नगर निगम का ओटीएस योजना में बड़ी राहत, बकाया हाउस टैक्स पर ब्याज माफ, 14 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन। अयोध्या। नगर निगम अयोध्या ने बकाया हाउस टैक्स जमा करने वाले नगरवासियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की है। इस योजना के तहत पुराने बकाया टैक्स पर लगा ब्याज पूरी तरह माफ किया जा रहा है। नगर आयुक्त जयंत कुमार ने ओटीएस योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष तक जितनी भी टैक्स की मांग आई है, उसमें ब्याज की छूट दी जा रही है। यदि किसी ने गत वर्षों में अपना हाउस टैक्स जमा नहीं किया है और नोटिस में ब्याज जुड़कर आ रहा है, तो वह ऑनलाइन या ऑफलाइन नगर निगम अयोध्या के जोनल कार्यालयों में संपर्क कर इस छूट का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 750 लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 720 लोगों के आवेदनों का प्रोसेस पूरा हो चुका है। इससे लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए की धनराशि निगम में जमा हुई है। वही नगर आयुक्त जयंन्त कुमार ने बताया कि योजना की तिथि को रिवाइज किया गया है। अब सम्मानित नगरवासी 14 नवंबर तक OTS के लिए आवेदन कर सकते हैं और 15 दिसंबर तक निगम सभी प्राप्त आवेदनों को प्रोसेस कर लाभ देगा। आवेदन की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि OTS की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, इसके अलावा सभी जोनल ऑफिस में काउंटर बने हैं जो वर्किंग आवर्स में खुले रहते हैं। वहां ऑफलाइन फॉर्म भरने के बाद उसे विभाग द्वारा ऑनलाइन किया जाता है। प्रोसेस में 2 से 3 दिन का समय लगता है, जिसके बाद एक निश्चित अमाउंट जमा करने पर उनका टैक्स नोटिस अप टू डेट हो जाता है।नगर आयुक्त ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह सुनहरा मौका कई वर्षों बाद आया है। लगभग 10 साल पहले सरकार ने इस तरह का अवसर दिया था। जिन भी संस्थाओं और प्रतिष्ठानों का लंबा बकाया चल रहा है, वह अंतिम समय का इंतजार न करें और इस छूट का लाभ लें। इससे लोगों पर वित्तीय भार कम होगा और निगम की आय बढ़ने से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
नगर निगम का ओटीएस योजना में बड़ी राहत, बकाया हाउस टैक्स पर ब्याज माफ, 14 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन। अयोध्या। नगर निगम अयोध्या ने बकाया हाउस टैक्स जमा करने वाले नगरवासियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की है। इस योजना के तहत पुराने बकाया टैक्स पर लगा ब्याज पूरी तरह माफ किया जा रहा है। नगर आयुक्त जयंत कुमार ने ओटीएस योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष तक जितनी भी टैक्स की मांग आई है, उसमें ब्याज की छूट दी जा रही है। यदि किसी ने गत वर्षों में अपना हाउस टैक्स जमा नहीं किया है और नोटिस में ब्याज जुड़कर आ रहा है, तो वह ऑनलाइन या ऑफलाइन नगर निगम अयोध्या के जोनल कार्यालयों में संपर्क कर इस छूट का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 750 लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 720 लोगों के आवेदनों का प्रोसेस पूरा हो चुका है। इससे लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए की धनराशि निगम में जमा हुई है। वही नगर आयुक्त जयंन्त कुमार ने बताया कि योजना की तिथि को रिवाइज किया गया है। अब सम्मानित नगरवासी 14 नवंबर तक OTS के लिए आवेदन कर सकते हैं और 15 दिसंबर तक निगम सभी प्राप्त आवेदनों को प्रोसेस कर लाभ देगा। आवेदन की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि OTS की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, इसके अलावा सभी जोनल ऑफिस में काउंटर बने हैं जो वर्किंग आवर्स में खुले रहते हैं। वहां ऑफलाइन फॉर्म भरने के बाद उसे विभाग द्वारा ऑनलाइन किया जाता है। प्रोसेस में 2 से 3 दिन का समय लगता है, जिसके बाद एक निश्चित अमाउंट जमा करने पर उनका टैक्स नोटिस अप टू डेट हो जाता है।नगर आयुक्त ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह सुनहरा मौका कई वर्षों बाद आया है। लगभग 10 साल पहले सरकार ने इस तरह का अवसर दिया था। जिन भी संस्थाओं और प्रतिष्ठानों का लंबा बकाया चल रहा है, वह अंतिम समय का इंतजार न करें और इस छूट का लाभ लें। इससे लोगों पर वित्तीय भार कम होगा और निगम की आय बढ़ने से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
