रामगंजमंडी के जुल्मी गांव में शुक्रवार को महिलाओं और ग्रामीणों ने भीषण पेयजल संकट के विरोध में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह-सात दिनों से उनके गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। सुबह करीब सात बजे, महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आईं और नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें सड़क जाम करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। धरने और जाम की सूचना मिलने पर लगभग ढाई घंटे बाद जलदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया कि अब उनके क्षेत्र में हर दूसरे दिन जलापूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे भविष्य में एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
रामगंजमंडी के जुल्मी गांव में शुक्रवार को महिलाओं और ग्रामीणों ने भीषण पेयजल संकट के विरोध में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह-सात दिनों से उनके गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। सुबह करीब सात बजे, महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आईं और नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के
बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें सड़क जाम करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। धरने और जाम की सूचना मिलने पर लगभग ढाई घंटे बाद जलदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया कि अब उनके क्षेत्र में हर दूसरे दिन जलापूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे भविष्य में एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र1
- Post by Mahendar.merotha2
- कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- एक कच्चे मकान को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि वह कब तक कच्चा रहेगा, और उसे पक्का कब बनवाया जाएगा।1
- राजस्थान के कोटा में एक परिवार को अपना घर बनाने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा, जहाँ वर्षों किराए के मकान में रहने के बाद अपने आशियाने का सपना साकार करने की दहलीज पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। भूमि खरीदने, मुहूर्त निकालने और भूमि पूजन के बाद भी, काम नहीं चला और यहाँ तक कि तीसरी बार भूमि पूजन कराने पर भी भूमि मौन रही, मानो वह कह रही हो — अभी नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल इस एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की कहानी है जो वास्तु को केवल एक रस्म समझकर उसकी गहरी विज्ञान को नजरअंदाज कर देते हैं। इस मामले में हुई एक प्रमुख गलती यह थी कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भूमि पूजन नैऋत्य (Southwest) क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन इसे दक्षिण-नैऋत्य (South-Southwest) क्षेत्र में किया गया। वास्तु विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कई लोग इस 'कुछ डिग्री के फर्क' को मामूली मान सकते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में ऊर्जा के प्रवाह पर इसका गहरा असर पड़ता है, ठीक वैसे ही जैसे कुछ डिग्री का अंतर किसी विमान को दूसरे देश में या जहाज को उसकी मंजिल से भटका सकता है। वास्तु 32 दिशात्मक ऊर्जा खंडों पर काम करता है, जिसके तहत दक्षिण और नैऋत्य के बीच भी अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्र होते हैं। जहाँ नैऋत्य क्षेत्र स्थायित्व, भूमि तत्व, निर्माण की मजबूती, पारिवारिक नियंत्रण और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, वहीं दक्षिण-नैऋत्य क्षेत्र कई स्थितियों में रुकावट, असंतुलन और ऊर्जा अवरोध का कारण बन सकता है, जिससे निर्माण शुरू होकर रुक जाना, धन अटकना, मजदूर न मिलना या बिना कारण निर्माण का टलना जैसी बाधाएं आती हैं। इसीलिए वास्तु विशेषज्ञ केवल कम्पास नहीं, बल्कि डिग्री भी देखते हैं। इसके अतिरिक्त, दूसरी गंभीर गलती यह थी कि भूमि पूजन के समय पंडित जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर था। वैदिक अनुष्ठानों में दिशा केवल बैठने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का मार्ग निर्धारित करती है, जिससे मंत्र शक्ति, संकल्प और आह्वान सही ऊर्जा केंद्र तक पहुँचते हैं। ऋषियों ने भूमि को केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं माना, बल्कि उसे 'वास्तुपुरुष का शरीर' कहा है। इस संदर्भ में, भूमि पूजन कोई सामान्य 'फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम' नहीं, बल्कि यह वास्तुपुरुष से अनुमति लेने का एक संस्कार है, भूमि को जागृत करने का विज्ञान है। यह ग्रह, दिशा, ऊर्जा और संकल्प का संगम है।1
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोटा की टीम ने कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदाकर्मी कपिल राज खींची को ₹15,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। संविदाकर्मी कपिल यह रिश्वत ऑफिस के बाबू जुगल किशोर मीणा के लिए ले रहा था। यह रिश्वत एक मकान का नामांतरण करने की एवज में मांगी गई थी, जिसके लिए दोनों आरोपियों ने परिवादी से कुल ₹50,000 की मांग की थी। इसमें से ₹20,000 पहले ही लिए जा चुके थे, और शेष राशि में से ₹15,000 लेते समय ACB टीम ने उन्हें पकड़ा। ACB टीम ने कार्रवाई के दौरान संविदाकर्मी कपिल राज खींची को कैंटीन में पकड़ा, जबकि भागने की कोशिश कर रहे बाबू जुगल किशोर मीणा को रास्ते में ही दबोच लिया। यह कार्रवाई ACB के एडिशनल एसपी (कोटा) विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में की गई। ACB के डीएसपी अनीश अहमद ने बताया कि रिश्वतखोरी का यह मामला आरके पुरम क्षेत्र में एक मकान के नामांतरण से जुड़ा है।2
- किसान मजदूर बचाओ अभियान की गति में पहले से और तेज़ी दर्ज की जा रही है।1
- कोटा के ऐतिहासिक चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। इस प्रकरण की गूंज जयपुर से लेकर दिल्ली तक पहुँच गई है, जिससे शीर्ष स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस हत्याकांड में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद, राज्य सरकार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और कोटा पुलिस को जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने बताया कि ओम बिरला ने भी पुलिस अधिकारियों से हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने पर जोर दिया है। वहीं, इस मामले में सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने मोर्चरी पर धरना दे रहे संत समाज से मुलाकात की। उन्होंने संतों को जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद संत समाज ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर बहादराबाद थाना क्षेत्र में शांताशाह पुलिस चौकी के पास देर रात बाबू ट्रेवल्स की एक निजी यात्री बस में तकनीकी खराबी के कारण भीषण आग लग गई। यह बस हरिद्वार से जयपुर और कोटा जा रही थी, जिसमें कुल 32 यात्री सवार थे और उनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। बस ड्राइवर ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, इस आग में यात्रियों का सारा सामान, बैग और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। विदेशी यात्रियों के पासपोर्ट और वीजा भी आग की भेंट चढ़ गए।1