इडको और अपाचे की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल राठ (हमीरपुर)। राठ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इडको और अपाचे की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल राठ (हमीरपुर)। राठ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जलालपुर रोड स्थित सरसई गांव के पास इको कार और अपाचे बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी राठ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों द्वारायं उसका उपचार किया जा रहा है। घायल युवक राठ कस्बे का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही राठ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और हादसे की जानकारी जुटाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इडको और अपाचे की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल राठ (हमीरपुर)। राठ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इडको और अपाचे की जोरदार भिड़ंत, युवक गंभीर घायल राठ (हमीरपुर)। राठ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जलालपुर रोड स्थित सरसई गांव के पास इको कार और अपाचे बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी राठ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों द्वारायं उसका उपचार किया जा रहा है। घायल युवक राठ कस्बे का निवासी बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही राठ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और हादसे की जानकारी जुटाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
- दुधवा के खेतों में अब भी जमे हैं विदेशी मेहमान, मौसम बदलने के बावजूद पलिया रेंज के पास दिखी प्रवासी परिंदों की टोली पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।1
- Lakhimpur Kheri Uttar Pradesh1
- वन विभाग को मिली सफलता,तेंदुए को पिंजड़े में किया कैद निघासन खीरी दक्षिण निघासन रेंज में बिहारीपुरवा गांव के अलावा गोविंदपुर फार्म में लगातार तेंदुए का आतंक ग्रामीणों को सता रहा था,कई पालतू जानवरों को निगलने के बाद वन दरोगा अखिलेश रावत ने ठीक निशाने पर तेंदुए को पकड़ने का बिछाया जाल,आखिरकार वन दरोगा अखिलेश रावत की टीम को मिली सफलता,दो घंटे के भीतर ही तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद,आस पास के ग्रामीणों को मिली राहत,वन विभाग अपने दावे पर खरा उतरा,वन दरोगा अखिलेश रावत समेत वन कर्मियों की सराहना कर रहे ग्रामीण।1
- Aaj Mandeep Singh ke nivas Sthan Paliya mein Punjab se Kisan milane pahunche1
- Lakhimpur Kheri , अंजनी कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, लखीमपुर खीरी। जनपद में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पूरा स्टॉक उपलब्ध है। अफवाहों में न आएं—केवल जरूरत के अनुसार ईंधन लें। अवैध भंडारण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन हमेशा आपके ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है।1
- जनपद लखीमपुर खीरी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें। अवैध भंडारण या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- ये जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों की पर्चा बनवाने के लिए उमड़ी भीड़ है..... होली के अवकाश के बाद उमड़ी भारी भीड़1
- पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।1