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नर्मदापुरम के बसंत टॉकीज क्षेत्र में क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, इटारसी के तवानगर में टाइगर की मूवमेंट देखी गई है, जिसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। वन विभाग के कर्मचारी रात के अंधेरे में भी टाइगर की खोजबीन में जुटे हुए हैं।
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नर्मदापुरम के बसंत टॉकीज क्षेत्र में क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, इटारसी के तवानगर में टाइगर की मूवमेंट देखी गई है, जिसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। वन विभाग के कर्मचारी रात के अंधेरे में भी टाइगर की खोजबीन में जुटे हुए हैं।
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- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित सेंट पैट्रिक सीनियर हायर सेकंडरी स्कूल में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे छात्र कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नव-निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों, छात्र मंत्रिमंडल और विभिन्न हाउस कैप्टनों ने विद्यालय के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली। विद्यालय के प्राचार्य फादर दिलीप मिंज ने छात्र परिषद के इन नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए एसडीओपी (SDOP) संजू चौहान ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया। इस अवसर पर स्कूल के उन पूर्व छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर विद्यालय और नगर का नाम रोशन किया है। इस पूरे गरिमामयी समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में राजनीतिक घमासान देखने को मिला है, जिसे 'दतिया का दंगल' के रूप में संबोधित किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।1
- दतिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के फैसले के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। इस निर्णय का विरोध करते हुए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय के सामने जमा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के गुस्से का आलम यह रहा कि उन्होंने हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन का असर शहर के जनजीवन पर भी देखने को मिला, जिसके चलते दतिया के कई बाजार बंद रहे। टिकट बदलने के पार्टी के फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है और पूरे घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- भोपाल जिला अभिभाषक संघ का चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, जहां चुनावी सरगर्मियों के बीच वकीलों के विभिन्न समूहों से मिलकर समर्थन मांगा जा रहा है।1
- इटारसी नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर आज सुबह एक्शन मोड में दिखाई दीं। वार्ड नंबर 22 के औचक निरीक्षण के दौरान, सड़क पर कचरा फेंकने वाले एक मकान मालिक पर तत्काल ₹500 का जुर्माना लगाया गया। इस दौरान पार्षद व विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने नालियों पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी करने और पाइपलाइन में हो रहे लीकेज को तुरंत ठीक करने के कड़े निर्देश दिए हैं। #CleanItarsi के संकल्प के साथ यह कार्रवाई शहर में सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।1
- हरदा जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आम किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के चारों प्रमुख मार्गों पर एक घंटे तक सांकेतिक चक्का जाम किया गया और इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों का मुख्य विरोध ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी में प्रति हेक्टेयर मात्र 3 क्विंटल की सीमा तय किए जाने को लेकर है। यूनियन का कहना है कि हरदा में औसत उत्पादकता 15-16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जिसके कारण किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य से कम दर पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा, खरीदी केंद्रों की कमी, खरीफ 2025 की लंबित फसल बीमा राशि का भुगतान न होना और ई-विकास (e-Vikas) प्रणाली की तकनीकी खामियों के कारण उर्वरक मिलने में हो रही देरी किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। आम किसान यूनियन ने मांग की है कि मूंग की शत-प्रतिशत उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए, केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, बीमा राशि का भुगतान तुरंत हो, एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए और उर्वरक वितरण के लिए पुरानी सरल व्यवस्था को बहाल किया जाए। यूनियन ने मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जुलाई से हरदा की मुख्य सड़कों पर व्यापक और चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।4
- गाजियाबाद के नंदग्राम कट के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ डीपीएस स्कूल की एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी बस जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में कोई भी छात्र मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। वहीं बस के ड्राइवर ने भी सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। धुआं, लपटें और राख की ढेरी में तब्दील हुई इस घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों को ले जाने वाली ये गाड़ियां वाकई कितनी सुरक्षित हैं और मेंटेनेंस के नाम पर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती जा रही है।1