फर्नीचर एसोसिएशन ने प्रशासन से रोहतक रोड बाईपास पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने की कि मांग जींद : फर्नीचर एसोसिएशन रोहतक रोड जींद की एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था और बढ़ती ट्रैफिक समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता फर्नीचर एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. राजकुमार गोयल तथा प्रधान जितेंद्र गोयल ने की। बैठक में पूर्व प्रधान राकेश सिंघल, पूर्व प्रधान संजय गर्ग, मनीष सिंघल, सुन्दरी गर्ग, कार्तिक गर्ग, सोकत अली, आशू सिंगला, प्रवीण गोयल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में एसोसिएशन के संरक्षक राजकुमार गोयल ने रोहतक रोड बाईपास पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या पर गहरी चिंता जताई। गोयल ने कहा कि यह मार्ग जींद शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है जहां दिनभर भारी वाहनों, रोडवेज बसों, ऑटो और दोपहिया व चारपहिया वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस अवसर पर संस्था के प्रधान जितेन्द्र गोयल ने कहा कि रोहतक रोड बाईपास के इस चौराहे पर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ऐसे में यहां ट्रैफिक सिग्नल लगाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके और हादसों पर भी रोक लग सके। फर्नीचर एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए प्रशासन से मांग की कि रोहतक रोड बाईपास पर जल्द से जल्द ट्रैफिक लाइट (लाल बत्ती) लगाई जाए ताकि शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। संस्था के सदस्यों ने कहा कि यह मांग केवल फर्नीचर एसोसिएशन की नहीं बल्कि पूरे जींद शहर के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
फर्नीचर एसोसिएशन ने प्रशासन से रोहतक रोड बाईपास पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने की कि मांग जींद : फर्नीचर एसोसिएशन रोहतक रोड जींद की एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था और बढ़ती ट्रैफिक समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता फर्नीचर एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. राजकुमार गोयल तथा प्रधान जितेंद्र गोयल ने की। बैठक में पूर्व प्रधान राकेश सिंघल, पूर्व प्रधान संजय गर्ग, मनीष सिंघल, सुन्दरी गर्ग, कार्तिक गर्ग, सोकत अली, आशू सिंगला, प्रवीण गोयल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में एसोसिएशन के संरक्षक राजकुमार गोयल ने रोहतक रोड बाईपास पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या पर गहरी चिंता जताई। गोयल ने कहा कि यह मार्ग जींद शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है जहां दिनभर भारी वाहनों, रोडवेज बसों, ऑटो और दोपहिया व चारपहिया वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस अवसर पर संस्था के प्रधान जितेन्द्र गोयल ने कहा कि रोहतक रोड बाईपास के इस चौराहे पर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ऐसे में यहां ट्रैफिक सिग्नल लगाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके और हादसों पर भी रोक लग सके। फर्नीचर एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए प्रशासन से मांग की कि रोहतक रोड बाईपास पर जल्द से जल्द ट्रैफिक लाइट (लाल बत्ती) लगाई जाए ताकि शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। संस्था के सदस्यों ने कहा कि यह मांग केवल फर्नीचर एसोसिएशन की नहीं बल्कि पूरे जींद शहर के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
- Post by Baba Shayar1
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा सन्नोआचार्य 📞 9005899149 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- युवा प्रदेश अध्यक्ष Digvijay Chautala राज्यसभा चुनाव को लेकर कहीं चौंकाने वाली बात1
- #कैमरा मैन और डायरेक्टर विजय सारसर ने दी बेद प्रकाश भारतीय को जन्मदिन की सुभकामनाये1
- Post by Bhajan Lal1
- Post by Shivraj Berwa8
- 400 साल से भी पुराना इतिहास, शीतला माता मेला गाँव बिधलान1
- #महिला दिवस पर लड़कियों के लिए तोफा #इस स्कूल ने कर दी पहली से आठवीं तक लड़कियों की फीस माफ #बाबा बालक नाथ वरिष्ठ माध्यमिक विधालय लेघा जिला भिवानी1