- आखिर कितना दबाव क्या यही बची है प्रशासनिक व्यवस्था, क्या खेला किए ईओ साहब या हो गए दबाव में। जब फोन पर कबूला किसने पहुंचाई लकड़ी तो fir फिर अज्ञात में क्यों? शनिवार को नगर पंचायत पर धरना बरकरार आखिर क्यों नामजद नहीं हुई तहरीर। अयोध्या। उपजिलाधिकारी ने जाकर बरामद किया था लकड़ी तो नामजद तहरीर क्यों नहीं घटना स्थल आरा मशीन का वीडियो वायरल तो क्यों नहीं नामजद तहरीर कही भाजपा जिला मंत्री मंजू निषाद ने ई ओ नगर पंचायत की लिप्तता मानते हुए दी गई तहरीर के दावे सच तो नहीं आखिर में ई ओ का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें ई ओ ने खुद कबूला कि पौधशाला पर किसके द्वारा चोरी हुई सागौन की लकड़ी पहुंचायी गई थी तो तहरीर में उस मामले का जिक्र क्यों नहीं, जब उपजिलाधिकारी सोहावल खुद घटना स्थल पर जाकर लकड़ी बरामद करते है तो fir में उसका जिक्र क्यों नहीं क्या तहसील की वह व्यवस्था खत्म हो गई नियम खत्म हो गया कि लेखपाल अपने उच्च अधिकारी को रिपोर्ट देकर मामले को अवगत कराते हुए संबधित थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराता था अगर नगर पंचायत में राजस्व के अधिकार खत्म हो गए तो गरीब मुस्लिम परिवार का घर धकेलने क्यों गया था तहसील प्रशासन क्या कुछ लोगों ने नय उपजिलाधिकारी के आने के साथ सिस्टम में बदलाव कर दिया या सच में कोई ऐसा बड़ा दबाव जिसमें चोरों के खिलाफ कार्यवाही भी चीटी चाल में चलने लगी,सवाल नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा पर भी आखिर क्यों बदली गई तहरीर पहले दिन संविदा सफाई कर्मी सुपरवाइजर से तहरीर जब नगर पंचायत ईओ पर मिलीभगत का आरोप लगता है तब दूसरे दिन ईओ खुद सुबह थाने पहुंच कर अज्ञात के खिलाफ तहरीर देते है। वही नगर पंचायत के इस fir ने सरकार के पूरे सिस्टम पर सवाल उठा दिया आखिर ऐसा क्यों क्या यही प्रक्रिया हर उस गरीब के साथ पालन होती है जो प्रकिया उस सागौन के पेड़ काटने वाले लोगों के विरुद्ध अपनाई जा रही है।वही मामले में थाना प्रभारी अश्वनी पांडेय ने बताया मुकदमा दर्ज है विवेचना की जा रही है लिप्त जो भी होगा बचेगा नहीं1
- इरादा कर लिया तो कर लिया" - रामलला के दरबार में बोले,पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ अयोध्या। भाजपा मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पैदल यात्रा निकालकर भगवान रामलला के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। इस दौरान जय श्री राम के नारों से माहौल गूंज उठा। 2024 की आस्था ट्रेन में साथ देने वाले 150 कार्यकर्ताओं को दर्शन कराने का संकल्प किया पूरा। 2027 चुनाव के सवाल पर बोले, "मेरा सफर किसी तूफान के डर से नहीं रुकता, चुनाव लड़ने का मन है ही।"4
- रेलवे स्टेशन मार्ग से अतिक्रमण हटने से राहगीरों को राहत। रेलवे स्टेशन मार्ग पर रेलवे स्टेशन मार्ग से अतिक्रमण हटने से राहगीरों को राहत। रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण से राहत, परिवर्तन दल की निगरानी से सुगम हुआ आवागमन। अयोध्या। राम जन्मभूमि क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के आसपास सड़क किनारे ठेला, खोमचा और अन्य अस्थायी दुकानों के कारण लंबे समय से आवागमन प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। सड़क पर अतिक्रमण के चलते यात्रियों, राहगीरों