यूजीसी नियमों के विरोध में स्वर्ण समाज का धरना, ज्ञापन सौंपा l अमरोहा। 02/02/2026 स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर, अमरोहा में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में समाज के युवाओं सहित सर्व समाज के लोगों ने भाग लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी का यह कानून समाज को जातियों में विभाजित करने वाला है, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचेगा। उनका आरोप है कि इस कानून में गंभीर वैधानिक खामियां हैं और यह न तो एससी/एसटी, न ओबीसी और न ही सामान्य वर्ग के हित में है। आंदोलन के समर्थन में विश्व हिंदू महासंघ के गौ रक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री अवनीश कुमार चौहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कानून सनातन धर्म के लिए काला कानून है, जो समाज में विभाजन, नफरत और टकराव को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज को तोड़ने वाले किसी भी कानून का समर्थन नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रारंभ में प्रशासनिक स्तर पर संवाद न होने से असंतोष की स्थिति बनी, लेकिन आंदोलनकारियों के शांतिपूर्ण और दृढ़ रुख के बाद जिलाधिकारी द्वारा स्वयं ज्ञापन स्वीकार किया गया। स्वर्ण समाज ने मांग की कि समाज-विभाजक इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए और शिक्षा नीति समाज को जोड़ने वाली हो।
यूजीसी नियमों के विरोध में स्वर्ण समाज का धरना, ज्ञापन सौंपा l अमरोहा। 02/02/2026 स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर, अमरोहा में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में समाज के युवाओं सहित सर्व समाज के लोगों ने भाग लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी का यह कानून समाज को जातियों में विभाजित करने वाला है, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचेगा। उनका
आरोप है कि इस कानून में गंभीर वैधानिक खामियां हैं और यह न तो एससी/एसटी, न ओबीसी और न ही सामान्य वर्ग के हित में है। आंदोलन के समर्थन में विश्व हिंदू महासंघ के गौ रक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री अवनीश कुमार चौहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कानून सनातन धर्म के लिए काला कानून है, जो समाज में विभाजन, नफरत और टकराव को बढ़ावा दे सकता
है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज को तोड़ने वाले किसी भी कानून का समर्थन नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रारंभ में प्रशासनिक स्तर पर संवाद न होने से असंतोष की स्थिति बनी, लेकिन आंदोलनकारियों के शांतिपूर्ण और दृढ़ रुख के बाद जिलाधिकारी द्वारा स्वयं ज्ञापन स्वीकार किया गया। स्वर्ण समाज ने मांग की कि समाज-विभाजक इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए और शिक्षा नीति समाज को जोड़ने वाली हो।
- शहर के मशहूर पीलिया (जॉन्डिस) रोग विशेषज्ञ एवं सामाजिक संस्था हाजी चंदा मिया वेलफेयर सोसाइटी के सेक्रेट्री डॉ. सुहैल मिर्जा को गोवा में प्रतिष्ठित एवीसीना लाइफ साइंस हेल्थ केयर अवार्ड दो हजार 26 से सम्मानित किया गया mashkoor Amrohvi JPN 7 NEWS 86304422011
- अमरोहा के गजरौला क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्पोर्ट्स टीचर की मौत हो गई। शहर के सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर के पद पर तैनात मोहित को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक मोहित गजरौला थाना क्षेत्र के मोहल्ला सेफी नगर के निवासी थे और उनकी उम्र करीब 37 वर्ष बताई गई है। बताया गया है कि सोमवार रात करीब 9:30 बजे वह रोज की तरह बाइक से बाजार से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक मोहल्ले के सामने बने रेलवे फ्लाईओवर के पास पहुंची, तभी पीछे से आए किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और घायल मोहित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। #Accident #Breakingnews #Latestnews #explore #viral1
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- विधवा महिलाओं को कंबल वितरण जिला मुरादाबाद की तहसील ठाकुरद्वारा के गाँव राय भूङ में लेखपाल और ग्राम प्रधान की उपस्थिति में विधवा महिलाओं को कंबल का वितरण किया गया1
- https://shuru.co.in/dl/u0RBau सोशल मीडिया पर जेठ-बहू के बीच हुए विवाद का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है sonu das bbc news utarpardesh1
- यह रोड मुरादाबाद से शुरू होकर कांट जाता है मुगलपुर ऊर्फ अगवानपुर कमर्पत रोड है इस रोड पर आए दिन कोई नई दुर्घटना होती है वाहन चालकों को इस रोड की वजह से हर रोज नई समस्या का सामना करना पड़ता है मे पी डब्ल्यू डी के सभी अधिकारियों से अपील करता हूं कि इस रोड को बनानया जाय (धन्यवाद)1
- अमरोहा जनपद में मंगलवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तड़के से ही आसमान में धुंध की मोटी चादर छाई रही और दृश्यता बेहद कम हो गई। कई इलाकों में महज 10 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था। घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर नेशनल हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर देखने को मिला, जहां वाहनों की रफ्तार लगभग थम सी गई। हाईवे पर चल रहे वाहन फॉग लाइट और हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से आगे बढ़ते नजर आए। सुबह दफ्तर, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों ने एहतियातन अपने वाहन सड़क किनारे रोक दिए, ताकि किसी हादसे से बचा जा सके। कोहरे का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। रोडवेज बसें अपने तय समय से देरी से चलीं, जबकि कुछ ट्रेनों के भी लेट होने की सूचना है। ठंड और घने कोहरे के कारण सुबह की सैर पर निकलने वालों की संख्या भी काफी कम रही। प्रशासन और यातायात विभाग की ओर से वाहन चालकों से अपील की गई है कि कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तेज रफ्तार से बचें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी सुबह के समय घने कोहरे की संभावना बनी हुई है।1
- rigth🫡1
- मुरादाबाद: **काम के अत्यधिक दबाव ने छीनी एक और जिंदगी, BLO और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गुलनाज़ तबस्सुम का दिल का दौरा पड़ने से निधन** मुरादाबाद जिले में सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और दबाव की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। मुगलपुरा थाना क्षेत्र के गुइयां बाग, अथर अली रोड निवासी **बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर)** एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गुलनाज़ तबस्सुम का रविवार (2 फरवरी 2026) देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, परिवार और परिजनों के अनुसार, गुलनाज़ पर आंगनवाड़ी केंद्र की जिम्मेदारियों के साथ-साथ चुनावी कार्यों (बीएलओ ड्यूटी) का भारी बोझ था। लगातार दबाव और टारगेट पूरा करने की मजबूरी के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगी थीं। कई बार उन्होंने अधिकारियों से छुट्टी मांगी, लेकिन नहीं मिली। रविवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें पहले सरकारी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च केंद्र रेफर किया गया, जहां रात करीब 9 बजे हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि अत्यधिक कार्यभार और बिना छुट्टी दिए दबाव ने उनकी जान ली है। यह मामला उत्तर प्रदेश में बीएलओ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर बढ़ते काम के बोझ को लेकर पहले से चल रही बहस को और तेज कर रहा है। स्थानीय लोग और सहकर्मी गुलनाज़ तबस्सुम की मौत पर शोक जता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकारी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यभार को लेकर संवेदनशील नीतियां बनाई जाएं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की मांग उठ रही है।1