मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आ रही बिग ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट में ख़ारिज होने पर मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर दिया है, जिससे कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव को लेकर बिना किसी ठोस मुद्दे के विवाद खड़ा कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होना पूरी तरह से तकनीकी मामला था, लेकिन कांग्रेस ने इसे जानबूझकर किया। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को यह अच्छी तरह से मालूम था कि यदि तीसरी सीट पर चुनाव होता, तो भाजपा ही जीतती। क्रॉस वोटिंग के डर और अपनी 'इज्जत बचाने' के लिए कांग्रेस ने 'झूठा फॉर्म' भरा, और जब फॉर्म खारिज हो गया, तो राजनीतिक स्टंटबाजी शुरू कर दी। विश्वास सारंग ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की याचिका खारिज होने से यह पुनः स्थापित हो गया है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मज़ाक उड़ाती है और उनके साथ छेड़छाड़ करती है। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का भी उल्लेख किया, जो सुप्रीम कोर्ट को ही 'चोर' कह रहे हैं, जिसे सारंग ने कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता का परिचायक बताया। मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को 'सही निर्णय' बताते हुए कांग्रेस को 'बेईमानी की राह' पर चलने वाली पार्टी करार दिया।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आ रही बिग ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट में ख़ारिज होने पर मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर दिया है, जिससे कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव को लेकर बिना किसी ठोस मुद्दे के विवाद खड़ा कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होना पूरी तरह से तकनीकी मामला था, लेकिन कांग्रेस ने इसे जानबूझकर किया। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को यह अच्छी तरह से मालूम था कि यदि तीसरी सीट पर चुनाव होता, तो भाजपा ही जीतती। क्रॉस वोटिंग के डर और अपनी 'इज्जत बचाने' के लिए कांग्रेस ने 'झूठा फॉर्म' भरा, और जब फॉर्म खारिज हो गया, तो राजनीतिक स्टंटबाजी शुरू कर दी। विश्वास सारंग ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की याचिका खारिज होने से यह पुनः स्थापित हो गया है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मज़ाक उड़ाती है और उनके साथ छेड़छाड़ करती है। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का भी उल्लेख किया, जो सुप्रीम कोर्ट को ही 'चोर' कह रहे हैं, जिसे सारंग ने कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता का परिचायक बताया। मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को 'सही निर्णय' बताते हुए कांग्रेस को 'बेईमानी की राह' पर चलने वाली पार्टी करार दिया।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि नीट परीक्षा के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। राज्य सरकार परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, मध्य प्रदेश सरकार परीक्षार्थियों के आवागमन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भी व्यापक प्रबंध कर रही है, ताकि उन्हें परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- मध्यप्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए वन टाइम फीस (OTF) लागू करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने ग्वालियर में "रन फॉर OTF" मैराथन का आयोजन किया। युवा कांग्रेस ने इस मैराथन के साथ ही प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत भी ग्वालियर से करने का ऐलान किया है। यह मैराथन मेला ग्राउंड से शुरू हुई और आकाशवाणी, रेलवे ओवरब्रिज और पड़ाव होते हुए फूलबाग मैदान पर जाकर समाप्त हुई। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान युवाओं से वन टाइम फीस लागू करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार अपना यह वादा भूल गई। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने स्पष्ट रूप से मांग की कि राजस्थान की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी OTF लागू किया जाए, ताकि छात्रों को हर भर्ती परीक्षा के लिए अलग-अलग फीस न भरनी पड़े। इस मैराथन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, PCC चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, अशोक सिंह, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और पीसी शर्मा सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए।4
- भोपाल में मोहर्रम की पहली तारीख के मौके पर एक भव्य परचम कुशाई का जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान हर तरफ 'या हुसैन' के नारे गूंज उठे, जिससे माहौल में जोश भर गया।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक हैरान कर देने वाली और सोच में डाल देने वाली सनसनीखेज खबर सामने आई है, जो बताती है कि दूसरों के मामलों में दखल देना कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है। पुलिस को यह शिकायत मिली थी कि एक घर में पति-पत्नी के बीच भयंकर झगड़ा और मारपीट हो रही है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की एक टीम मौके पर मामला शांत कराने पहुंची। लेकिन, हैरानी की बात यह रही कि जो पति-पत्नी कुछ देर पहले तक एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए थे, उन्होंने पुलिस को देखते ही अपना सारा गुस्सा पुलिसकर्मियों पर निकाल दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भला-बुरा कहना और उनके सरकारी काम में बाधा डालना शुरू कर दिया।1
- हाल ही में संपन्न हुई एक पहली प्रस्तुति, जिसमें 'फूल तुम्हे भेजा है खत में फूल नहीं मेरा दिल है' जैसी भावपूर्ण पंक्तियाँ शामिल थीं, 'शानदार' और 'यादगार' बन गई है। इस प्रदर्शन को अवश्य सुनने के लिए कहा गया है।1
- भोपाल में बारिश की पहली ही बूँदों ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। शहर की जल निकासी व्यवस्था शुरुआती बारिश में ही चरमरा गई, जिससे आने वाली भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका है।1
- राज्यसभा चुनाव को लेकर छिंदवाड़ा में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार एवं चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया और विरोध स्वरूप नकली नोट हवा में उड़ाकर "लोकतंत्र की हत्या" का गंभीर आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले "वोट चोरी", फिर "पेपर लीक" और अब राज्यसभा सीट "चोरी" करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान बताया। कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के संदर्भ में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन महिला नेता को अवसर देने की बारी आने पर उसका रवैया बदल जाता है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है और सवाल उठाया कि विधानसभा में पर्याप्त संख्या होने के बावजूद भाजपा को अतिरिक्त राज्यसभा सीट हासिल करने की इतनी चिंता क्यों है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और तख्तियां लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। NSUI जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस और NSUI का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के अंत में भाजपा सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और चुनाव आयोग से अपनी निष्पक्षता बनाए रखने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की मांग की।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को शांत कराने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, घटना ने ऐसा अप्रत्याशित मोड़ ले लिया कि विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम खुद ही इस झगड़े का हिस्सा बन गई। यह घटना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई है कि आखिर घटनास्थल पर ऐसा क्या हुआ, जिससे सुलह कराने पहुंची टीम ही विवाद में उलझ गई।1