी युवक विजय सिंह की डंपर की टक्कर से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय सिंह पुत्र काशीराम दिनांक 21 जनवरी 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे दुकान से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम बलीपट्टी रानीगांव की ओर से तेज रफ्तार व लापरवाही से आ रहे डंपर संख्या UP 31/BT 4753 के चालक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय सिंह की मौके पर ही कुचलकर मौत हो गई। घटना को मौके पर मौजूद पप्पू, सर्वेश सहित कई ग्रामीणों ने अपनी आंखों से देखा। घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई रामजी पुत्र काशीराम की तहरीर पर अमृतपुर थाने में डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक राहुल सिंह को सौंपी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए। वहीं इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।3
- _यूपी के कानपुर में गजब का हवाला कारोबार चल रहा था जिसमें सट्टा और अवैध शेयर ट्रेडिंग की जा रही थी। पुलिस ने जब छापा मारा तो नोट और चांदी का जखीरा देखकर हैरान रह गई। दो करोड़ कैश मिला। *62 किलो चांदी मिली।* चार करोड़ का कैश और चांदी के साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर और तमाम उपकरण बरामद हुए। पांच लोग अभी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। तार मुंबई, दिल्ली, नोएडा,लखनऊ, जयपुर से जुड़े हैं। इंटरनेशनल बुकी से भी संपर्क खंगाले जा रहे हैं।_1
- Post by कमल वर्मा1
- dekhiye khabar ke hisab se yeh ladki lakhimpur kheri hai aur yeh Lucknow mein Bakshi ka talab padhaai kar rahi thi wahi hi kar li hai aatmhatya1
- चाइनीज मांझा रोकने की मांग पर समाजसेवी नदी में बैठा, छह घंटे चला अनोखा धरना शाहजहांपुर। जानलेवा चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर समाजसेवी नवी सलमान खान ने शुक्रवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। जिला प्रशासन से कार्रवाई न होने से आहत समाजसेवी खन्नौत नदी के पुल के नीचे गहरी नदी के पानी में बैठकर धरने पर बैठ गए। वह करीब छह घंटे तक ठंडे पानी में बैठे रहे, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। समाजसेवी का कहना है कि चाइनीज मांझे से अब तक एक पुलिसकर्मी समेत कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इसकी बिक्री जारी है। उन्होंने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और बेचने वालों के खिलाफ रासुका जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया गया कि नवी सलमान खान पिछले कई दिनों से डीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे और लगातार ज्ञापन दे रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने नदी में उतरकर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। डूबने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद समाजसेवी नदी से बाहर आए। नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। लोगों ने चाइनीज मांझे के पूर्ण बहिष्कार की मांग की। समाजसेवी ने चेतावनी दी कि यदि चाइनीज मांझे की बिक्री पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वह दोबारा इसी तरह का आंदोलन करेंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई नहीं हो रही है, दीवारों पर केवल चित्र बने हैं, नालियों के किनारे बैनर लगे हैं और आवारा गोवंश अब भी सड़कों पर घूम रहा है। चार माह से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं है।2
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के अवसर पर क्षेत्र में शोभा यात्रा का आयोजन किया गया1
- लखीमपुर खीरी चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने के दौरान दबंगों का मांझा अचानक टूट गया। मांझा टूटने के बाद वह सड़क से गुजर रहे बाइक सवारों पर आ गिरा। विरोध करने पर दबंगों ने बाइक सवार राम लखन (निवासी शिवाला पुरवा, अशोक विहार कॉलोनी) और करन (निवासी शांति नगर) के साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट की।1