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कटिहार के तारापुर घाट पर बना बांस का चचरी पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। इससे बिहार और बंगाल के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, कुछ लोग और बाइक नदी में गिरे लेकिन सुरक्षित बचाए गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था और स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है।
Asadur Rahman
कटिहार के तारापुर घाट पर बना बांस का चचरी पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। इससे बिहार और बंगाल के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, कुछ लोग और बाइक नदी में गिरे लेकिन सुरक्षित बचाए गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था और स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है।
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- कटिहार जिले के खेरिया गाँव में वर्षों से हो रहे नदी कटाव को रोकने के लिए जियो पैकिंग का काम तेज़ी से जारी है। डीएम समेत जिला प्रशासन की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर मानसून से पहले कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को अब राहत की उम्मीद है।3
- कटिहार में एक पति ने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। उसने धमकी दी कि वह जहर खाकर अपनी पत्नी को जेल भिजवा देगा। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक हिंसा भड़क उठी है। भाजपा की जीत और ममता बनर्जी की हार के बाद राज्य के कई हिस्सों में जानलेवा झड़पें और मौतें हुई हैं। इस हिंसक माहौल ने देशभर में चिंता पैदा कर दी है।1
- जलालगढ़ पंचायत के वार्ड नंबर 3 में बना सोकता फेल ।वर्षा का पानी आंगन और घरों में प्रवेश। जलालगढ़ पंचायत के वार्ड नंबर 3 में घटवार टोला में बराबर का पानी के जमा हो जाने से पंचायत स्तर से सोखता का निर्माण करीब 2 वर्ष पूर्व किया गया। जलालगढ़ पंचायत के वार्ड नंबर 3 में बना सोकता फेल ।वर्षा का पानी आंगन और घरों में प्रवेश। जलालगढ़ पंचायत के वार्ड नंबर 3 में घटवार टोला में बराबर का पानी के जमा हो जाने से पंचायत स्तर से सोखता का निर्माण करीब 2 वर्ष पूर्व किया गया। किंतु दो-चार महीना तो सोखता सही ढंग से चला किंतु जब अधिक पानी का जमाव होने लगा सोखता के छोटा पड़ जाने के कारण पानी अधिक जमा होने के कारण तथा निकासी नहीं होने के कारण वर्षा का पानी अब लोगों के घरों आंगन में भरा रहता है। क्योंकि जल निकासी का कोई रास्ता नहीं रहने के कारण लोगों को गंदा पानी में रहने से मच्छरों ,मक्खियों के प्रकोप से लोग परेशान रहते हैं। तथा तरह-तरह का बीमारी एक परेशान रहते हैं। आंगन में पानी के जमाव रहने से ट्यूबवेल से पानी भी गंदा निकलता है। दरवाजे पर एवं आंगन में बराबर पानी रहने से मवेशी को भी बांधना भी परिवार वालों के लिए परेशानी बना रहता है। आज तक जल जमाव के जगह पर अस्पताल द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव भी नहीं किया गया है। पानी का जमाव अधिक दिन रह जाने से गंदा हो जाने से दुर्गंध निकलता है जो कई बीमारियों को जन्म देती है। समय रात के अगर वार्ड नंबर 3 के लोगों को कई बीमारियों से जूझना पड़ेगा। नई विधायक नहीं सांसद नहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि ही जल जमाव की समस्या की ओर ध्यान दे रहे हैं।1
- कहलगांव में दो गहरे दोस्तों की कहानी सामने आई है, जिनकी पढ़ाई साथ हुई पर जीवन की राहें अलग हो गईं। एक दोस्त बिहार पुलिस में भर्ती हो गया, तो दूसरा गांव में रहकर समाज सेवा करने लगा। उनकी शादी में भी यह अंतर साफ दिखा, जहां दोनों की खुशियां और माहौल काफी अलग थे।2
