चंदनकियारी-बरमसिया मुख्य मार्ग स्थित एनएच-218 पर शुक्रवार शाम ओरावडीह गांव के ग्रामीणों का आक्रोश उस समय फूटा जब सड़क चौड़ीकरण कार्य में कथित लापरवाही के विरोध में उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग घायल हो रहे हैं। उनके अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं लेकिन उन्हें सुरक्षित करने के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। इसके अलावा, सड़क पर जगह-जगह बालू, गिट्टी और चिप्स बिखरे पड़े हैं, जिससे लगभग हर दिन कोई न कोई बाइक सवार फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब ग्रामीण सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवाज़ उठाते हैं, तो निर्माण कंपनी के मुंशी द्वारा उन्हें रंगदारी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इसी आक्रोश के परिणामस्वरूप शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और एनएच-218 को जाम कर दिया, निर्माण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर बरमसिया पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। पुलिस ने तत्काल सड़क पर रेडियम और चेतावनी चिह्न लगवाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की। साथ ही, ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शनिवार को संवेदक और संबंधित अधिकारियों को बुलाकर स्थायी समाधान निकाला जाएगा तथा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। पुलिस के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
चंदनकियारी-बरमसिया मुख्य मार्ग स्थित एनएच-218 पर शुक्रवार शाम ओरावडीह गांव के ग्रामीणों का आक्रोश उस समय फूटा जब सड़क चौड़ीकरण कार्य में कथित लापरवाही के विरोध में उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग घायल हो रहे हैं। उनके अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं लेकिन उन्हें सुरक्षित करने के लिए न
तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। इसके अलावा, सड़क पर जगह-जगह बालू, गिट्टी और चिप्स बिखरे पड़े हैं, जिससे लगभग हर दिन कोई न कोई बाइक सवार फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब ग्रामीण सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवाज़ उठाते हैं, तो निर्माण कंपनी के मुंशी द्वारा उन्हें
रंगदारी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इसी आक्रोश के परिणामस्वरूप शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और एनएच-218 को जाम कर दिया, निर्माण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर बरमसिया पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। पुलिस ने तत्काल सड़क पर रेडियम और चेतावनी चिह्न लगवाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की। साथ ही, ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शनिवार को संवेदक और
संबंधित अधिकारियों को बुलाकर स्थायी समाधान निकाला जाएगा तथा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। पुलिस के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए गए तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
- धनबाद में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने हेलमेट थीम पर बने अत्यधिक ट्रैफिक पोस्ट का उद्घाटन किया। यह जानकारी नीरज कुमार ने साधना न्यूज के माध्यम से साझा की है।1
- भरत तिवारी की मौत के बाद पूरे बिहार में सवालों का एक बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या यह एक वैध पुलिस कार्रवाई थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। पूरे बिहार में लोगों के मन में कई सवालों के जवाब बाकी हैं, जिससे राज्य में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- गोबिंदपुर थाना क्षेत्र के आसनबनी निवासी अकबर अंसारी के हत्याकांड मामले में आसनबनी 2 पंचायत के मुखिया गयासुद्दीन अंसारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।1
- चंद्रपुरा प्रखंड के नर्रा पंचायत स्थित शिव-पार्वती मंदिर परिसर में शनिवार को शिव आस्था और लोकविश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ परंपरागत विधि-विधान के साथ भोक्ता पर्व मनाया गया, जिसे आस्था का महापर्व बताया गया। इस पर्व पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलने और पीठ पर लोहे की कील चुभवाने जैसे हैरतअंगेज रिवाजों को देखने के लिए आतुर थे। इसके साथ ही, 40 फीट ऊंचे झूले से शिव भक्ति का एक अद्भुत नजारा भी प्रस्तुत किया गया, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।4
- निरसा स्थित चापापुर ओसीपी (ओपन कास्ट प्रोजेक्ट) में की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण गोपालगंज से बेनागोड़िया जाने वाली ग्रामीण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए चापापुर ओसीपी का कार्य बंद करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चापापुर ओसीपी प्रबंधन, स्थानीय ग्रामीणों, जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और श्रमिक नेता अशोक मंडल के बीच एक वार्ता आयोजित की गई। लंबी चर्चा के बाद, वार्ता सफल रही और प्रबंधन ने ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने धंसी हुई सड़क की जल्द मरम्मत कराने, क्षेत्र की बिजली समस्या का समाधान करने, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों की मांग पर एक मंदिर का निर्माण कराने का भरोसा दिलाया। इन आश्वासनों के बाद, ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और ओसीपी का कार्य पुनः शुरू हो गया। हालांकि, श्रमिक नेता अशोक मंडल ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग के कारण क्षेत्र में भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 100 वर्ष पुरानी पीडब्ल्यूडी सड़क भी ब्लास्टिंग के प्रभाव से क्षतिग्रस्त हो गई है। मंडल ने आरोप लगाया कि डीजीएमएस के नियमों के अनुसार आबादी, सड़क और मकानों के 100 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग नहीं की जा सकती, लेकिन इन नियमों की अनदेखी कर काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।7
- Post by Khurshid Parvez1
- निरसा, गोपालगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कथित तौर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शनिवार को अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में छात्राओं को न तो पर्याप्त पेयजल मिल रहा है और न ही बिजली की उचित व्यवस्था है, जिसके कारण भीषण गर्मी के बीच उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) लेने का दबाव बना रहा है। नौवीं कक्षा की एक छात्रा लक्ष्मी गोराई ने भी भावुक होते हुए विद्यालय में पानी की कमी और छात्राओं से रोटी बनवाने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, साथ ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय की समस्याओं का जल्द समाधान करने तथा छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की है। वहीं, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या सबा नाज ने अभिभावकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन छात्राओं की देखभाल पूरी जिम्मेदारी से करता है। प्रधानाचार्या के अनुसार, छात्राओं से सप्ताह में दो दिन रोटी बनवाई जाती है, जो कि उनकी गतिविधियों (एक्टिविटी) का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य उन्हें व्यवहारिक कौशल से परिचित कराना है। फिलहाल, अभिभावकों के आरोपों और विद्यालय प्रशासन के स्पष्टीकरण के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।6
- धनबाद जिले के बाघमारा स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई बमबारी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस हमले में कमलेश्वर बेलदार के घर को निशाना बनाया गया, जिससे उनके घर का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, वहीं क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।1