और मरीजों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस के आवागमन में भी बाधा की स्थिति बन जाती थी। स्थिति को देखते हुए परिवर्तन दल द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ क्षेत्र में सुरक्षा एवं निगरानी ड्यूटी लगाई गई। निगरानी व्यवस्था के बाद सड़क पर दोबारा ठेला-खोमचा लगाने वालों पर नजर रखी जा रही है। वर्तमान में सड़क काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त दिखाई दे रही है, जिससे यात्रियों और राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खाली रहने से यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है और पैदल चलने वाले लोगों को भी राहत मिली है। विशेष रूप से अस्पताल की ओर आने-जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए रास्ता सुगम होने से सुविधा बढ़ी है। परिवर्तन दल की निगरानी व्यवस्था से रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण की समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि यह व्यवस्था आगे भी लगातार जारी रहेगी, जिससे सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न हो और यात्रियों को सुचारु आवागमन की सुविधा मिलती रहे।1
- रुदौली स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से युवक गंभीर घायल, 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल रुदौली स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से युवक गंभीर घायल, 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल अयोध्या। रुदौली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय एक युवक अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसका एक पैर कट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, अमेठी जनपद के सुकुल बाजार निवासी रामराज (22 वर्ष), पुत्र छोटेलाल, गुजरात से ट्रेन के जरिए अपने घर लौट रहे थे। रुदौली स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय अचानक वह ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनका एक पैर कट गया। हादसे के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचा। ईएमटी और पायलट ने घायल को प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित रूप से सीएचसी रुदौली पहुंचाया।सीएचसी रुदौली में चिकित्सकों ने रामराज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए केजीएमयू, लखनऊ रेफर कर दिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से घायल युवक को लखनऊ ले जाया गया।एंबुलेंस स्टाफ की त्वरित कार्रवाई के चलते घायल युवक को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।1
- आखिर कितना दबाव क्या यही बची है प्रशासनिक व्यवस्था क्या खेला किए ईओ साहब या हो गए दबाव जब फोन पर कबूला किसने पहुंचाई लकड़ी तो fir फिर अज्ञात में क्यों अयोध्या(सोहावल/नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा) आखिर कितना दबाव क्या यही बची है प्रशासनिक व्यवस्था क्या खेला किए ईओ साहब या हो गए दबाव जब फोन पर कबूला किसने पहुंचाई लकड़ी तो fir फिर अज्ञात में क्यों शनिवार को नगर पंचायत पर धरना बरकरार आखिर क्यों नामजद नहीं हुई तहरीर उपजिलाधिकारी ने जाकर बरामद किया था लकड़ी तो नामजद तहरीर क्यों नहीं ।घटना स्थल आरा मशीन का वीडियो वायरल तो क्यों नहीं नामजद तहरीर कही भाजपा जिला मंत्री मंजू निषाद ने ई ओ नगर पंचायत की लिप्तता मानते हुए दी गई तहरीर के दावे सच तो नहीं आखिर में ई ओ का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें ई ओ ने खुद कबूला कि पौधशाला पर किसके द्वारा चोरी हुई सागौन की लकड़ी पहुंचायी गई थी तो तहरीर में उस मामले का जिक्र क्यों नहीं ।जब उपजिलाधिकारी सोहावल खुद घटना स्थल पर जाकर लकड़ी बरामद करते है तो fir में उसका जिक्र क्यों नहीं ।