सीएम डॉ. मोहन ने किया बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण *बदल जाएगी संस्कारधानी की सूरत, सीएम डॉ. मोहन ने जबलपुर के लिए खोला सौगातों का पिटारा 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ सिविल लाइन में स्थापित हुई आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बनी अलग पहचान जबलपुर में 11 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 अगस्त को जबलपुर के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने यहां 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया, कठौंदा, ललपुर और तेवर में बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया। उन्होंने सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी, गुरंदी में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने नए मछली बाजार का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड भी प्रदान किए। इतना ही नहीं, उन्होंने जबलपुर में इमारती लकड़ियों से फर्नीचर निर्माण के लिए फर्नीचर कलस्टर स्थापित करने और सांदीपनि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जबलपुर फर्नीचर निर्माण का नया केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में 'कैच द रेन' अभियान के तहत 11 लाख पौधरोपण महाअभियान का भी शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से आकाशवाणी को नई पहचान दी और युवाओं को संचार तकनीक से परिचित कराया। देश की 80 करोड़ आबादी को नि:शुल्क राशन, पक्का मकान, नि:शुल्क शौचालय, हर घर नल से जल, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिल रही है। रेहड़ी वाले छोटे व्यापारियों को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभ मिल रहा है। आज जबलपुर के अनेक हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड प्रदान किए गए हैं। हर गरीब के जीवन में सुख का सूरज निकले, राज्य सरकार सहयोग की भावना से कार्य कर रही है। सरकार का अर्थ सहकार और सहकार का अर्थ परिवार की सहायता करना है। ऋषि-मुनियों के समान हैं पेड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुनिया के सामने भारत वसुधैब कुटुम्बकम का एक आदर्श उदाहरण है। भारतीय परंपरा प्राचीनकाल से इसी भाव से आगे बढ़ती रही है। प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने के लिए आज जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के लिए पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। पेड़ हमारे जीवन में ऋषि-मुनियों के समान हैं, जिनसे हमें स्वच्छ हवा मिलती है। वृक्षारोपण के लिए नई मियावाकी पद्धति से एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं। यह क्षेत्र तीन साल में सघन वन बन जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां हरे-भरे सघन वन हैं। नदियां जंगलों को आबाद रखती हैं। लोगों को जल मिलता है। सभी को खुशहाली और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। नर्मदा नदी से गुजरात और राजस्थान को भी समृद्धि मिलती है। मध्यप्रदेश की जलराशि गंगा बेसिन और यमुना नदी से माध्यम से गंगा सागर तक जाकर समुद्र में मिलती हैं। चंबल और सोन जैसी नदियां गंगा-यमुना की धारा को रफ्तार देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी गई है। वहीं, गुरंदी में मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पक्के मत्स्य बाजार का लोकार्पण किया गया है। खुले में मछली बिकने से इसे नहीं खाने वालों को बड़ी कठिनाई होती है। दूसरी ओर, खाने वालों के लिए खानपान की शुद्धता पर असर पड़ता है। यूसीसी की दिशा में आगे बढ़े हम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने समाज को वोट बैंक के चश्मे से देखा। धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश की गई। रहीम और रसखान की रचनाएं देखिए, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश में कहीं कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। यह बदलते दौर का भारत है। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी भावना से हिंदू और मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। यूसीसी लागू करने के लिए राज्य सरकार ने 3 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे, जिसके बाद 10 लाख से अधिक सुझाव समिति के पास आए। इन सुझावों में 74 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया। एक जैसे हैं, वैसे ही सभी हैं। इसी भावना से एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। देश के लिए हमारे काम बने मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश में सबसे अच्छा काम करने वाला विभाग है। हमारे द्वारा लागू कई काम देश में लागू हो रहे हैं। मध्यप्रदेश ने ब्रिटिशकाल के राजमार्ग कानून और फायर सेफ्टी एक्ट में संशोधन किया।
