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- किशनगंज पश्चिम पल्ली में ट्रेफिक जामःराहगीर और गाड़ी ड्राइवर घंटों फंसे,आना-जाना हुआ बाधितकिशनगंज शहर के पश्रिम पल्ली इलाके में भीषणट्रेफिक जाम से राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं।इमली गोला चौक से मारवाडी कॉलेज तक सड़क परलंबा जाम लग रहा है, जिससे सामान्य दूरी तय करनेमें आधे से एक घंटे का समय लग रहा है। यह समस्याविशेष रूप से सुबह और1
- इस सख्श को देखिए ये पूर्णिया का रहने वाला अशोक ठाकुर जी हैं इसने अपने जीवनकाल मैं हमेशा गलत करने वाले को गलत कहते रह गया बड़े बड़े दिग्गज नेता को हमेशा चैलेंज करते रहते थे और भू माफिया के खिलाफ आवाज भी उठाते रहते थे लेकिन अचानक इस दुनिया को छोड़ कर जाना ये काफी चिंता का विषय हैं इस पर जांच होनी चाहिए1
- Post by Purushottam Yadav @1211
- बिन ब्याह है लड़की को हो गया। बच्चा क्या समाज इसे रहने देगा।1
- जय नीतीश कुमार1
- सदानपुर Aaj Khan bahut khane ke liye Gaya Hua sadanandpur ki Janwar ward Panch number ward1
- किशनगंज के प्राइवेट अस्पताल में बड़ाखुलासा: एम्बुलेस ड्राइवर कर रहा था मरीजका इलाज, बिना डिग्र टांके लगाते वीड़ियोवायरल, जांच टीम पहुंची किशनगंज के फातिमा हेल्थ केयर मल्टीस्पेशलिटीहॉस्पिटल मेंें एक गंभीर मामला सामने आया है। यहांएक एम्बुलेंस ड्राइवर असलम आलम पर मरीज काइलाज करने का आरोप है। सोशल मीड़िया पर वायरलएक वीडियो में असलम आलम एक घायल मरीज के पैरमें टांके लगाते हुए दिख रहे हैं।1
- RPIA rashtriy sachiv basukinath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar ऑल इंडिया रेलवे सु साइन वर्कर यूनियन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय मानवाधिकारप्रदेश अध्यक्ष बिहार भारतीय सोनार संघ के राष्ट्रीय संरक्षक भारतीय गौ रक्षा संगठन प्रदेश अध्यक्ष बिहार भारतीय पुलिस इंडिया रिफॉर्म प्रदेश अध्यक्ष बिहार भारतीय1
- यह घटना शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी है। इस मामले में हाल ही में (जनवरी 2026) एक बड़ा अपडेट आया है, जिसकी वजह से यह खबर फिर से चर्चा में है: * घटना की तारीख: 24 नवंबर 2024। * मामला: 'आलम' नाम के एक युवक के परिवार ने आरोप लगाया था कि जब वह बिस्किट बेचने निकला था, तो पुलिस की फायरिंग में उसे तीन गोलियां (दो पीठ में और एक हाथ में) लगी थीं। * ताजा अपडेट (14 जनवरी 2026): संभल की सीजेएम (CJM) कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन सीओ (CO) अनुज चौधरी, कोतवाल और करीब 15-20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश इसलिए दिया क्योंकि युवक के शरीर से निकली गोलियों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस आदेश को 'अवैध' बताते हुए ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।1