क्या तहसील की वह व्यवस्था खत्म हो गई नियम खत्म हो गया कि लेखपाल अपने उच्च अधिकारी को रिपोर्ट देकर मामले को अवगत कराते हुए संबधित थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराता था अगर नगर पंचायत में राजस्व के अधिकार खत्म हो गए तो गरीब मुस्लिम परिवार का घर धकेलने क्यों गया था तहसील प्रशासन क्या कुछ लोगों ने नय उपजिलाधिकारी के आने के साथ सिस्टम में बदलाव कर दिया या सच में कोई ऐसा बड़ा दबाव जिसमें चोरों के खिलाफ कार्यवाही भी चीटी चाल में चलने लगी ।सवाल नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा पर भी आखिर क्यों बदली गई तहरीर पहले दिन संविदा सफाई कर्मी सुपरवाइजर से तहरीर जब नगर पंचायत ईओ पर मिलीभगत का आरोप लगता है तब दूसरे दिन ईओ खुद सुबह थाने पहुंच कर अज्ञात के खिलाफ तहरीर देते है ।वही नगर पंचायत के इस fir ने सरकार के पूरे सिस्टम पर सवाल उठा दिया आखिर ऐसा क्यों क्या यही प्रक्रिया हर उस गरीब के साथ पालन होती है जो प्रकिया उस सागौन के पेड़ काटने वाले लोगों के विरुद्ध अपनाई जा रही है।वही मामले में थाना प्रभारी अश्वनी पांडेय ने बताया मुकदमा दर्ज है विवेचना की जा रही है लिप्त जो भी होगा बचेगा नहीं1
- देश के किसानों को पी एम किसान सम्मान निधि 24 वा किस्त किसान को अगली किस्त का सबको इंतजार है। यह 24वीं किस्त इसी माह अक्टूबर 26 में आने की उम्मीद है,दिवाली के अवसर पर इससे पहले आने का उम्मीद लगाया जा सकता है पिछली 23वीं किस्त *20 जून 2026* को आई थी, तब 9.44 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ भेजा गया था। नियम के हिसाब से हर किस्त 4 महीने के गैप पर आती है, तो इस हिसाब से अक्टूबर में टाइम पूरा हो रहा है। भारत सरकार ने अभी पक्की तारीख नहीं बताई है। दिवाली इस साल 8 नवंबर को है, तो उम्मीद है सरकार दिवाली से पहले ही ₹2000 भेज देगी। कुछ रिपोर्ट में 24 अक्टूबर की बात चल रही है, पर वो अभी सिर्फ अधिकारीक तौर से कोई भी पत्र जारी नही किया गया है। , आज सुबह टाइम्स, रिपोर्टिंग, Lal chand SONI,1
- “अखिलेश के बिना सब सूना है” — बृजभूषण सिंह के बयान से यूपी की सियासत में चर्चा तेज उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। बृजभूषण सिंह ने कहा— “अखिलेश के बिना सब सूना है।” यह बयान सीट शेयरिंग को लेकर पूछे गए सवाल के संदर्भ में सामने आया है। बयान के बाद यूपी की राजनीतिक चर्चाओं में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नोट: सोशल मीडिया पर चल रहे “यूपी में खेला होगा” वाले अतिरिक्त दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1
- अयोध्या। प्रेस क्लब में उत्तर प्रदेश समूह सखी कैडर संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अयोध्या। प्रेस क्लब में उत्तर प्रदेश समूह सखी कैडर संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अयोध्या के साथ-साथ सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समूह सखियों ने भाग लिया। बैठक में संगठन को मजबूत करने समूह सखियों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में पूजा श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश समूह सखी कैडर संघ का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित समूह सखियों ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने तथा समूह सखियों की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए एकजुट होकर कार्य किया जाएगा। बैठक में कहा गया कि 15 सितंबर 2026 को गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को मांग-पत्र ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की ओर से मांगों के संबंध में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया या आश्वासन नहीं मिला है। इस पर समूह सखियों ने चिंता व्यक्त की।प्रदेश अध्यक्ष पूजा श्रीवास्तव ने कहा कि समूह सखियां अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगी।2