उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता के संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए हालिया निर्देशों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बलिया में जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह निर्णय लाखों शिक्षकों के भविष्य और उनकी सेवा सुरक्षा से जुड़ा है, जिससे देश भर में लगभग 25 लाख शिक्षक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। कान्हजी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष करेगा। इसके तहत, केंद्र सरकार से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) में आवश्यक संशोधन कराने के लिए एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक समाज सदैव शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित रहा है, इसलिए किसी भी निर्णय से पूर्व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, उनके अनुभव और वर्षों से दिए जा रहे योगदान को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रांतीय महामंत्री ने आगे बताया कि इस मुद्दे पर संगठन विभिन्न स्तरों पर गहन विचार-विमर्श कर रहा है और शीघ्र ही आगे की रणनीति तथा आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से एकजुटता बनाए रखने, संगठन पर विश्वास रखने और धैर्यपूर्वक आगामी दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा करने की अपील की। कान्हजी ने यह आश्वासन भी दिया कि संगठन प्रत्येक शिक्षक साथी के सम्मान, अधिकार और सेवा सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करेगा।
उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता के संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए हालिया निर्देशों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बलिया में जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह निर्णय लाखों शिक्षकों के भविष्य और उनकी सेवा सुरक्षा से जुड़ा है, जिससे देश भर में लगभग 25 लाख शिक्षक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। कान्हजी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष करेगा। इसके तहत, केंद्र सरकार से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) में आवश्यक संशोधन कराने के लिए एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक समाज सदैव शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित रहा है, इसलिए किसी भी निर्णय से पूर्व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, उनके अनुभव और वर्षों से दिए जा रहे योगदान को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रांतीय महामंत्री ने आगे बताया कि इस मुद्दे पर संगठन विभिन्न स्तरों पर गहन विचार-विमर्श कर रहा है और शीघ्र ही आगे की रणनीति तथा आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से एकजुटता बनाए रखने, संगठन पर विश्वास रखने और धैर्यपूर्वक आगामी दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा करने की अपील की। कान्हजी ने यह आश्वासन भी दिया कि संगठन प्रत्येक शिक्षक साथी के सम्मान, अधिकार और सेवा सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करेगा।
- मिश्रौली के ग्राम प्रधान पर सड़क और नाली निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। ग्राम प्रधान ने इन विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किया है, जिसकी जांच के लिए ग्रामवासियों ने शिकायत दर्ज कराई है।1
- बुलडोजर की संभावित कार्रवाई को लेकर एक व्यक्ति ने अपनी जिज्ञासा व्यक्त की है। उनका कहना था कि वे इस कार्रवाई को देखने के लिए पहुँचे थे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पाई कि बुलडोजर आखिर कहाँ चला।1
- दरौली प्रखंड के दरौली बाजार में रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुई बारिश के बाद मुख्य सड़क पर नाले का गंदा पानी बहने लगा है, जिससे बाजार आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलजमाव और गंदगी फैलने से राहगीरों के साथ-साथ दुकानदार भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में भी नालों का पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे कई जगहों पर कीचड़ और बदबू के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है, और दुकानदारों के अनुसार, इस गंदे पानी के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने से यह समस्या लगातार बनी हुई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सड़क पर फैले इस गंदे पानी से संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाला सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।1
- बकीपुर उप चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा है कि पार्टी इस उप चुनाव में एकमत होकर और अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। प्रशांत किशोर के अनुसार, पार्टी न केवल मजबूती से चुनाव लड़ेगी बल्कि निश्चित रूप से जीत भी दर्ज करेगी।1
- बिहार के बड़हरिया थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के संबंध में बड़हरिया थाना में एक प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है, जिसमें सात लोगों को नामजद किया गया है। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।1
- बलिया की उभांव थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के तहत वांछित अभियुक्त गोपीनाथ चौहान को गिरफ्तार किया है। गोपीनाथ चौहान चंदायर कला का निवासी है। अभियुक्त के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया।2
- सीवान जिले के आंदर थाना परिसर में रविवार दोपहर 3 बजे एक भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर उज्जैन बंगरा गांव निवासी सेवानिवृत्त चौकीदार रामाशंकर बैठा को थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने सम्मानपूर्वक विदाई दी। थानाध्यक्ष ने अपने संबोधन में चौकीदार बैठा की लंबे समय तक की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पूर्ण सेवाओं की सराहना की और कहा कि उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने रामाशंकर बैठा के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना भी की। समारोह के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने भी सेवानिवृत्त चौकीदार के कार्यकाल की सराहना की। सम्मान स्वरूप उन्हें अंगवस्त्र और एक स्मृति चिन्ह भेंट किया गया, जिससे पूरा माहौल भावुक हो उठा। इस विदाई समारोह में एसआई टुनटुन कुमार, रूपम कुमारी, पीएसआई अमृता कुमारी के साथ-साथ चौकीदार सुदीश कुमार, ब्रजेश कुमार, आदर्श कुमार, मुकेश कुमार, बलिंद्र कुमार, राजेश कुमार समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।1
- यह तीखी आलोचना की गई है कि मतदाताओं ने मात्र 10 हज़ार रुपये में अपना वोट बेचकर न केवल अपने मतदान के अधिकार का सौदा किया है, बल्कि इसके साथ ही अपने बच्चों के भविष्य को भी अनजाने में बड़े दांव पर लगा दिया है।1
- कानपुर से संबंधित एक संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि सच्चाई स्पष्ट रूप से सामने है।1