सीएम डॉ. मोहन ने किया बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण *बदल जाएगी संस्कारधानी की सूरत, सीएम डॉ. मोहन ने जबलपुर के लिए खोला सौगातों का पिटारा 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ सिविल लाइन में स्थापित हुई आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बनी अलग पहचान जबलपुर में 11 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 अगस्त को जबलपुर के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने यहां 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया, कठौंदा, ललपुर और तेवर में बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया। उन्होंने सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी, गुरंदी में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने नए मछली बाजार का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड भी प्रदान किए। इतना ही नहीं, उन्होंने जबलपुर में इमारती लकड़ियों से फर्नीचर निर्माण के लिए फर्नीचर कलस्टर स्थापित करने और सांदीपनि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जबलपुर फर्नीचर निर्माण का नया केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में 'कैच द रेन' अभियान के तहत 11 लाख पौधरोपण महाअभियान का भी शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से आकाशवाणी को नई पहचान दी और युवाओं को संचार तकनीक से परिचित कराया। देश की 80 करोड़ आबादी को नि:शुल्क राशन, पक्का मकान, नि:शुल्क शौचालय, हर घर नल से जल, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिल रही है। रेहड़ी वाले छोटे व्यापारियों को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभ मिल रहा है। आज जबलपुर के अनेक हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड प्रदान किए गए हैं। हर गरीब के जीवन में सुख का सूरज निकले, राज्य सरकार सहयोग की भावना से कार्य कर रही है। सरकार का अर्थ सहकार और सहकार का अर्थ परिवार की सहायता करना है। ऋषि-मुनियों के समान हैं पेड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुनिया के सामने भारत वसुधैब कुटुम्बकम का एक आदर्श उदाहरण है। भारतीय परंपरा प्राचीनकाल से इसी भाव से आगे बढ़ती रही है। प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने के लिए आज जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के लिए पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। पेड़ हमारे जीवन में ऋषि-मुनियों के समान हैं, जिनसे हमें स्वच्छ हवा मिलती है। वृक्षारोपण के लिए नई मियावाकी पद्धति से एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं। यह क्षेत्र तीन साल में सघन वन बन जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां हरे-भरे सघन वन हैं। नदियां जंगलों को आबाद रखती हैं। लोगों को जल मिलता है। सभी को खुशहाली और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। नर्मदा नदी से गुजरात और राजस्थान को भी समृद्धि मिलती है। मध्यप्रदेश की जलराशि गंगा बेसिन और यमुना नदी से माध्यम से गंगा सागर तक जाकर समुद्र में मिलती हैं। चंबल और सोन जैसी नदियां गंगा-यमुना की धारा को रफ्तार देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री की सौगात दी गई है। वहीं, गुरंदी में मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पक्के मत्स्य बाजार का लोकार्पण किया गया है। खुले में मछली बिकने से इसे नहीं खाने वालों को बड़ी कठिनाई होती है। दूसरी ओर, खाने वालों के लिए खानपान की शुद्धता पर असर पड़ता है। यूसीसी की दिशा में आगे बढ़े हम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने समाज को वोट बैंक के चश्मे से देखा। धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश की गई। रहीम और रसखान की रचनाएं देखिए, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद देश में कहीं कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। यह बदलते दौर का भारत है। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी भावना से हिंदू और मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। यूसीसी लागू करने के लिए राज्य सरकार ने 3 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे, जिसके बाद 10 लाख से अधिक सुझाव समिति के पास आए। इन सुझावों में 74 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया। एक जैसे हैं, वैसे ही सभी हैं। इसी भावना से एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। देश के लिए हमारे काम बने मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश में सबसे अच्छा काम करने वाला विभाग है। हमारे द्वारा लागू कई काम देश में लागू हो रहे हैं। मध्यप्रदेश ने ब्रिटिशकाल के राजमार्ग कानून और फायर सेफ्टी एक्ट में संशोधन किया।
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- 🚨 भोपाल में व्यापारियों की लड़ाई को मिला बड़ा राजनीतिक समर्थन! 🔥 व्यापारियों के समर्थन में खुलकर उतरे विधायक Arif Masood। भोपाल में व्यापारियों से जुड़े मुद्दे पर विधायक आरिफ मसूद ने समर्थन देते हुए सरकार से व्यापारियों की आवाज़ सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की। 💬 क्या व्यापारियों की मांगें तुरंत मानी जानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। 📲 ताज़ा अपडेट्स के लिए SAB News Tak को फॉलो करें। #Bhopal #BreakingNews #ArifMasood #Vyapari #MadhyaPradesh #BhopalNews #SABNewsTak #ViralNews #NewsUpdate1
