खुटार क्षेत्र में पुवायां मार्ग से गेहूआ तक हाल ही में निर्मित डाबर रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण केवल खानापूर्ति के तौर पर किया गया है, जिसमें गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। सड़क निर्माण पूरा हुए कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन इसकी हालत अभी से खराब होने लगी है, जगह-जगह से बजरी उखड़ रही है और सड़क आधे-अधूरे मानकों पर ही सिमट कर रह गई है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण सड़क टिकाऊ नहीं बन पाई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर निर्माण के दौरान निगरानी न करने का आरोप लगाया, जिसके चलते ठेकेदार ने अपनी मनमानी से काम पूरा कर दिया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने सड़क को मानक के अनुसार दोबारा बनवाने की अपील की है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और खुटार क्षेत्र के निवासियों को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
खुटार क्षेत्र में पुवायां मार्ग से गेहूआ तक हाल ही में निर्मित डाबर रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण केवल खानापूर्ति के तौर पर किया गया है, जिसमें गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। सड़क निर्माण पूरा हुए कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन इसकी हालत अभी से खराब होने लगी है, जगह-जगह से बजरी उखड़ रही है और सड़क आधे-अधूरे मानकों पर ही सिमट कर रह गई है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण सड़क टिकाऊ नहीं बन पाई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर निर्माण के दौरान निगरानी न करने का आरोप लगाया, जिसके चलते ठेकेदार ने अपनी मनमानी से काम पूरा कर दिया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने सड़क को मानक के अनुसार दोबारा बनवाने की अपील की है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और खुटार क्षेत्र के निवासियों को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
- बृजेश कुमार नामक एक व्यक्ति ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को शंकर पुर सेमरघाट क्षेत्र में बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरने की जानकारी दी है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि इस घटना से क्षेत्रवासियों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, साथ ही बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। बृजेश कुमार ने संबंधित अधिकारी से शीघ्र इस समस्या का समाधान करते हुए गिरे हुए बिजली के तार को ठीक कराने का निवेदन किया है, ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।1
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि बच्चे की मां के पति की बुआ का बेटा विराज पाठक है, जिसने बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का अपने पति से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान, अकेला पाकर आरोपी विराज पाठक ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया। हालांकि, महिला ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। आरोपी ने इस बच्चे को अपनी शैतानी सोच में बाधक मानते हुए यह सोचा कि अगर बच्चे को मार दिया जाए, तो महिला उससे शादी करने के लिए मान जाएगी। इसी शैतानी विचार के तहत आरोपी ने मासूम बच्चे को निर्ममता से आठ बार जमीन पर पटका और फरार हो गया। इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विराज पाठक को पकड़ लिया है, जिसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसका 'हाफ एनकाउंटर' किया गया। हालांकि, इस मामले में लोगों का कहना है कि पुलिस को आरोपी का 'फुल एनकाउंटर' करके उसे उसके किए की पूरी सजा मिल जानी चाहिए थी।3
- राष्ट्रीय पत्रकार सेकुलर सुरक्षा यूनियन परिषद का पंजीकरण हो चुका है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव ठाकुर हैं, जो पत्रकारों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं।1
- एक संगोष्ठी के दौरान, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष और पत्रकार कुलदीप कुमार ‘दीपक’ ने अपनी कविता के माध्यम से पत्रकारिता के दायित्व, समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी, और लोकतंत्र में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी इस काव्य प्रस्तुति को वहाँ उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा, जिससे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया गया।1
- शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चक्रकुंडू निवासी शिवकुमार उर्फ लल्ले की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद पुलिस ने समय पर न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही युवक का मेडिकल परीक्षण कराया। इस गंभीर लापरवाही के कारण युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मृतक शिवकुमार ने 26 और 29 मई को पुलिस को लिखित शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करने, धमकी देने और संभावित हमले की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, 27 मई को शिवकुमार पर हमला हुआ, जिसमें वह घायल हो गए और अंततः उनकी जान चली गई।1
- फ़िरोज़ाबाद में एक बेहद अमानवीय घटना सामने आई है, जहाँ एक मासूम बच्चे को बेरहमी से ज़मीन पर पटक-पटक कर मार डाला गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया है, जिसके दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। हालांकि, इस कार्रवाई को 'हाफ एनकाउंटर' बताते हुए पोस्ट में यह दृढ़ इच्छा व्यक्त की गई है कि आरोपी को उसके कुकृत्य की सज़ा 'फूल एनकाउंटर' करके मिलनी चाहिए थी। यह घटना तब हुई जब एक महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह इसी कारण अपने मायके में रह रही थी। इस बीच, पति की बुआ के बेटे, विराज पाठक, ने महिला की अकेली स्थिति का फायदा उठाते हुए उससे शादी का प्रस्ताव रखा। महिला ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी है। इस बात से क्रुद्ध होकर और शैतानी सोच के साथ, आरोपी विराज पाठक ने यह घिनौना विचार किया कि यदि वह बच्चे को मार देता है, तो संभवतः महिला उससे शादी कर लेगी। अपनी इसी दुर्भावना को पूरा करने के लिए आरोपी ने उस मासूम बच्चे को आठ बार ज़मीन पर ज़ोर से पटका, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे मुठभेड़ में घायल कर पकड़ लिया है। इस भयावह घटना के बाद से बच्चे की माँ का रो-रोकर बुरा हाल है।4
- एक दलित व्यक्ति को सरकारी नल से पानी पीने के कारण बर्बरता का सामना करना पड़ा। इस अमानवीय घटना में, उस व्यक्ति के कपड़े उतारे गए और उन्हें जूते में पानी पिलाया गया। पीड़ित दलित परिवार इस घटना के बाद भी न्याय के लिए आज भी भटक रहा है।1