- बिहार के कटिहार जिले में एक मुखिया पर जानलेवा हमला हुआ है। इस मामले में एक वार्ड सदस्य पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- जलालगढ़ प्रखंड के हांसी बेगमपुर पंचायत के संध्वा रहिका से दक्षिण बिशनपुर नहरपुर तक जाने वाली करीब 2 किलोमीटर सड़क की स्थिति जर्जर। जलालगढ़ एक संवाददाता। हांसी बेगमपुर पंचायत के संधुआ रहिका से पूर्व सरपंच वीरेंद्र पासवान के घर के दक्षिण बिशनपुर नहर पूल तक जाने वाली सड़क की स्थिति हल्की बारिश होने पर चलने लायक नहीं रहती है। सड़क पर पैदल चलना भी खतरे से खाली बना रहता है। अगर गांव में कोई आकस्मिक घटना घट जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ जाए तो काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। उसे सड़क पर टोटो , टेंपो, कार आदि सवारी गाड़ी का चलन दूभर है। बरसात में तो एकमात्र सवारी ट्रैक्टर है। सड़क इस कदर क्षतिग्रस्त है कि जगह-जगह घुटने भर गड्ढा हो गया है जहां पानी का जमाव रहता है। गाड़ी चालक को पता नहीं चल पाता है कि सड़क कहां है आऔरगढा कहां है। हमेशा खतरा बना रहता है। जबकि वह सड़क इलाके का प्रमुख सड़क है उस सड़क से प्रतिदिन बिशनपुर,देवधा,वैसा रहिका आदि गांव के सैकड़ों लोगों का आने जाने का एकमात्र रास्ता है । किसानों को अपने खेत से उत्पादित अनाज को घर तक ले जाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों में पूर्व सरपंच वीरेंद्र पासवान, जनार्दन पासवान, नित्यानंद पासवान, बुद्धन ऋषि शंकर मेहता सीताराम मेहता आदि क्या कहना है कि आजादी के बरसों बीत जाने के बाद भी सड़क नहीं बन पाया। विभाग से एवं स्थानीय सांसद एवं विधायक से सड़क की दुर्दशा पर ध्यान देते हुए अविलंब निर्माण की ओर ध्यान देने की मांग की है। जलालगढ़ प्रखंड के हांसी बेगमपुर पंचायत के संध्वा रहिका से दक्षिण बिशनपुर नहरपुर तक जाने वाली करीब 2 किलोमीटर सड़क की स्थिति जर्जर। जलालगढ़ एक संवाददाता। हांसी बेगमपुर पंचायत के संधुआ रहिका से पूर्व सरपंच वीरेंद्र पासवान के घर के दक्षिण बिशनपुर नहर पूल तक जाने वाली सड़क की स्थिति हल्की बारिश होने पर चलने लायक नहीं रहती है। सड़क पर पैदल चलना भी खतरे से खाली बना रहता है। अगर गांव में कोई आकस्मिक घटना घट जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ जाए तो काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। उसे सड़क पर टोटो , टेंपो, कार आदि सवारी गाड़ी का चलन दूभर है। बरसात में तो एकमात्र सवारी ट्रैक्टर है। सड़क इस कदर क्षतिग्रस्त है कि जगह-जगह घुटने भर गड्ढा हो गया है जहां पानी का जमाव रहता है। गाड़ी चालक को पता नहीं चल पाता है कि सड़क कहां है आऔरगढा कहां है। हमेशा खतरा बना रहता है। जबकि वह सड़क इलाके का प्रमुख सड़क है उस सड़क से प्रतिदिन बिशनपुर,देवधा,वैसा रहिका आदि गांव के सैकड़ों लोगों का आने जाने का एकमात्र रास्ता है । किसानों को अपने खेत से उत्पादित अनाज को घर तक ले जाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों में पूर्व सरपंच वीरेंद्र पासवान, जनार्दन पासवान, नित्यानंद पासवान, बुद्धन ऋषि शंकर मेहता सीताराम मेहता आदि क्या कहना है कि आजादी के बरसों बीत जाने के बाद भी सड़क नहीं बन पाया। विभाग से एवं स्थानीय सांसद एवं विधायक से सड़क की दुर्दशा पर ध्यान देते हुए अविलंब निर्माण की ओर ध्यान देने की मांग की है।1
- भागलपुर के कहलगांव में गांव समाज के भीतर वीडियो बनाने वाले लोगों को लगातार ताने और सामाजिक दबाव झेलना पड़ रहा है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में नए कंटेंट क्रिएटर्स के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।1