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन हमेशा ग्राहकों की सेवा में तत्पर हैं इसी क्रम में छठा मिल अरवलिया बैरसिया रोड पर जे.के.पेट्रोलियम प्लाजा का शुभारम थॉमस जेम्स हेड (रिटेल) वेस्ट मुकुंद धमाल जनरल मैनेजर मार्केटिंग (रिटेल) वेस्ट नीरज के जारिआ स्टेट हेड (रिटेल) मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ ने किया इस मौके पर जे.के.पेट्रोलियम प्लाजा के ऑनर शकील खान सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे1
- E 20 पेट्रोल पर केजरीवाल बोले – सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे! आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने टी-20 पेट्रोल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से अपनी नीति स्पष्ट करने की मांग की है। आखिर इस मुद्दे पर केजरीवाल ने क्या कहा और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं, जानिए इस वीडियो में।1
- *भोपाल: रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम की सख्ती* भोपाल नगर निगम ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत हो रही है। शहर भर में अब तक 1500 से ज़्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं, अकेले गुरुवार को 589 नए नोटिस दिए गए। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद न करने पर सीलिंग की चेतावनी भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की रिहायशी बस्तियों में करीब 30 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से टैक्स वसूलने के बाद अब इन दुकानों को अवैध बताना अन्यायपूर्ण है। साथ ही कई नोटिसों में तारीख और अफसर का नाम न होने से उनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामला अदालत तक पहुंच गया है — अरेरा अलर्ट ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की है, वहीं भोपाल हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर है। अब यह विवाद सिर्फ दुकानदारों और निगम तक सीमित न रहकर रहवासी संगठनों और अदालतों तक फैल चुका है। गुलिस्तां टाइम्स डिजिटल भोपाल (म.प्र.)1
- 🚨 BREAKING | सावधान! बारिश के मौसम में बढ़ा सांप काटने का खतरा 🐍 डॉक्टर की अहम सलाह: सांप काटने के बाद क्या करें, जिससे जान बचाई जा सके? ✅ घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें। ✅ काटे गए अंग को जितना हो सके स्थिर रखें। ✅ तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचें। ❌ जहर चूसने की कोशिश न करें। ❌ ब्लेड से चीरा न लगाएं। ❌ कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें। ❌ झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय बर्बाद न करें। ⏳ याद रखें: सही समय पर अस्पताल में इलाज और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। 📢 इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, क्योंकि सही जानकारी किसी की जान बचा सकती है।1
- टाइटल राम मंदिर चढ़ावा विवाद। भोपाल में बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी के खिलाफ फूटा गुस्सा एंकर संसद में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर हुए ड्रामे और विवाद की आंच अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। इसके विरोध में बजरंग दल ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। उनका कहना है कि राम मंदिर बनाने से पहले भी कांग्रेसियों ने विरोध कर बवाल खड़ा किया था और आज जब राम मंदिर बन चुका है तब चंदा चोरी का झुठा आरोप कर राम लला को जबरन बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के संगठन सहमंत्री हरिओम शर्मा और स्थानीय संतों ने राहुल गांधी व विपक्ष के कृत्यों पर तीखा रोष जताया। वक्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और साधु-संतों के वेश का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। बाइट - अनिलानंद महाराज बाइट - हरिओम शर्मा भोपाल विभाग सहमंत्री विश्वहिंदू परिषद टाइटल राम मंदिर चढ़ावा विवाद। भोपाल में बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी के खिलाफ फूटा गुस्सा एंकर संसद में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर हुए ड्रामे और विवाद की आंच अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। इसके विरोध में बजरंग दल ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। उनका कहना है कि राम मंदिर बनाने से पहले भी कांग्रेसियों ने विरोध कर बवाल खड़ा किया था और आज जब राम मंदिर बन चुका है तब चंदा चोरी का झुठा आरोप कर राम लला को जबरन बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के संगठन सहमंत्री हरिओम शर्मा और स्थानीय संतों ने राहुल गांधी व विपक्ष के कृत्यों पर तीखा रोष जताया। वक्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और साधु-संतों के वेश का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। बाइट - अनिलानंद महाराज बाइट - हरिओम शर्मा भोपाल विभाग सहमंत्री विश्वहिंदू परिषद1