गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा कई महीनों से बंद होने के बाद निवासियों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त है। निवासी गौरव बंसल की शिकायत पर पहुंचे ओटिस कंपनी के इंजीनियर आनंद ने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग व व्यवस्था की आवश्यकता होती है। निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति के लिए इंटरकॉम सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन यह सुविधा बंद पड़ी है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब लिफ्ट के भीतर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं होता, जिससे सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता। निवासियों के अनुसार, आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता, जिससे रात के समय आपातकालीन राहत और बचाव पर सवाल खड़े होते हैं। निवासियों ने आरोप लगाया है कि सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली भी स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने पर लिफ्ट को निकटतम तल पर लाकर यात्रियों को सुरक्षित निकालती है। इसके अतिरिक्त, लिफ्टों के आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद यदि इंटरकॉम बंद है, एआरडी सिस्टम नहीं है और रात में कोई कर्मचारी नहीं है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन गंभीर खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। वे यह स्पष्टीकरण भी चाहते हैं कि किसी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की अंतिम जिम्मेदारी किसकी होगी।
गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के एसपी-2 टॉवर की लिफ्ट नंबर 3 में इमरजेंसी इंटरकॉम सेवा कई महीनों से बंद होने के बाद निवासियों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त है। निवासी गौरव बंसल की शिकायत पर पहुंचे ओटिस कंपनी के इंजीनियर आनंद ने बताया कि इंटरकॉम उनकी कार्यसीमा में नहीं आता और इसके लिए अलग केबलिंग व व्यवस्था की आवश्यकता होती है। निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति के लिए इंटरकॉम सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन यह सुविधा बंद पड़ी है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब
लिफ्ट के भीतर मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं होता, जिससे सहायता मांगने का कोई प्रभावी साधन नहीं बचता। निवासियों के अनुसार, आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त लिफ्ट कर्मचारी केवल दिन के समय ही उपलब्ध रहते हैं, जबकि रात में लिफ्ट संबंधी सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता, जिससे रात के समय आपातकालीन राहत और बचाव पर सवाल खड़े होते हैं। निवासियों ने आरोप लगाया है कि सोसायटी की लिफ्टों में अभी तक ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (एआरडी) प्रणाली भी स्थापित नहीं की गई है, जो बिजली बाधित होने पर लिफ्ट को निकटतम तल पर लाकर यात्रियों को सुरक्षित निकालती है। इसके अतिरिक्त, लिफ्टों के
आवश्यक पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि भारी-भरकम एएमसी का भुगतान करने के बावजूद यदि इंटरकॉम बंद है, एआरडी सिस्टम नहीं है और रात में कोई कर्मचारी नहीं है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन गंभीर खामियों को देखते हुए, निवासियों ने आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसी से तत्काल लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की है। वे यह स्पष्टीकरण भी चाहते हैं कि किसी आपात स्थिति में फंसे व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता की अंतिम जिम्मेदारी किसकी होगी।
- सोमवार को गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग पर स्थित एक नाले में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलने के बाद चौकी सिकंदरपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाया। पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर उसकी पहचान एकराम पुत्र रहमत करीम के रूप में हुई। मृतक की उम्र लगभग 59 वर्ष बताई गई है और वह कपूरपुरा वार्ड नंबर 13, छपरा धरमपुरा जादू, मुजफ्फरपुर, बिहार का निवासी था। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन, अतुल कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।1
- जनपद गाजियाबाद में कांग्रेस प्रवक्ता डोली शर्मा ने मृतक सूर्या चौहान के घर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सूर्या चौहान की मां से मुलाकात की और उनके परिवार के दुख को बांटने का प्रयास किया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, भू-माफिया और अवैध रूप से मकानों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में, गाजियाबाद के थाना विजयनगर क्षेत्र के प्रताप विहार इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ पीड़िता चंचल के मकान पर ताज मोहम्मद नामक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया था। जनसुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपनी शिकायत सीधे जिलाधिकारी (डीएम) रविंद्र कुमार के समक्ष रखी। इसके बाद, डीएम रविंद्र कुमार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मात्र तीन दिन के भीतर जाँच पूरी करवाई और मकान को कब्जे से मुक्त करा दिया। डीएम ने स्वयं मौके पर पहुँचकर पीड़िता को उसके मकान का कब्जा दिलवाया, जिससे इस मामले का तत्काल समाधान हो सका।1
- एक अनोखी और बेहद खूबसूरत आवाज़ में 'पूरी रामायण' की प्रस्तुति उपलब्ध है, जिसे केवल आधे मिनट के भीतर देखा जा सकता है। यह मनमोहक प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली है कि दर्शक इसे निश्चित रूप से आगे साझा करना चाहेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलवियों और मौलानाओं पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज के लिए गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि पूजनीय माता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि माता और पुत्र के बीच के रिश्ते को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह संबंध आस्था, संस्कार और श्रद्धा से जुड़ा होता है। उन्होंने लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे ऐसे लोगों को यह समझने की सलाह दी कि गाय उनके लिए पशु नहीं, बल्कि उनकी माता है।1
- गाजियाबाद में प्रशासन ने सूर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के घर पर बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस चस्पा किया है। यह ऐलान ढोल बजाकर सार्वजनिक रूप से किया गया, जिसमें असद को 15 दिनों के भीतर अपने घर से कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।1
- गाजियाबाद में हुए सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड के मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी असद के घर के बाहर अवैध कब्जा हटाने का नोटिस चस्पा करते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने इस कार्रवाई के तहत ढोल और लाउडस्पीकर के माध्यम से इलाके में मुनादी कराई है, जिसमें असद को 15 दिन के भीतर अवैध कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर का इस्तेमाल कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय, सुरक्षा व हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सूर्या की मां और बहन ने इस मामले के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर को सही ठहराते हुए, इसमें शामिल बाकी सभी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।2
- ईद पर हुए सूर्या चौहान हत्याकांड को लेकर गाजियाबाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने इस मामले में हत्या के आरोपी असद के घर पर नोटिस चस्पा किया है। दिए गए नोटिस के अनुसार, असद के घर पर 15 दिन के भीतर बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड को लेकर प्रशासन की तरफ से की जा रही एक बड़ी पहल मानी जा रही है।1