बिजनौर के चांदपुर स्थित धीवरपुरा गांव में शराब की दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। नशेड़ी पतियों से त्रस्त इन महिलाओं ने एकजुट होकर दुकान को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि गांव में यह शराब की दुकान खुलने के बाद से ही पूरे माहौल में गिरावट आई है, जहाँ उनके पति और अन्य पुरुष रोजाना शराब पीकर घर आते हैं। महिलाओं ने बताया कि शराब के नशे में ये पुरुष छोटी-छोटी बातों पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और घरेलू हिंसा करते हैं। इस बिगड़ते माहौल के कारण परिवारों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, और बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन से अपनी शिकायत पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव में बढ़ती शराबखोरी और घरेलू हिंसा पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शराब की दुकान जल्द बंद नहीं की जाती, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी, क्योंकि गांव की शांति और परिवारों की खुशहाली के लिए इस दुकान को हटाना बेहद आवश्यक है।
बिजनौर के चांदपुर स्थित धीवरपुरा गांव में शराब की दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। नशेड़ी पतियों से त्रस्त इन महिलाओं ने एकजुट होकर दुकान को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि गांव में यह शराब की दुकान खुलने के बाद से ही पूरे माहौल में गिरावट आई है, जहाँ उनके पति और अन्य पुरुष रोजाना शराब पीकर घर आते हैं। महिलाओं ने बताया कि शराब के नशे में ये पुरुष छोटी-छोटी बातों पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और घरेलू हिंसा करते हैं। इस बिगड़ते माहौल के
कारण परिवारों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, और बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन से अपनी शिकायत पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव में बढ़ती शराबखोरी और घरेलू हिंसा पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शराब की दुकान जल्द बंद नहीं की जाती, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी, क्योंकि गांव की शांति और परिवारों की खुशहाली के लिए इस दुकान को हटाना बेहद आवश्यक है।
- एक महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि चौकी से उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उसे उच्च अधिकारी के पास जाना पड़ा।1
- मुज़फ्फरनगर जनपद के छपार थाना प्रांगण में आगामी कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने नेशनल हाईवे-58 पर स्थित सभी होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ संवाद किया। अधिकारियों ने सभी संचालकों से कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की अपील की। उन्हें अपने प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने, साफ-सफाई बनाए रखने और खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से कहा कि हाईवे पर जाम की स्थिति से बचने के लिए ढाबा संचालक अपने यहां वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराएं। साथ ही, ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए भी निर्देशित किया गया।2
- मुजफ्फरनगर शहर के शांतिनगर स्थित कंबोज हॉस्पिटल में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया जब पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) के ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार करते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद के देवबंद थानांतर्गत ग्राम अमरपुर गढ़ी निवासी अमरदीप पुत्र ताराचंद का 15 जनवरी को कंबोज हॉस्पिटल में दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों, जिनमें मरीज की पत्नी संजो भी शामिल हैं, का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी मरीज का दर्द खत्म नहीं हुआ और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल आने के बावजूद मरीज को राहत नहीं मिली और धीरे-धीरे उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे एम्स ऋषिकेश रेफर करना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सही इलाज मिलता तो मरीज की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती; परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कंबोज हॉस्पिटल के संचालक डॉ. पी.के. कंबोज ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि मरीज का गॉलब्लैडर ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन के बाद भी दर्द की शिकायत रहने पर मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया, जहां जांच में पित्त की नली (बाइल डक्ट) में गांठ होने की जानकारी मिली। डॉ. कंबोज ने बताया कि उस गांठ में कैंसर की आशंका का भी उल्लेख है और उसका उपचार एम्स जैसे सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की वर्तमान बीमारी का ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल, मरीज का इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है, जैसा कि परिजनों ने बताया है। अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच इन परस्पर विरोधी दावों के चलते, यह स्पष्टीकरण चिकित्सकीय रिकॉर्ड और विशेषज्ञ जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि मरीज की स्थिति किन कारणों से बिगड़ी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।3
- यशवीर महाराज जी द्वारा फुलत मदरसे में कई लोगों के धर्मांतरण का आरोप लगाए जाने के तुरंत बाद, मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। इस आरोप के चलते रतनपुरी पुलिस और LIU की पूरी टीम फुलत मदरसे पहुंची।1
- फैजान नट की खबर के मुताबिक, एक छोटे बच्चे को बड़ों का हुक्का पीते हुए देखा गया है। इस दौरान बच्चे के शैतानी भरे अंदाज को दर्शाया गया है।1
- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पुरकाज़ी विधानसभा क्षेत्र में जनता से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी ने लोगों के लिए 'शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान' की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है, वहीं साथ ही 'रोटी, कपड़ा और मकान' जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित करने की मांग की है। यह अपील हिंदू और मुस्लिम समेत आम जनता के लिए है।1
- मुज़फ्फरनगर में अरिस्टो पेपर मिल के गंदे पानी के कारण एक नाला पूरी तरह जाम हो गया है, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (NH-58) पर गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कड़ा रुख अपनाया है और चेतावनी जारी की है। भाकियू ने स्पष्ट किया है कि यदि 8 जुलाई तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन मिल के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देगा।1
- मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल क्षेत्र के ग्राम रोनी हरजीपुर के पास एक 17 वर्षीय छात्र के साथ मारपीट, मोबाइल लूटने और कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब छात्र अपनी कोचिंग से लौट रहा था। परिजनों के अनुसार, इस घटना में घायल हुए छात्र का सात दिनों तक अस्पताल में उपचार चला। पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- किसान नेता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले पर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस घटना को "दुखद" बताया और इसे आस्था का सवाल कहा। टिकैत ने स्पष्ट किया कि भारत में फाइनेंशियल क्राइम को अक्सर बड़ा अपराध नहीं माना जाता, जिसके कारण बड़े-बड़े वित्तीय अपराध करने वाले भी अक्सर सज़ा से बच निकलते हैं। उन्होंने पुराने मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा कि "खजाना और जनाना पहरे में भी लूटते हैं", और पुलिस से इस "गैंग" में शामिल सभी लोगों की जांच करने तथा ऐसे चोरों को चिन्हित करने की मांग की। टिकैत ने स्वीकार किया कि प्रशासन और पुलिस इस मामले की देखरेख कर रहे हैं, एक रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है, कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया है, और एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी हो रहा है। इसके बावजूद, उनका मानना है कि चोरी का मामला आस्था से अलग है, और राम में लोगों की आस्था बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों ने तो आस्था के साथ चंदा दिया था। टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि जिसकी जहां ड्यूटी लगी, जैसे कि नोट गिनने की, उन्होंने वहीं से "माल उठा लिया"। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस "गैंग" में शामिल सभी लोगों की गहराई से जांच करने का आग्रह किया। राकेश टिकैत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि ट्रस्टी इस चोरी में शामिल हैं, क्योंकि ट्रस्टियों ने ही कुछ लोगों को पकड़वाने में मदद की है। उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिनकी खजाने पर ड्यूटी थी, यह कहते हुए कि "माल तो मार गए बंदर कुत्तों को फांसी" – यानी बड़े लोग बच गए और छोटे लोग पकड़े गए।4